सांप्रसीद्धी प्रतिष्ठोगिता
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साँपसीढ़ी प्रतियोगिता
सुजेता
परम पूज्य आचार्य श्री
सुविधिसागरजी महाराज
प्राप्तिस्थान
भरतकुमार इन्द्रचन्द पाण्डीवाल
सिडको, एन-९, ए-११५-४९/४
शिवनेरी कॉलोनी।
औरंगाबाद (महाराष्ट्र) ४३१००३
फोन:- (०२४०) २३८१०६५
आवृत्ति क्रमांक
एक
प्रति :- १०००
पुनप्रकाशन
हेतु सहयोग
१० रुपये
प्रकाशन
११-२-२००५
दो शब्द
धर्मीप्रेमी पाठक बन्धुओं !
मनोरंजन जन जीवन का आवश्यक अंग है। उसके अभाव में जीवन नीरसहीन और नीरस हो जाता है। उस मनोरंजन के साथ यदि धार्मिक शिक्षा कराया जायेगा तो आम के आम और गुठलियों के दाम यह कहावत चरितार्थ हो जायेगी। खेल के माध्यम से तत्त्वज्ञान शिक्षण कराने की भावना मेरे मन में अनेक वर्षों से रही। अनेक स्थानों पर विहार करते हुए मैंने धर्मप्रभावना के प्रभावी माध्यम के रूप में विभिन्न प्रतियोगितायें करवायीं। उसके परिणामस्वरूप श्रावकों में धार्मिक संस्कारों का बीजारोपण करने में सहयोग मिलता रहा।
साँपसीढ़ी का खेल बहुत प्रसिद्ध है। जब हमने इसके माध्यम से धार्मिक ज्ञान को प्रसार करने का मानस बनाया तो किसी को भी इसमें सफलता मिलने की सम्भावना दिखाई नहीं दे रही थी। परन्तु जब जनसमुदाय इस प्रतियोगिता की ओर आकर्षित होने लगा तब आश्चर्य की कोई सीमा भी न रही। अनेक युवा मण्डलों अथवा महिला मण्डलों ने इस प्रतियोगिता का आयोजन किया।
मार्गदर्शक रूप में साथ उपस्थित न होने की स्थिति में यह प्रतियोगिता किसप्रकार आयोजित की जा सकती है ? इसका मार्गदर्शन करना मेरा कर्तव्य था। इस कृति के माध्यम से मैं उसे पूर्ण कर रहा हूँ। यदि कोई साधुसंघ नगर में प्रवासरत हो तो उनके प्रवचन या दक्षिण शिक्षण कक्षाओं में पढ़ाये जाने वाले पाठों के आधार में ही प्रश्नपत्रक को तैयार कर इस प्रतियोगिता को सम्पन्न करें।
आज मेरे आराध्य गुरुदेव परम पूज्य चारित्र चक्रवर्ती, आचार्य श्री आदिसागर जी महाराज (अनकलकर) की पट्टपरम्परा के वर्तमान पट्टाधीश अर्थात् परम पूज्य तपोनिधि शिरोमणि, आचार्य श्री महावीकीर्ति जी महाराज के पट्टाधीश परम पूज्य महातपामहोद, आचार्य श्रीगणेशभूषण श्री सन्मतिसागर जी महाराज का ५८ वाँ जन्मदिवस है। इस पावन अवसर पर गुरुदेव के पूज्य कर कमलों में इस कृति को समर्पित कर मैं अति प्रसन्नता का अनुभव कर रहा हूँ।
आशा है कि यह कृति धर्मज्ञान की अभिवृद्धि में सहायक सिद्ध होगी।
इस कृति के प्रकाशन में सहयोग करने वाले समस्त भव्यो को आशीर्वाद।
११-२-२००५
आचार्य सुविधिसागर
क्रीड़ाविधि
सामग्री :
साँपसीढ़ी का एक खेलपट, प्रत्येक खिलाड़ी के लिए प्रत्येक एक गोट और एक पासा। समूह में यदि इसका आयोजन करना हो तो कपड़े पर इसे दो-खण्ड का तैयार कर लेवें। बड़े आकार का लकड़ी का पासा बनाया जा सकता है। प्रश्नपत्रक के रूप में एक निर्णायक का होना आवश्यक है।
प्रतियोगी :-
इस प्रतियोगिता के लिए कम से कम दो प्रतियोगियों का होना आवश्यक है।
समूह में यदि इस प्रतियोगिता को सम्पन्न करना हो तो प्रतियोगियों के विभिन्न संघ बनाये जा सकते हैं। संघ का नामकरण धर्म के अनुरूप हो। उनकी संख्या व्यवस्था और प्रतियोगिता के स्वरूप के आधार पर निश्चित की जा सकती है।
प्रतियोगिता की विधि :-
प्रत्येक प्रतियोगी पासा फेकेगा। जिसके पासे में सबसे पहले छह आयेंगे, वह क्रीड़ा का प्रारम्भ करेगा। ५. एक बार पासा फेंकने के बाद प्रतियोगी को एक प्रश्न का उत्तर देना आवश्यक होगा। ३.१२ देने पर वह पासे के स्थान निर्दिष्ट संख्या में क्रीड़ाफलक पर आगे बढ़ेगा। प्रश्न का उत्तर न देने पर अथवा अयोग्य उत्तर देने पर वह अपने स्थान पर ही स्थित रहेगा। ४. यदि मुँह में ज्ञान पर उसे तर्कफलक, एक ही प्रश्न का उत्तर देना अनिवार्य होगा। ५. यदि प्रतियोगी उत्तर देता है तो उसे अपने पूर्वस्थान पर जाने का अवसर प्राप्त होगा। अयोग्य उत्तर देने पर अथवा उत्तर न देने पर उसे साँप की पूँछ के स्थान तक अधोगमन करना होगा। ६. दो के पायदान पर पहुँचने पर प्रतियोगी को दो प्रश्नों का उत्तर देना आवश्यक है। एक निर्दिष्ट क्रम के अनुसार प्रश्न पूछा जायेगा और दूसरा प्रश्न गोटी चलने या न चलने का निर्णय करेगा। ७. प्रथम प्रश्न का उत्तर अयोग्य होने की स्थिति में द्वितीय प्रश्न पूछा नहीं जायेगा। द्वितीय प्रश्न का उत्तर अयोग्य होने पर प्रतियोगी माढ़ी चढ़ने का अधिकारी नहीं होगा।
जो सर्वप्रथम सौ तक पहुँचेगा, उसे विजेता स्वीकार किया जायेगा। संघ में संघनायक पासा फेकेगा। प्रश्न का उत्तर संघ में से कोई भी प्रतियोगी दे सकता है। जो संघ सर्वप्रथम सौ तक पहुँचेगा, वह संघ विजेता कहलायेगा।
प्रतियोगिता में पूर्व आधी तक अन्य नियम भी घोषणा करें। देश, काल और परिस्थिति के अनुसार आधा तक नियमों में परिवर्तन कर सकते हैं।
साँपसीढ़ी प्रतियोगिता
क्रमांक १ से २० के लिए प्रश्न
१- वर्तमानकालीन पहले तीर्थंकर का नाम क्या है ?
उत्तर :- भगवान आदिनाथ जी
२- वर्तमानकालीन पाँचवें तीर्थंकर का नाम क्या है ?
उत्तर :- भगवान सुमतिनाथ जी
३- वर्तमानकालीन तेरहवें तीर्थंकर का नाम क्या है ?
उत्तर :- भगवान विमलनाथ जी
४- वर्तमानकालीन पन्द्रहवें तीर्थंकर का नाम क्या है ?
उत्तर :- भगवान धर्मनाथ जी
५- वर्तमानकालीन सत्रहवें तीर्थंकर का नाम क्या है ?
उत्तर :- भगवान कुन्थुनाथ जी
६- वर्तमानकालीन चौबीसवें तीर्थंकर का नाम क्या है ?
उत्तर :- भगवान महावीर जी
७- वर्तमानकालीन तीसरे तीर्थंकर का नाम क्या है ?
उत्तर :- भगवान संभवनाथ जी
८- वर्तमानकालीन आठवें तीर्थंकर का नाम क्या है ?
उत्तर :- भगवान चन्द्रप्रभु जी
९- वर्तमानकालीन चौदहवें तीर्थंकर का नाम क्या है ?
