समयसार में राग को पौद्गलिक कहा है| क्या इसी तरह के जो उपचरित कथन है उनको वास्तविक मानने से कल्प्ति तत्त्व नाम का गृहीत मिथ्यात्व बंधता है?
समयसार में राग को पौद्गलिक कहा है| क्या इसी तरह के जो उपचरित कथन है उनको वास्तविक मानने से कल्प्ति तत्त्व नाम का गृहीत मिथ्यात्व बंधता है?