शुद्धोपयोग संबंधित | Shuddhopyog Sambandhit

चौथे गुणनास्थान वर्ती नारकी जीव शुद्धोपयोग कैसे करते होंगे?
क्या बाहर की क्रिया करते समय भी शुद्धोपयोग हो सकता है?

Just relevant:


I think - निचले गुणस्थान में शुद्धोपयोग (max 6 आवली) के लिए ही हो सकता है, इसमें पद्ममासान या खडगासन मुद्रा की जरूरत नहीं, बस अपने उपयोग का अपने में जाना या वहाँ जाकर ठहर जाना ही शुद्धोपयोग है। सो यह किसी भी समय, किसी भी अवस्था में - स्वयं पिटते हुए, दूसरे को वेदना में देखते हुए, आप वेदना का विचार करते हुए, खड़े हुए, गिरे हुए, खुली आखों से, बंद आखो से, कभी भी, किसी भी समय स्व संवेदन (उपयोग के स्व की ओर पलट जाने) से हो सकता है ।