उत्तर :- भगवान अनन्तनाथ जी
१०- वर्तमानकालीन अठारहवें तीर्थंकर का नाम क्या है ?
उत्तर :- भगवान अरहनाथ जी
११- वर्तमानकालीन तेइसवें तीर्थंकर का नाम क्या है ?
उत्तर :- भगवान पार्श्वनाथ जी
१२- वर्तमानकालीन बीसवें तीर्थंकर का नाम क्या है ?
उत्तर :- भगवान मुनिसुव्रतनाथ जी
१३- वर्तमानकालीन दूसरे तीर्थंकर का नाम क्या है ?
उत्तर :- भगवान अजितनाथ जी
१४- वर्तमानकालीन चौथे तीर्थंकर का नाम क्या है ?
उत्तर :- भगवान अभिनन्दननाथ जी
साँपसीढ़ी प्रतियोगिता
१५- वर्तमानकालीन छठे तीर्थंकर का नाम क्या है ?
उत्तर :- भगवान पद्मप्रभु जी
१६- वर्तमानकालीन सातवें तीर्थंकर का नाम क्या है ?
उत्तर :- भगवान सुपार्श्वनाथ जी
१७- वर्तमानकालीन बारहवें तीर्थंकर का नाम क्या है ?
उत्तर :- भगवान वासुपूज्य जी
१८- वर्तमानकालीन उन्नीसवें तीर्थंकर का नाम क्या है ?
उत्तर :- भगवान मल्लिनाथ जी
१९- वर्तमानकालीन नौवें तीर्थंकर का नाम क्या है ?
उत्तर :- भगवान पुष्पदन्त जी
२०- वर्तमानकालीन ग्यारहवें तीर्थंकर का नाम क्या है ?
उत्तर :- भगवान श्रेयांसनाथ जी
२१- वर्तमानकालीन बाईसवें तीर्थंकर का नाम क्या है ?
उत्तर :- भगवान नेमिनाथ जी
२२- वर्तमानकालीन इक्कीसवें तीर्थंकर का नाम क्या है ?
उत्तर :- भगवान नमिनाथ जी
२३- वर्तमानकालीन सोलहवें तीर्थंकर का नाम क्या है ?
उत्तर :- भगवान शान्तिनाथ जी
२४- वर्तमानकालीन दसवें तीर्थंकर का नाम क्या है ?
उत्तर :- भगवान शीतलनाथ जी
२५- एक से अधिक नाम वाले तीर्थंकर कितने हैं ?
उत्तर :- ३
२६- एक से अधिक पद वाले तीर्थंकर कितने हैं ?
उत्तर :- ३
२७- कितने तीर्थंकरों पर उपसर्ग हुआ था ?
उत्तर :- ३
२८- तीर्थंकर कितने होते हैं ?
उत्तर :- २४
२९- कितने तीर्थंकर बाल ब्रह्मचारी हैं ?
उत्तर :- ५
३०- अभी कौनसे तीर्थंकर का काल चल रहा है ?
उत्तर :- भगवान महावीर जी
३१- भगवान महावीर का निर्वाण कहाँ से निर्वाण प्राप्त हुए ?
उत्तर :- पावापुर
३२- सबसे अधिक तीर्थंकर कौनसे क्षेत्र से मोक्ष गये हैं ?
उत्तर :- सम्मेदशिखर
३३- किस तीर्थंकर के पाँच नाम हैं ?
उत्तर :- भगवान महावीर जी
३४- भगवान पुष्पदन्त का दूसरा नाम क्या है ?
उत्तर :- भगवान सुविधिनाथ जी
३५- कमठ ने कौनसे भगवान पर उपसर्ग किया ?
उत्तर :- भगवान पार्श्वनाथ जी
३६- भगवान बाहुबली कितने तीर्थंकर हैं ?
उत्तर :- वे तीर्थंकर नहीं है।
३७- भगवान आदिनाथ कहाँ से निर्वाण प्राप्त हुए ?
उत्तर :- कैलाशपर्वत
३८- सम्मेदशिखर से कितने तीर्थंकर मोक्ष को प्राप्त हुए हैं ?
उत्तर :- २०
३९- जो धर्मतीर्थ का प्रवर्तन करें उन्हें क्या कहते हैं ?
उत्तर :- तीर्थंकर
४०- जम्बूद्वीप के भरतक्षेत्र में एकसाथ कितने तीर्थंकर हो सकते हैं ?
उत्तर :- १
४१- भगवान नेमिनाथ कहाँ से निर्वाण को प्राप्त हुए ?
उत्तर :- गिरनार
४२- जम्बूद्वीप के भरतक्षेत्रस्थ तीर्थंकरों के कितने कल्याणक होते हैं ?
उत्तर :- ५
४३- सात्यकी रुष्ट ने कौनसे भगवान पर उपसर्ग किया ?
उत्तर :- भगवान महावीर जी
४४- भगवान आदिनाथ का दूसरा नाम क्या है ?
उत्तर :- भगवान ऋषभनाथ जी
४५- भगवान वासुपूज्य कहाँ से निर्वाण को प्राप्त हुए ?
उत्तर :- चम्पापुर (मन्दारगिरि)
साँपसीढ़ी प्रतियोगिता
क्रमांक ११ से २० के लिए प्रश्न
११- वर्तमानकालीन पहले तीर्थंकर का चिन्ह कौनसा है ?
उत्तर :- बैल
१२- वर्तमानकालीन पांचवें तीर्थंकर का चिन्ह कौनसा है ?
उत्तर :- चक्का
१३- वर्तमानकालीन तेरहवें तीर्थंकर का चिन्ह कौनसा है ?
उत्तर :- सूकर
१४- वर्तमानकालीन पन्द्रहवें तीर्थंकर का चिन्ह कौनसा है ?
उत्तर :- वज्रदण्ड
१५- वर्तमानकालीन सत्रहवें तीर्थंकर का चिन्ह कौनसा है ?
उत्तर :- बकरा
१६- वर्तमानकालीन चौबीसवें तीर्थंकर का चिन्ह कौनसा है ?
उत्तर :- सिंह
१७- वर्तमानकालीन तीसरे तीर्थंकर का चिन्ह कौनसा है ?
उत्तर :- घोड़ा
१८- वर्तमानकालीन आठवें तीर्थंकर का चिन्ह कौनसा है ?
उत्तर :- वज्र
१९- वर्तमानकालीन चौदहवें तीर्थंकर का चिन्ह कौनसा है ?
उत्तर :- सेही
२०- वर्तमानकालीन अठारहवें तीर्थंकर का चिन्ह कौनसा है ?
उत्तर :- मछली
२१- वर्तमानकालीन तेइसवें तीर्थंकर का चिन्ह कौनसा है ?
उत्तर :- सर्प
२२- वर्तमानकालीन बीसवें तीर्थंकर का चिन्ह कौनसा है ?
उत्तर :- कछुआ
२३- वर्तमानकालीन दूसरे तीर्थंकर का चिन्ह कौनसा है ?
उत्तर :- हाथी
२४- वर्तमानकालीन चौथे तीर्थंकर का चिन्ह कौनसा है ?
उत्तर :- बन्दर
साँपसीढ़ी प्रतियोगिता
२५- वर्तमानकालीन छठे तीर्थंकर का चिन्ह कौनसा है ?
उत्तर :- लालकमल
२६- वर्तमानकालीन सातवें तीर्थंकर का चिन्ह कौनसा है ?
उत्तर :- स्वस्तिक
२७- वर्तमानकालीन बारहवें तीर्थंकर का चिन्ह कौनसा है ?
उत्तर :- भैंसा
२८- वर्तमानकालीन उन्नीसवें तीर्थंकर का चिन्ह कौनसा है ?
उत्तर :- कलश
२९- वर्तमानकालीन नौवें तीर्थंकर का चिन्ह कौनसा है ?
उत्तर :- मगर
३०- वर्तमानकालीन ग्यारहवें तीर्थंकर का चिन्ह कौनसा है ?
उत्तर :- गैंडा
३१- वर्तमानकालीन बाईसवें तीर्थंकर का चिन्ह कौनसा है ?
उत्तर :- शंख
३२- वर्तमानकालीन इक्कीसवें तीर्थंकर का चिन्ह कौनसा है ?
