नय सापेक्ष ही होते है?

आलाप पद्धति में आता है कि निरपेक्ष नय मिथ्या होते है। क्या यह सिद्धांत सभी नयों पर घटित होता है या मात्र आगम के द्रव्यार्थिक और पर्यायार्थिक नयों के संबंध में?
क्या निश्चय और व्यवहार नय में यह बात घटित होती है? यह बात तो पढ़ने में मिल ही जाती है कि निश्चय के बिना व्यवहार नहीं होता है परंतु क्या उसी प्रकार व्यवहार के बिना निश्चय भी घटित होता है?

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