पूजनीय कैसै है कुन्दकुन्द मुनि?


#1

1)क्या दिगम्बर मुनिराजो की प्रतिमा बनाना उचित है?
2) कुन्दकुन्द मुनिराज अभी स्वर्ग मे है । वो पयाय तो पूज्य नही। फिर उन्हे वर्तमान मे पूजने का क्या औचित्य।?


#2

1.हाँ , बिल्कुल उचित है। देव, शास्त्र , गुरु को जिनागम मे पूज्य कहा गया है एवं पंच परमेष्ठी के अंतर्गत आचार्य, उपाध्याय और साधुपरमेष्ठी को पूज्य कहा गया है साथ ही 5 वे गुणस्थान से आगे पूज्यत्व का व्यवहार भी प्रारंभ हो जाता है।
2.कुन्दकुन्द मुनि को यदि वर्तमान देवत्व पर्याय की अपेक्षा पूजा जाता है तो वह गलत है एवं मिथ्यात्व का पोषण है किंतु यदि आचार्यत्व पर्याय की अपेक्षा पूजा जाना बिल्कुल भी गलत नही है।


#3

असली परेशानी तो श्री कृष्ण को पूजने में है जो न तो तब मुनि थे न अब हो सकते हैं…

गुरु की पूज्यता - उन के द्रव्य से नहीं, उनके वचनों से भी नहीं किन्तु उनकी 3 कषाय चौकड़ी के अभाव से प्रगट वीतरागता से है जो कि बस 1 स्टेप दूर हैं पूर्ण वीतरागी+सर्वज्ञ होने के।