उत्तर :- नीलकमल
३३- वर्तमानकालीन सोलहवें तीर्थंकर का चिन्ह कौनसा है ?
उत्तर :- हिरण
३४- वर्तमानकालीन दसवें तीर्थंकर का चिन्ह कौनसा है ?
उत्तर :- कल्पवृक्ष
३५- कितने तीर्थंकर के चिन्हों में कमल के चिन्ह है ?
उत्तर :- २ (६, २१)
३६- कितने तीर्थंकर के चिन्हों में वृक्ष के चिन्ह है ?
उत्तर :- १ (१०)
३७- कितने तीर्थंकर के चिन्ह एकेन्द्रिय जीवों के है ?
उत्तर :- ३ (६, १०, २१)
३८- कितने तीर्थंकर के चिन्ह दो इन्द्रिय जीवों के है ?
उत्तर :- १ (२२)
३९- कितने तीर्थंकर के चिन्ह पक्षियों के है ?
उत्तर :- २ (१, १५)
साँपसीढ़ी प्रतियोगिता
४०- कितने तीर्थंकर के चिन्ह अजींव है ?
उत्तर :- ४ (९, १८, १९)
४१- कितने तीर्थंकर के चिन्ह पंचेन्द्रिय जीवों के है ?
उत्तर :- १६
४२- तीर्थंकर की मूर्ति किसके माध्यम से पहचानी जाती है ?
उत्तर :- चिन्ह के
४३- भगवान के सामने कितने पुंज चावल चढ़ाने चाहिए ?
उत्तर :- १
४४- जिनेन्द्रप्रभु को नमस्कार करते समय क्या बोलना चाहिए ?
उत्तर :- नमोऽस्तु
४५- श्रुतस्कंध जी को नमस्कार करते समय क्या बोलना चाहिए ?
उत्तर :- इन्द्रायि
४६- देव, शास्त्र, गुरु की कितनी परिक्रमा लगानी चाहिए ?
उत्तर :- ३
४७- मुनियों को नमस्कार करते समय क्या बोलना चाहिए ?
उत्तर :- नमोऽस्तु
४८- प्रतिमाधारियों को नमस्कार करते समय क्या बोलना चाहिए ?
उत्तर :- वन्दना
४९- तीर्थंकर की माता कितने स्वप्न देखती है ?
उत्तर :- १६
५०- मुनियों के सामने कितने पुंज चावल चढ़ाने चाहिए ?
उत्तर :- ३
५१- आपस में एक-दूसरे को नमस्कार करते समय क्या बोलना चाहिए ?
उत्तर :- जयजिनेन्द्र
५२- जिनवाणी को नमस्कार करते समय क्या बोलना चाहिए ?
उत्तर :- नमोऽस्तु
५३- तीर्थंकरों के चिन्हों में शंख कितने है ?
उत्तर :- १ (वज्रदण्ड)
५४- आर्यिका को नमस्कार करते समय क्या बोलना चाहिए ?
उत्तर :- वन्दामि
५५- जिनवाणी के सामने कितने पुंज चावल चढ़ाने चाहिए ?
उत्तर :- ४
क्रमांक २१ से ३० के लिए प्रश्न
१- णमोकार मन्त्र में कितने पद है ?
उत्तर :- ५
२- णमोकार मन्त्र में कितने अक्षर है ?
उत्तर :- ३५
३- णमोकार मन्त्र में कितनी मात्राएँ है ?
उत्तर :- ५८
४- णमोकार मन्त्र में कितने स्वर है ?
उत्तर :- २१
५- णमोकार मन्त्र में कितने व्यंजन है ?
उत्तर :- ३०
६- णमोकार मन्त्र का पहला पद कौनसा है ?
उत्तर :- णमो अरिहंताणं
७- णमोकार मन्त्र के पहले पद में कितने स्वर है ?
उत्तर :- ७
८- णमोकार मन्त्र के पहले पद में कितने व्यंजन है ?
उत्तर :- ६
९- णमोकार मन्त्र के पहले पद में कितने अक्षर है ?
उत्तर :- ७
१०- णमोकार मन्त्र के पहले पद में कितनी मात्राएँ है ?
उत्तर :- ११
११- णमोकार मन्त्र का दूसरा पद कौनसा है ?
उत्तर :- णमो सिद्धाणं
१२- णमोकार मन्त्र के दूसरे पद में कितने स्वर है ?
उत्तर :- ५
१३- णमोकार मन्त्र के दूसरे पद में कितने व्यंजन है ?
उत्तर :- ५
१४- णमोकार मन्त्र के दूसरे पद में कितने अक्षर है ?
उत्तर :- ५
चौबीसी प्रतियोगिता
१५- णमोकार मन्त्र के दूसरे पद में कितनी मात्राएँ है ?
उत्तर :- ८
१६- णमोकार मन्त्र का तीसरा पद कौनसा है ?
उत्तर :- णमो आयरियाणं
१७- णमोकार मन्त्र के तीसरे पद में कितने स्वर है ?
उत्तर :- ७
१८- णमोकार मन्त्र के तीसरे पद में कितने व्यंजन है ?
उत्तर :- ५
१९- णमोकार मन्त्र के तीसरे पद में कितने अक्षर है ?
उत्तर :- ७
२०- णमोकार मन्त्र के तीसरे पद में कितनी मात्राएँ है ?
उत्तर :- ११
२१- णमोकार मन्त्र का चौथा पद कौनसा है ?
उत्तर :- णमो उवज्झायाणं
२२- णमोकार मन्त्र के चौथे पद में कितने स्वर है ?
उत्तर :- ७
२३- णमोकार मन्त्र के चौथे पद में कितने व्यंजन है ?
उत्तर :- ६
२४- णमोकार मन्त्र के चौथे पद में कितने अक्षर है ?
उत्तर :- ७
२५- णमोकार मन्त्र के चौथे पद में कितनी मात्राएँ है ?
उत्तर :- १३
२६- णमोकार मन्त्र का पाँचवाँ पद कौनसा है ?
उत्तर :- णमो लोए सव्व साहूणं
२७- णमोकार मन्त्र के पाँचवें पद में कितने स्वर है ?
उत्तर :- ८
२८- णमोकार मन्त्र के पाँचवें पद में कितने व्यंजन है ?
उत्तर :- ९
२९- णमोकार मन्त्र के पाँचवें पद में कितने अक्षर है ?
उत्तर :- ९
३०- णमोकार मन्त्र के पाँचवें पद में कितनी मात्राएँ है ?
चौबीसी प्रतियोगिता
उत्तर :- १५
३१- णमोकार मन्त्र कौनसी भाषा में लिखा हुआ है ?
उत्तर :- प्राकृत
३२- परमेष्ठी कितने है ?
उत्तर :- ५
३३- कितने परमेष्ठी संसारी है ?
उत्तर :- ५
३४- कितने परमेष्ठी मुक्त हो चुके है ?
उत्तर :- १
३५- कितने परमेष्ठी शरीरसहित है ?
उत्तर :- ४
३६- कौनसे परमेष्ठी शरीर से रहित है ?
उत्तर :- सिद्ध
३७- कितने परमेष्ठी अन्तरात्मा है ?
उत्तर :- ३
३८- कितने परमेष्ठी परमात्मा है ?
उत्तर :- २
३९- कितने परमेष्ठी भावन से सहित होते है ?
उत्तर :- ३
४०- कितने परमेष्ठी कषायों से रहित होते है ?
उत्तर :- २
४१- कितने परमेष्ठी कषालोंच करते है ?
उत्तर :- ३
४२- कितने परमेष्ठी आहार करते है ?
उत्तर :- ३
४३- कितने परमेष्ठी विहार करते है ?
उत्तर :- ३
४४- परमेष्ठी कितने है ?
उत्तर :- ५
४५- वर्तमान में जम्बूद्वीप के भरतक्षेत्र में कितने परमेष्ठी है ?
उत्तर :- ३
क्रमॉक ३१ से ४० के लिए प्रश्न
१- द्रव्य के कितने भेद है ?
उत्तर :- ६
२- कौनसा द्रव्य रूपी (मूर्तिक) है ?
उत्तर :- पुद्गल
३- पहले द्वीप का क्या नाम है ?
