मतिज्ञान आदि के स्वरूप में विशेष ज्ञान


#1

मतिज्ञानादि के स्वरूप को विशेष रूप से समझने के लिए कौनसे ग्रंथ का आधार लिया जा सकता है?


#2

गोम्मटसार जीवकाण्ड जी में ज्ञान प्ररूपणा में मिल जाएगा।


#3

तत्त्वार्थसूत्र की समस्त टीकाएँ।
गोम्मटसार
धवला भाग 5(not conform)