केवलज्ञान सहित अशुभ कर्मबंध और उदय

#1

जीव को केवलज्ञान होने के पश्चात 13 वे गुणस्थान में किसी प्रकारसे अशुभ कर्म बंध और उदय हो सकता है ? प्रमाण सहित प्रत्युत्तर की नम्र विनती।

#2

13 वें गुणस्वथानवर्ति केवली को साता वेदनीय का ही बंध होता है।
13 वें गुणस्थान में असाता वेदनीय का उदय रहता है,यह बात एकदम स्पष्ट क्योंकि असाता वेदनीय के सद्भाव के कारण वहाँ 11परिषह का सद्भाव कहा गया है।

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#3

क्या असता का बंध होता है ?

#4

असाता का बंध तेरहवें गुणस्थान में नहीं होता,

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#5

gommatsaar karmkand ki 104 number ki gatha.

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