उत्तर :- जम्बूद्वीप
४- गुण और पर्यायों के समूह को क्या कहते हैं ?
उत्तर :- द्रव्य
५- लोक के कितने भेद है ?
उत्तर :- ३
६- कितने द्रव्य अरूपी (अमूर्तिक) है ?
उत्तर :- ५
७- जीव के दो भेद कौनसे है ?
उत्तर :- संसारी, मुक्त
८- जिन्हें मन हो उन जीवों को क्या कहते है ?
उत्तर :- सैनी
९- स्वर्ग कितने है ?
उत्तर :- १६
१०- ज्ञान और दर्शन ये गुण कौनसे द्रव्य में हैं ?
उत्तर :- जीव
११- नरक कितने है ?
उत्तर :- ७
१२- लोक का आकार किसके समान है ?
उत्तर :- पुरुष
१३- जिसमें चेतना नहीं पायी जाती उस द्रव्य को क्या कहते है ?
उत्तर :- अजीव
१४- दो से पांच इन्द्रिय जीवों को क्या कहते है ?
उत्तर :- त्रस
क्रमॉक १५ से ३० के लिए प्रश्न
१५- जिन्हें मन न हो उन जीवों को क्या कहते है ?
उत्तर :- असैनी
१६- मुक्तजीव कितने कर्मों से रहित होते है ?
उत्तर :- ८
१७- कितने इन्द्रियधारी जीवों को विकलत्रय कहा जाता है ?
उत्तर :- २, ३, ४
१८- त्रसजीवों की रहने की नाली को क्या कहते है ?
उत्तर :- त्रसनाली
१९- द्रव्य में नवीन पर्याय की उत्पत्ति को क्या कहते है ?
उत्तर :- उत्पाद
२०- ग्रैवेयक कितने है ?
उत्तर :- ९
२१- ज्ञानोपयोग के कितने भेद है ?
उत्तर :- ८
२२- पुद्गल के दो भेद कौनसे है ?
उत्तर :- परमाणु, स्कन्ध
२३- अनुदिश कितने है ?
उत्तर :- ९
२४- द्रव्य की पुरानी पर्याय के विनाश को क्या कहते है ?
उत्तर :- व्यय
२५- पुद्गल के सूक्ष्म अंश को क्या कहते है ?
उत्तर :- परमाणु
२६- बहुप्रदेशी द्रव्यों को क्या कहते है ?
उत्तर :- अस्तिकाय
२७- अनुत्तर कितने है ?
उत्तर :- ५
२८- दर्शनोपयोग के कितने भेद है ?
उत्तर :- ४
२९- परमाणु के समूह को क्या कहते है ?
उत्तर :- स्कन्ध
३०- आकाशाद्रव्य के दो भेद कौनसे है ?
क्रमॉक ३१ से ४० के लिए प्रश्न
३१- लोक और अलोक
३२- वह कौनसा द्रव्य है जो जीव और पुद्गल को चलने में सहयोग करता है ?
उत्तर :- धर्माद्रव्य
३३- कालद्रव्य के दो भेद कौनसे है ?
उत्तर :- निश्चय और व्यवहार
३४- निश्चय कालद्रव्य का लक्षण क्या है ?
उत्तर :- वर्तना
३५- पुद्गल में कौनसे चार गुण पाये जाते है ?
उत्तर :- स्पर्श, रस, गन्ध, वर्ण
३६- जिसमें छह द्रव्य रहते है उतने आकाश को क्या कहते है ?
उत्तर :- लोकाकाश
३७- व्यवहार कालद्रव्य का लक्षण क्या है ?
उत्तर :- घण्टा, दिन आदि
३८- वो कौनसा द्रव्य है जो द्रव्यों को परिणमन करने में सहयोग करता है ?
उत्तर :- कालद्रव्य
३९- जीवद्रव्य के कितने प्रदेश है ?
उत्तर :- असंख्यात
४०- एक, संख्यात, असंख्यात और अनन्त प्रदेशी द्रव्य कौनसा है ?
उत्तर :- पुद्गल
४१- धर्मद्रव्य के कितने प्रदेश है ?
उत्तर :- असंख्यात
४२- अधर्मद्रव्य के कितने प्रदेश है ?
उत्तर :- असंख्यात
४३- आकाशद्रव्य के कितने प्रदेश है ?
उत्तर :- अनन्त
४४- वह कौनसा द्रव्य है जो जीव और पुद्गल को ठहरने में सहयोग करता है ?
उत्तर :- अधर्मद्रव्य
४५- कौनसा द्रव्य अस्तिकाय नहीं है ?
उत्तर :- कालद्रव्य
४६- अलोकाकाश में एक द्रव्य कौनसा कौनसा होता है ?
उत्तर :- आकाशाद्रव्य
प्रश्नोत्तरी
क्रमांक ४१ से ५० के लिए प्रश्न
१- गति के कितने भेद है ?
उत्तर :- ४
२- जिसको चलकर पदार्थ का ज्ञान होता है वह कौनसी इन्द्रिय है ?
उत्तर :- स्पर्शेन्द्रिय
३- कर्णेन्द्रिय के कितने विषय है ?
उत्तर :- ७
४- जिसके द्वारा सूंघकर पदार्थ का ज्ञान होता है वह कौनसी इन्द्रिय है ?
उत्तर :- घ्राणेन्द्रिय
५- चक्षुरिन्द्रिय के कितने विषय है ?
उत्तर :- ५
६- कषाय के कितने भेद है ?
उत्तर :- ४
७- स्पर्शेन्द्रिय में आसक्त होने से दुःख पाने वाले जीव का नाम बताइये।
उत्तर :- हाथी
८- जिसको छूकर पदार्थ का ज्ञान होता है वह कौनसी इन्द्रिय है ?
उत्तर :- स्पर्शेन्द्रिय
९- घ्राणेन्द्रिय के कितने विषय है ?
उत्तर :- २
१०- इन्द्रियाँ कितनी है ?
उत्तर :- ५
११- जिसके द्वारा देखकर पदार्थ का ज्ञान होता है वह कौनसी इन्द्रिय है ?
उत्तर :- चक्षुरिन्द्रिय
१२- जो आत्मा को कसे उसे क्या कहते है ?
उत्तर :- कषाय
१३- क्रोधकषाय में कौन कुख्यात हुआ ?
उत्तर :- मुनि श्रीपायन (कपक)
१४- जिसके द्वारा सुनकर पदार्थ का ज्ञान होता है वह कौनसी इन्द्रिय है ?
उत्तर :- कर्णेन्द्रिय
१५- ईर्ष्या करना कौनसी कषाय है ?
उत्तर :- मानकषाय
१६- क्रोधकषाय को किस धर्म के द्वारा जीतना चाहिये ?
उत्तर :- क्षमाधर्म
१७- मनुष्यगति में किस कषाय की बहुलता पायी जाती है ?
उत्तर :- मानकषाय
१८- नामकर्म के उदय से मनुष्यगति में जन्म लेना कौनसी गति है ?
उत्तर :- मनुष्यगति
१९- स्पर्शेन्द्रिय के कितने विषय है ?
उत्तर :- ८
२०- मानकषाय में कौन कुख्यात हुआ ?
उत्तर :- भरतचक्रकुमार (बाहुबली)
२१- रसनेन्द्रिय के कितने विषय है ?
उत्तर :- ५
२२- नामकर्म के उदय से नरकगति में जन्म लेना कौनसी गति है ?
उत्तर :- नरकगति
२३- कपट करना कौनसी कषाय है ?
उत्तर :- मायाकषाय
२४- लोभकषाय को किस धर्म के द्वारा जीतना चाहिये ?
उत्तर :- शौचधर्म
२५- नरकगति में किस कषाय की बहुलता पायी जाती है ?
उत्तर :- क्रोधकषाय
२६- मायाकषाय में कौन कुख्यात हुआ ?
उत्तर :- मुद्रामति मुनि
२७- रसनेन्द्रिय में आसक्त होने से दुःख पाने वाले जीव का नाम बताइये।
उत्तर :- मछली
२८- लोभकषाय में कौन कुख्यात हुआ ?
उत्तर :- फणाहस्त (पिण्याकगन्ध)
२९- घ्राणेन्द्रिय में आसक्त होने से दुःख पाने वाले जीव का नाम बताइये।
उत्तर :- भौंरा
३०- नरक कितने है ?
