विदेह छेत्र में सीमंधर भगवान

#1

सीमंधर भगवान अगर पूर्व उत्तर के तीर्थंकर है। क्या वे वह के 8 छेत्र में आ जा सकते है??

#2

नही, वहां भी हर क्षेत्र में एक आर्य व पांच म्लेच्छ ऐसे छह खंड होते है, व वे तीर्थंकर अपने क्षेत्र के आर्य खंड के भी बाहर नही जाते।

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#3

Kya aap koi jinwani k bta skte hai jisme isme aur jankari mil ske

#4

Esa kha jata he ki, tirthnkar ke janam lene aur moksh jane per, kuch chann ke liye 3no lok me shanti chha jati he, toh videh kchetra se toh, tirthnkar moksh jate he jate honge.hame uss shanti ka anubhav kyu nhi hota.
Kyu ki tirthnkat ka samawsharan, koi 100 varsh tak toh chlta ni hoga.5 6 varsh max.
Isse shpashth kre please

#5

आप अपने मन से कुछ मत सोचिये। शमवशरण हजारो, लाखो, करोडो, शंखो वर्ष तक चल सकता है। भगवान आदिनाथ का शमवशरण शंखो वर्ष तक चला था।

ऐसा भी हो सकता है, अभी कुछ ही समय पहले कोई तीर्थंकर विदेह क्षेत्र से मोक्ष गए हो। और सभी जीव को शांति अनुभव हुआ हो। क्या आपको आजतक कभी शांति का अनुभव नहीं हुआ? मुझे लगता है हुआ तो होगा।

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#6

Ok…shank varsh tak bhi chalt he, gajab…i dont knw this