३१- गुस्सा करना कौनसी कषाय है ?
उत्तर :- क्रोधकषाय
३२- मायाकषाय को किस धर्म के द्वारा जीतना चाहिये ?
उत्तर :- आर्जवधर्म
३३- तिर्यंचगति में किस कषाय की बहुलता पायी जाती है ?
उत्तर :- मायाकषाय
३४- चक्षुरिन्द्रिय में आसक्त होने से दुःख पाने वाले जीव का नाम बताइये।
उत्तर :- पतंगा
३५- निगोदिया जीव किस गति के जीव है ?
उत्तर :- तिर्यंचगति
३६- नामकर्म के उदय से देवगति में जन्म लेना कौनसी गति है ?
उत्तर :- देवगति
३७- कर्णेन्द्रिय में आसक्त होने से दुःख पाने वाले जीव का नाम बताइये।
उत्तर :- हिरण
३८- लालच करना कौनसी कषाय है ?
उत्तर :- लोभकषाय
३९- मानकषाय को किस धर्म के द्वारा जीतना चाहिये ?
उत्तर :- मार्दवधर्म
४०- देवगति में किस कषाय की बहुलता पायी जाती है ?
उत्तर :- लोभकषाय
४१- नामकर्म के उदय से तिर्यंच पर्याय में जन्म लेना कौनसी गति है ?
उत्तर :- तिर्यंचगति
४२- आम के वृक्ष को कितनी इन्द्रियाँ होती है ?
उत्तर :- एक (स्पर्शन)
४३- मच्छर को कितनी इन्द्रियाँ होती है ?
उत्तर :- ५
४४- आत्मा के बाह्यचिह्न या लिंग को क्या कहते है ?
उत्तर :- इन्द्रिय
४५- सर्प को कितनी इन्द्रियाँ होती है ?
उत्तर :- ५
साँपसीढ़ी प्रतियोगिता
क्रमांक ५१ से ६० के लिए प्रश्न
१- श्रावकों के मूलगुण कितने होते है ?
उत्तर:- ८
२- श्रावकों के आवश्यक कितने होते है ?
उत्तर:- ६
३- श्रावकों के व्रत कितने होते है ?
उत्तर:- १२
४- गुणव्रत के कितने भेद है ?
उत्तर:- ३
५- शिक्षाव्रत के कितने भेद है ?
उत्तर:- ४
६- अणुव्रत के कितने भेद है ?
उत्तर:- ५
७- इच्छाओं का निरोध करना कौनसा आवश्यक है ?
उत्तर:- तप
८- दान के कितने भेद है ?
उत्तर:- ४
९- दाता कितनी प्रक्रियाएँ करता है ?
उत्तर:- ९
१०- दाता में कितने गुण होने चाहिये ?
उत्तर:- ७
११- बाह्यतप के कितने भेद है ?
उत्तर:- ६
१२- आत्महित के लिए शास्त्र पढ़ना कौनसा आवश्यक है ?
उत्तर:- स्वाध्याय
१३- अणुव्रतों के गुणों को बढ़ाने वाले व्रतों को क्या कहते है ?
उत्तर:- गुणव्रत
१४- अप्रयोजनभूत कार्यों का त्याग करना कौनसा व्रत है ?
उत्तर:- अनर्थदण्डव्रत
साँपसीढ़ी प्रतियोगिता
१५- अहिंसाणुव्रत में कौन प्रसिद्ध हुआ ?
उत्तर:- यमपाल मातंग
१६- पापों के कितने भेद है ?
उत्तर:- ५
१७- जिनेन्द्र की पूजा करना कौनसा आवश्यक है ?
उत्तर:- देवपूजा
१८- अन्तरंग तप के कितने भेद है ?
उत्तर:- ६
१९- स्थूल झूठ नहीं बोलना यह कौनसा अणुव्रत है ?
उत्तर:- सत्याणुव्रत
२०- उदम्बर फल कितने है ?
उत्तर:- ५
२१- छने हुए जल की मर्यादा कितनी है ?
उत्तर:- ४८ मिनट
२२- गुरुओं की सेवा करना कौनसा आवश्यक है ?
उत्तर:- गुरुपास्ति
२३- पूजा में कितने द्रव्य चढ़ाये जाते है ?
उत्तर:- ८
२४- महाव्रतों की शिक्षा देने वाले व्रतों को क्या कहते है ?
उत्तर:- शिक्षाव्रत
२५- दिग्व्रत में कितनी दिशाओं से सम्बन्धित मर्यादा की जाती है ?
उत्तर:- १०
२६- अनर्थदण्डव्रत के कितने भेद है ?
उत्तर:- ५
२७- संकल्पि हिंसा नहीं करना यह कौनसा अणुव्रत है ?
उत्तर:- अहिंसाणुव्रत
२८- सत्याणुव्रत में कौन प्रसिद्ध हुआ ?
उत्तर:- सेठ धनदेव
२९- इन्द्रिय और मन को वश में करना कौनसा आवश्यक है ?
उत्तर:- संयम
३०- परिग्रह परिमाणुव्रत में कौन प्रसिद्ध हुआ ?
साँपसीढ़ी प्रतियोगिता
उत्तर:- जयकुमार
३१- स्वदारसन्तोष व्रत का दूसरा नाम क्या है ?
उत्तर:- ब्रह्मचर्याणुव्रत
३२- परिग्रह का परिमाण करना यह कौनसा अणुव्रत है ?
उत्तर:- परिग्रह परिमाणुव्रत
३३- बाह्यपरिग्रह के कितने भेद है ?
उत्तर:- १०
३४- मुनियों को आहारदि देना कौनसा आवश्यक है ?
उत्तर:- दान
३५- श्रावकों की प्रतिमायें कितनी होती है ?
उत्तर:- ११
३६- अचौर्याणुव्रत में कौन प्रसिद्ध हुआ ?
उत्तर:- वाणियकुमार
३७- तीन मकार कौनसे है ?
उत्तर:- मद, मास, मधु
३८- अन्तरंगपरिग्रह के कितने भेद है ?
उत्तर:- १४
३९- बिना दिये किसी वस्तु को नहीं लेना यह कौनसा अणुव्रत है ?
उत्तर:- अचौर्याणुव्रत
४०- हिंसापाप में कौन कुख्यात हुआ ?
उत्तर:- धनश्री
४१- ब्रह्मचर्याणुव्रत में कौन प्रसिद्ध हुयी ?
उत्तर:- नीली
४२- चोरी पाप में कौन कुख्यात हुआ ?
उत्तर:- तापस
४३- झूठ पाप में कौन कुख्यात हुआ ?
उत्तर:- सत्यघोष
४४- परिग्रह पाप में कौन कुख्यात हुआ ?
उत्तर:- शत्रुघ्नवती
४५- परस्त्री का त्याग करना यह कौनसा अणुव्रत है ?
उत्तर:- ब्रह्मचर्याणुव्रत
क्रमांक ६१ से ७० के लिए प्रश्न
१- रत्नत्रय किसका मार्ग है?
उत्तर :- मोक्ष का
२- सम्यग्दर्शन के दोष कितने है ?
उत्तर :- २५
३- तत्त्वार्थ के श्रद्धान को क्या कहते है ?
उत्तर :- सम्यग्दर्शन
४- जिनधर्म के विरुद्ध कार्य करना सम्यग्दर्शन का कौनसा दोष है ?
उत्तर :- अभावना दोष
५- जिनवाणी के अनुयोग कितने है ?
उत्तर :- ४
६- मद के कितने भेद है ?
उत्तर :- ८
७- जिसमें महापुरुषों के चरित्र का वर्णन हो वह कौनसा अनुयोग है ?
उत्तर :- प्रथमानुयोग
८- सम्यग्ज्ञान के कितने भेद है ?
उत्तर :- ५
९- मुनियों के चरित्र को क्या कहते है ?
उत्तर :- सकलचारित्र
१०- धर्मान्धों से प्रेम नहीं करना सम्यग्दर्शन का कौनसा दोष है ?
उत्तर :- अवात्सल्य दोष
११- सम्यग्दर्शन के अंग कितने है ?
उत्तर :- ८
१२- सच्चे ज्ञान को क्या कहते है ?
उत्तर :- सम्यग्ज्ञान
१३- जिसमें श्रावकों के आचरण का वर्णन हो वह कौनसा अनुयोग है ?
उत्तर :- चरणानुयोग
१४- निशंकित अंग में कौन प्रसिद्ध हुआ ?
उत्तर :- अंजनचोर
[२०]
१५- मूढ़ता के कितने भेद है ?
उत्तर :- ३
१६- जिसमें मुनियों के आचरण का वर्णन हो वह कौनसा अनुयोग है ?
उत्तर :- चरणानुयोग
१७- श्रावकों के चारित्र को क्या कहते है ?
उत्तर :- विकलचारित्र (देशचारित्र)
१८- धर्म से डिगते हुए को स्थिर नहीं करना सम्यग्दर्शन का कौनसा दोष है ?
उत्तर :- अस्थिरीकरण दोष
१९- स्थिरीकरण अंग में कौन प्रसिद्ध हुआ ?
उत्तर :- मुनि वारिषेण
२०- जिसमें लोकालोक का वर्णन हो वह कौनसा अनुयोग है ?
उत्तर :- करणानुयोग
२१- पाँच पापों के त्याग करने को क्या कहते है ?
उत्तर :- सम्यक्चारित्र
२२- अनायतन के कितने भेद है ?
उत्तर :- ६
२३- कुगुरुओं को गुरु मानना कौनसी मूढ़ता है ?
उत्तर :- गुरुमूढ़ता
२४- जिसमें जीवादि तत्त्वों का वर्णन हो वह कौनसा अनुयोग है ?
उत्तर :- द्रव्यानुयोग
२५- उपगूहन अंग में कौन प्रसिद्ध हुआ ?
उत्तर :- जिनेंद्रभक्त सेठ
२६- सच्चे देव, शास्त्र और गुरु पर श्रद्धा करने को क्या कहते है ?
उत्तर :- सम्यग्दर्शन
२७- कुदेवों को देव मानना कौनसी मूढ़ता है ?
उत्तर :- देवमूढ़ता
२८- प्रभावना अंग में कौन प्रसिद्ध हुआ ?
उत्तर :- मुनि वज्रकुमार
२९- तत्त्व व कुलतत्त्व में विवेक का अभाव होना सम्यग्दर्शन का कौनसा दोष है ?
उत्तर :- मूढ़दृष्टि दोष
३०- अमूढ़दृष्टि अंग में कौन प्रसिद्ध हुआ ?
[२१]
उत्तर :- रेवती रानी
३१- सच्चे देव में कौनसे तीन गुण पाये जाते है ?
उत्तर :- वीतरागता, सर्वज्ञता, हितोपदेशिता
३२- दूसरों के दोषों को प्रकट करना सम्यग्दर्शन का कौनसा दोष है ?
उत्तर :- अनुपगूहन दोष
३३- मोक्षमार्ग की पहली सीढ़ी कौनसी है ?
उत्तर :- सम्यग्दर्शन
३४- विवेकहीन होकर कुधार्मिक क्रियायें करना कौनसी मूढ़ता है ?
उत्तर :- लोकमूढ़ता
३५- कुधर्म को मानने वाले जीवों की प्रशंसा करना कौनसा दोष है ?
उत्तर :- अवस्थितिकरण
३६- निर्विचिकित्सा अंग में कौन प्रसिद्ध हुआ ?
उत्तर :- उदयन राजा
३७- मिथ्यादेवों के मन्दिर में जाना कौनसा अनायतन है ?
उत्तर :- कुदेव अनायतन
३८- माता के वंश को क्या कहते है ?
उत्तर :- जाति
३९- शंकादि दोषों की संख्या कितनी है ?
उत्तर :- ८
४०- वात्सल्य अंग में कौन प्रसिद्ध हुआ ?
उत्तर :- मुनि विष्णुकुमार
४१- पिता के वंश को क्या कहते है ?
उत्तर :- कुल
४२- जिनेंद्रदेव के वचनों में शंका करना सम्यग्दर्शन का कौनसा दोष है ?
उत्तर :- शंकितदोष
४३- सम्यग्दर्शन, सम्यग्ज्ञान और सम्यक्चारित्र के समूह को क्या कहते है ?
उत्तर :- रत्नत्रय
४४- निशंकित अंग में कौन प्रसिद्ध हुआ ?
उत्तर :- अनन्तमती
४५- मुनि के तन से घृणा करना सम्यग्दर्शन का कौनसा दोष है ?
उत्तर :- विचिकित्सा दोष
साँपसीढ़ी प्रतियोगिता
क्रमांक ४१ से ८० के लिए प्रश्न
१- व्यसन के कितने भेद है ?
उत्तर :- ७
२- ध्यान के कितने भेद है ?
उत्तर :- ४
३- किसी एक विषय में चित्त को रोकने को क्या कहते है ?
उत्तर :- ध्यान
४- दान देना यह कौनसा धर्म है ?
उत्तर :- त्यागधर्म
५- दुःख के कारण से होने वाले ध्यान को क्या कहते है ?
उत्तर :- आर्तध्यान
६- बुरी आदतों को क्या कहते है ?
उत्तर :- व्यसन
७- परद्रव्य में आसक्ति नहीं करना यह कौनसा धर्म है ?
उत्तर :- आकिंचन्यधर्म
८- मदिरापान में कौन प्रसिद्ध हुए ?
उत्तर :- यादवगण
९- चोरी करने में आनन्द मानना कौनसा ध्यान है ?
उत्तर :- चौर्यानन्दी रौद्रध्यान
१०- जिसमें हार-जीत का व्यवहार होता है। उस व्यसन को क्या कहते है ?
उत्तर :- जुआ
११- लोक के आकार का विचार करने कौनसा ध्यान कहते है ?
उत्तर :- धर्मध्यान
१२- वेश्यागमन में कौन प्रसिद्ध हुआ ?
उत्तर :- चारुदत्त
१३- वेश्या के साथ रमण करना कौनसा व्यसन है ?
उत्तर :- वेश्यागमन
१४- झूठ बोलने में आनन्द मानना कौनसा ध्यान है ?
उत्तर :- मृषानन्दी रौद्रध्यान
साँपसीढ़ी प्रतियोगिता
१५- क्रूर परिणामों में होने वाला ध्यान कौनसा है ?
उत्तर :- रौद्रध्यान
१६- दूसरे की स्त्री के साथ रमण करना कौनसा व्यसन है ?
उत्तर :- परस्त्रीसेवन
१७- शिकार खेलने में कौन प्रसिद्ध हुआ ?
उत्तर :- ब्रह्मदत्त चक्रवर्ती
१८- हिंसा में आनन्द मानना कौनसा ध्यान है ?
उत्तर :- हिंसानन्दी रौद्रध्यान
१९- चोरी करने में कौन प्रसिद्ध हुआ ?
उत्तर :- सत्यघोष
२०- नशीली वस्तुओं के सेवन करना कौनसा व्यसन है ?
उत्तर :- मदिरापान
२१- परिग्रह के संग्रह करने में आनन्द मानना कौनसा ध्यान है ?
उत्तर :- परिग्रहानन्दी रौद्रध्यान
२२- परस्त्री सेवन में कौन प्रसिद्ध हुआ ?
उत्तर :- रावण
२३- इच्छा का निरोध करना यह कौनसा धर्म है ?
उत्तर :- तपधर्म
२४- मृषा बोलने में कौन प्रसिद्ध हुआ ?
उत्तर :- युधिष्ठिर
२५- आत्मस्वभाव में रमण करना यह कौनसा धर्म है ?
उत्तर :- ब्रह्मचर्यधर्म
२६- आर्तध्यान के कितने भेद है ?
उत्तर :- ४
२७- माँस खाने में कौन प्रसिद्ध हुआ ?
उत्तर :- बक राजा
२८- कर्मों के फल का चिन्तन करना कौनसा धर्मध्यान है ?
उत्तर :- विपाकविचय
२९- इन्द्रिय और मन का निरोध करना यह कौनसा धर्म है ?
उत्तर :- संयमधर्म
३०- आगामी काल में सुख की इच्छा करना कौनसा आर्तध्यान है ?
साँपसीढ़ी प्रतियोगिता
उत्तर :- निदान आर्तध्यान
३१- धर्म के कितने भेद है ?
उत्तर :- १०
३२- क्रोध नहीं करना यह कौनसा धर्म है ?
उत्तर :- क्षमाधर्म
३३- रौद्रध्यान के कितने भेद है ?
उत्तर :- ४
३४- शरीर में पीड़ा होने पर कौनसा आर्तध्यान होता है ?
उत्तर :- पीडाचिन्तन
३५- लोभ नहीं करना यह कौनसा धर्म है ?
उत्तर :- शौचधर्म
३६- जिनेन्द्र की आज्ञा का चिन्तन करना कौनसा धर्मध्यान है ?
उत्तर :- आज्ञाविचय
३७- धर्मध्यान के कितने भेद है ?
उत्तर :- ४
३८- इष्ट का विरह होने पर कौनसा आर्तध्यान होता है ?
उत्तर :- इष्टवियोग
३९- कपट नहीं करना यह कौनसा धर्म है ?
उत्तर :- आर्जवधर्म
४०- अनिष्ट का संयोग होने पर कौनसा आर्तध्यान होता है ?
उत्तर :- अनिष्टसंयोग
४१- शुक्लध्यान का दूसरा नाम क्या है ?
उत्तर :- शुक्लध्यान
४२- झूठ नहीं बोलना यह कौनसा धर्म है ?
उत्तर :- सत्यधर्म
४३- केवली भगवान को कौनसा ध्यान होता है ?
उत्तर :- अन्तिम दो शुक्लध्यान
४४- शुक्लध्यान के कितने भेद है ?
उत्तर :- ४
४५- मान नहीं करना यह कौनसा धर्म है ?
उत्तर :- मार्दवधर्म
क्रमांक ८१ से ९० के लिए प्रश्न
१- बारह भावनाओं में से पहली भावना का नाम बताइये।
उत्तर :- अनित्य
२- बारह भावनाओं में से पाँचवीं भावना का नाम बताइये।
उत्तर :- असुचत्व
३- बारह भावनाओं में से आठवीं भावना का नाम बताइये।
उत्तर :- संवर
४- बारह भावनाओं में से तीसरी भावना का नाम बताइये।
उत्तर :- संसार
५- बारह भावनाओं में से सातवीं भावना का नाम बताइये।
उत्तर :- आस्रव
६- बारह भावनाओं में में से ग्यारहवीं भावना का नाम बताइये।
उत्तर :- बोधिदुर्लभ
७- बारह भावनाओं में से दूसरी भावना का नाम बताइये।
उत्तर :- अशरण
८- बारह भावनाओं में से नौवीं भावना का नाम बताइये।
उत्तर :- निर्जरा
९- बारह भावनाओं में से बारहवीं भावना का नाम बताइये।
उत्तर :- धर्म
१०- बारह भावनाओं में से चौथी भावना का नाम बताइये।
उत्तर :- एकत्व
११- बारह भावनाओं में से छठी भावना का नाम बताइये।
उत्तर :- अशुचि
१२- बारह भावनाओं में से दसवीं भावना का नाम बताइये।
उत्तर :- लोक
१३- अनुप्रेक्षाएँ कितनी है?
उत्तर :- १२
१४- संसार में कोई नित्य नहीं है ऐसा चिन्तन करना कौनसी भावना है?
उत्तर :- अनित्य
हॉँसीप्रतियोगिता
१५- संसार को वस्तुयें पर है ऐसा चिन्तन करना कौनसी भावना है?
उत्तर :- अशुचत्व
१६- संसार असार है ऐसा चिन्तन करना कौनसी भावना है?
उत्तर :- संसार
१७- तीनलोक के स्वभाव का चिन्तन करना कौनसी भावना है?
उत्तर :- लोक
१८- रत्नत्रय की दुर्लभता का चिन्तन करना कौनसी भावना है?
उत्तर :- बोधिदुर्लभ
१९- वस्तु के स्वरूप का चिन्तन करना कौनसी भावना है?
उत्तर :- धर्म
२०- शरीर के स्वरूप का चिन्तन करना कौनसी भावना है?
उत्तर :- अशुचि
२१- संसार में कोई शरण नहीं है ऐसा चिन्तन करना कौनसी भावना है?
उत्तर :- अशरण
२२- अपने एकत्वपने का चिन्तन करना कौनसी भावना है?
उत्तर :- एकत्व
२३- कर्मों के आगमन के विषय में चिन्तन करना कौनसी भावना है?
उत्तर :- आस्रव
२४- कर्मों के झड़ने के विषय में चिन्तन करना कौनसी भावना है?
उत्तर :- निर्जरा
२५- कर्मों के रोकने के विषय में चिन्तन करना कौनसी भावना है?
उत्तर :- संवर
२६- तीर्थंकर प्रकृति का बन्ध कराने वाली भावनायें कितनी है?
उत्तर :- १६
२७- सदा ज्ञानोपयोग में लीन रहना कौनसी भावना है?
उत्तर :- असीहण ज्ञानोपयोग
२८- शक्ति के अनुसार तप करना कौनसी भावना है?
उत्तर :- शक्तितस्तप
२९- त्यागियों की सेवा करना कौनसी भावना है?
उत्तर :- वैयावृत्ति
३०- जैनधर्म का प्रभाव फैलाना कौनसी भावना है?
हॉँसीप्रतियोगिता
३१- मार्गप्रभावना
३२- साधर्मी जनों से प्रेम करना कौनसी भावना है?
उत्तर :- प्रवचन वात्सल्य
३३- आचार्य की भक्ति करना कौनसी भावना है?
उत्तर :- आचार्यभक्ति
३४- उपाध्याय की भक्ति करना कौनसी भावना है?
उत्तर :- बहुश्रुतभक्ति
३५- अरिहन्त की भक्ति करना कौनसी भावना है?
उत्तर :- अर्हन्तभक्ति
३६- जिनवाणी की भक्ति करना कौनसी भावना है?
उत्तर :- प्रवचनभक्ति
३७- महापुरुषों का आदर करना कौनसी भावना है?
उत्तर :- विनयसम्पन्नता
३८- धर्म और धर्म के फल में अनुराग करना कौनसी भावना है?
उत्तर :- संवेग
३९- जिन्हें बार-बार भाया जाये उन्हें क्या कहते है?
उत्तर :- भावना
४०- शक्ति के अनुसार दान देना कौनसी भावना है?
उत्तर :- शक्तितस्त्याग
४१- सम्यग्दर्शन की शुद्धि का चिन्तन कौनसी भावना है?
उत्तर :- दर्शनविशुद्धि
४२- व्रत और शीलों में अतिचार नहीं लगाना कौनसी भावना है?
उत्तर :- शीलव्रतेष्वनतिचार
४३- सोलहकारण भावनाओं के द्वारा कौनसी कर्मप्रकृति बन्धती है?
उत्तर :- तीर्थंकर
४४- साधुओं का उपसर्ग दूर करना कौनसी भावना है?
उत्तर :- साधुसमाधि
४५- आवश्यकक्रियायें यथासमय से करना कौनसी भावना है?
उत्तर :- आवश्यकपरिहाणि
४६- सोलहकारण भावनाओं में मुख्य भावना कौनसी है?
उत्तर :- दर्शनविशुद्धि
प्रश्न
क्रमांक ९१ से १०० के लिए प्रश्न
१- मुक्ति को प्राप्त करने की योग्यता जिनमें होती है, उन्हें क्या कहते हैं ?
उत्तर :- भव्य
२- मार्गणाओं के कितने भेद हैं ?
उत्तर :- १४
३- देव और नारकियों का कौनसा जन्म होता है ?
उत्तर :- उपपाद
४- जन्म लेने के आधारभूत को क्या कहते हैं ?
उत्तर :- योनि
५- एकेन्द्रिय जीवों को कितने प्राण होते हैं ?
उत्तर :- ४
६- शरीर की ऊंचाई को क्या कहते हैं ?
उत्तर :- अवगाहना
७- वातावरण के निमित्त से उत्पन्न होने वाले जीवों का जन्म कौनसा होता है ?
उत्तर :- सम्मूर्छन
८- पर्याप्यिों का पूर्ण होने का काल कितना है ?
उत्तर :- अन्तर्मुहूर्त
९- तीर्थंकरदि महापुरुष कौनसी योनि से जन्म लेते हैं ?
उत्तर :- कुम्भीगत
१०- दो इन्द्रिय जीवों को कितने प्राण होते हैं ?
उत्तर :- ६
११- साधारण मनुष्य कौनसी योनि से जन्म लेते हैं ?
उत्तर :- वंशपत्र
१२- जरायुज, अण्डज और पोत जीवों का कौनसा जन्म होता है ?
उत्तर :- गर्भज
१३- जीवसमास के कितने भेद हैं ?
उत्तर :- १४
१४- कौनसी योनि में गर्भ नहीं ठहरता ?
उत्तर :- शाखवर्त
प्रश्न
१५- तीन इन्द्रिय जीवों को कितने प्राण होते हैं ?
उत्तर :- ७
१६- आकारयोनि के कितने भेद हैं ?
उत्तर :- ३
१७- लक्ष्यपर्याप्तिक मनुष्य का कौनसा जन्म होता है ?
उत्तर :- सम्मूर्छन
१८- पर्याप्यिों के कितने भेद हैं ?
उत्तर :- ६
१९- गुणायोनि के कितने भेद हैं ?
उत्तर :- १
२०- चार इन्द्रिय जीवों को कितने प्राण होते हैं ?
उत्तर :- ८
२१- एकेन्द्रिय से असैनी पंचेन्द्रिय जीवों का कौनसा जन्म होता है ?
उत्तर :- सम्मूर्छन
२२- कषाय से अन्तरंगीत योग की प्रवृत्ति को क्या कहते हैं ?
उत्तर :- लेश्या
२३- एकेन्द्रिय जीवों को कितनी पर्याप्यिों होती है ?
उत्तर :- ४
२४- मन, वचन और काया के द्वारा कर्मों को ग्रहण करने की शक्ति को क्या कहते हैं ?
उत्तर :- योग
२५- असैनी पंचेन्द्रिय जीवों को कितने प्राण होते हैं ?
उत्तर :- ९
२६- मनोयोग के कितने भेद हैं ?
उत्तर :- ४
२७- सैनी पंचेन्द्रिय जीवों को कितनी पर्याप्यिों होती हैं ?
उत्तर :- ६
२८- दो इन्द्रिय जीवों को कितनी पर्याप्यिों होती हैं ?
उत्तर :- १
२९- वचनयोग के कितने भेद हैं ?
उत्तर :- ४
३०- सैनी पंचेन्द्रिय जीवों को कितने प्राण होते हैं ?
प्रश्न
उत्तर :- १०
३१- काययोग के कितने भेद हैं ?
उत्तर :- १
३२- जिनमें जीवों को खोजा जाता है, उन्हें क्या कहते हैं ?
उत्तर :- मार्गणा
३३- तीन इन्द्रिय जीवों को कितनी पर्याप्यिों होती हैं ?
उत्तर :- १
३४- जिनकी पर्याप्यिों पूर्ण नहीं होती उन जीवों को क्या कहते हैं ?
उत्तर :- अपर्याप्तक
३५- असैनी पंचेन्द्रिय जीवों को कितने प्राण होते हैं ?
उत्तर :- ९
३६- एकेन्द्रिय जीवों में उत्कृष्ट अवगाहना किसकी है ?
उत्तर :- कमल की
३७- शरीर और पर्याप्ति के योग्य पुद्गल के ग्रहण करने को क्या कहते हैं ?
उत्तर :- आहार
३८- चार इन्द्रिय जीवों को कितनी पर्याप्यिों होती हैं ?
उत्तर :- १
३९- पंचेन्द्रिय जीवों में उत्कृष्ट अवगाहना किसकी है ?
उत्तर :- महामत्स्य की
४०- देवगति के जीवों को कितने प्राण होते हैं ?
उत्तर :- १०
४१- दो इन्द्रिय जीवों में उत्कृष्ट अवगाहना किसकी है ?
उत्तर :- शंख की
४२- चार इन्द्रिय जीवों में उत्कृष्ट अवगाहना किसकी है ?
उत्तर :- भ्रमर की
४३- असैनी पंचेन्द्रिय जीवों को कितनी पर्याप्यिों होती हैं ?
उत्तर :- १
४४- तीन इन्द्रिय जीवों में उत्कृष्ट अवगाहना किसकी है ?
उत्तर :- चींटी की
४५- नरकगति के जीवों को कितने प्राण होते हैं ?
उत्तर :- १०
साँप के स्थान पर पहुँचने पर प्रश्न
१- कौनसे परमोच्च ६३ कर्मप्रकृतियों से रहित होते है?
उत्तर:- अरिहंत
२- गुणस्थान के कितने भेद है?
उत्तर:- १४
३- प्रमादरहित मुनियों का कौनसा गुणस्थान है?
उत्तर:- अप्रमत्तविरत
४- गुणस्थान के दो निमित्त कौनसे है?
उत्तर:- मोह और योग
५- अनन्तचतुष्टय की प्राप्ति कौनसे गुणस्थान में होती है?
उत्तर:- सयोगकेवली
६- सम्पूर्ण मोहनीयकर्म के उपशम से कौनसा गुणस्थान होता है?
उत्तर:- उपशांतमोह
७- श्रेणी के कितने भेद है?
उत्तर:- २
८- सम्यक्त्व से गिरते समय कौनसा गुणस्थान होता है?
उत्तर:- सासादन
९- उपशमश्रेणी के गुणस्थान कौनसे है?
उत्तर:- ८, ९, १०, ११
१०- सम्पूर्ण मोहनीयकर्म के क्षय से कौनसा गुणस्थान होता है?
उत्तर:- क्षीणमोह
११- कौनसे गुणस्थान में सूक्ष्मलोभ रहता है?
उत्तर:- सूक्ष्मसाम्पराय
१२- कौनसे गुणस्थान का जीव मिथ्यादृष्टि होता है?
उत्तर:- मिथ्यात्व
१३- नवकेवललब्धियों की प्राप्ति कौनसे गुणस्थान में होती है?
उत्तर:- सयोगकेवली
१४- क्षपकश्रेणी के गुणस्थान कौनसे है?
उत्तर:- ८, ९, १०, १२
१५- व्रतरहित सम्यग्दृष्टि के गुणस्थान का नाम बताइये।
उत्तर:- अविरत सम्यग्दृष्टि
१६- ८३ कर्मप्रकृतियों का क्षय कौनसे गुणस्थान में होता है?
उत्तर:- अयोगकेवली
१७- प्रत्याख्यानावरण कषाय का उदय कौनसे गुणस्थान में होता है?
उत्तर:- देशविरत
१८- व्रती गृहस्थों का कौनसा गुणस्थान होता है?
उत्तर:- देशविरत
१९- कौनसी श्रेणी पर चढ़ने वाला जीव नियम से गिरता है?
उत्तर:- उपशमश्रेणी
२०- योगसहित केवलियों के गुणस्थान का नाम क्या है?
उत्तर:- सयोगकेवली
२१- अप्रत्याख्यानावरण कषाय का उदय कौनसे गुणस्थान में होता है?
उत्तर:- अविरत सम्यग्दृष्टि
२२- वर्तमान के मुनियों को सातवें गुणस्थान का कौनसा भेद होता है?
उत्तर:- स्वस्थान अप्रमत्त
२३- संज्वलन कषाय का मन्द उदय कौनसे गुणस्थान में होता है?
उत्तर:- अप्रमत्तविरत
२४- कौनसी श्रेणी में मोहनीयकर्म का उपशम होता है?
उत्तर:- उपशमश्रेणी
२५- संज्वलन कषाय का तीव्र उदय कौनसे गुणस्थान में होता है?
उत्तर:- प्रमत्तविरत
२६- योगरहित केवलियों के गुणस्थान का नाम क्या है?
उत्तर:- अयोगकेवली
२७- आठवें गुणस्थान का नाम क्या है?
उत्तर:- अपूर्वकरण
२८- सातवें गुणस्थान के दो भेद कौनसे है?
उत्तर:- स्वस्थान और सातिशय
२९- नौवें गुणस्थान का नाम क्या है?
उत्तर:- अनिवृत्तिकरण
३०- कौनसी श्रेणी में मोहनीयकर्म का क्षय होता है?
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मूल दस्तावेज़ (PDF): 147.pdf
स्रोत: Gyata संग्रह।
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