प्रतियोगिता चन्द्रिका — जैन स्वाध्याय सामग्री | Pratiyogita Chandrika

प्रतियोगिता चन्द्रिका

— यह ग्रंथ का अंश है; पूर्ण ग्रंथ नीचे संलग्न PDF में उपलब्ध है —

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अनुक्रमणिका

प्रतियोगिता चन्द्रिका

निर्देशक - पं. गौरव शास्त्री उदलकर
सहनिर्देशक - 1. 2.
रजि. नं. …

संकेतक्षर प्रतियोगिता -3

उदाहरण :- ध - क्षमा मा (आ) गौ (स) सं (त) स्था (आ) श्र
धर्म - क्षमा मार्दव आर्जव शौच सत्य संयम तप त्याग आकिंचन ब्रह्मचर्य

(1) क - पा तु भू च भो आ दी भा गा त्मो
(2) ल - अ अ अ
(3) श्रु. के. - वि न अ गौ ध
(4) प - अ व्य
(5) र - न मी धी द द ते
(6) अ - अ अ व वै सो अं सो रफ आ
(7) स - फ चे मा आ ते के वै
(8) प्रा - सि अ पु भा दि दे छ च
(9) अ - प्रा प्र अ अ
(10) क्र - श्री सु नि स ज वि ज

नोट :- प्रथम अक्षर दिये गये हैं उसी के आधार से आपको उत्तर इसमें ही लिखने हैं।
जगह की कमी होने पर अतिरिक्त उत्तर इसी के पीछे लिखें।

वे कौन थे? प्रतियोगिता -४

नोट : सभी उत्तर अनिवार्य है।

१. वे कौन जिन पर व्यन्तर देव कृत उपसर्ग को जीतकर मोक्ष को प्राप्त किया?
२. वे कौन थे जिन्होंने स्यालनिकृत उपसर्ग सहकर मोक्ष को प्राप्त किया?
३. वे कौन थे जिनके सिर पर जलती हुई सिगड़ी रखी थी?
४. वे कौन जिन पर बैरी व्यन्तरदेव कृत उपसर्ग सहकर सर्वार्थसिद्धि में देव हुए?
५. वे कौन थे जिन्हें देवों ने मनुष्य का रूप धारणकर मायावी वन में आहार कराया था?
६. वे कौन थे जिनके पूर्ण शरीर को वैरी चण्ड ने छेद दिया था?
७. वे कौन थे जो जल का उपसर्ग सहकर मोक्ष गये?
८. वे कौन जिन्हें ७०० वर्ष तक कुष्ठरोग हो गया था?
९. वे कौन थे जिन्होंने चक्रराज कृत उपसर्ग जीतकर केवलज्ञानोत्पत्ति की?
१०. वे कौन थे जिन्होंने शादी के दूसरे ही दिन दीक्षा लेकर मुनि हुये और मोक्ष प्राप्त किया?
११. वे कौन थे जिन्होंने कपिल ब्राह्मण कृत उपसर्ग को सहकर मोक्ष को प्राप्त किया?
१२. वे कौन थे जिन्हें हाथी पर बैठे-बैठे वैराग्य हुआ था?
१३. वे कौन थे बाधिन कृत उपसर्ग को जीतकर सर्वार्थसिद्धि प्राप्त की?
१४. वे कौन थे जिन्होंने मरणासन्न बैल को नमोकार मंत्र सुनाया और जिसके प्रभाव से वे कुछ भव पश्चात् राम सुग्रीव बन मोक्ष गये?
१५. वे कौन थे जिन्होंने कैलाश पर्वत को अपने बल ऋद्धि से दबाया था?

सुडोकू प्रतियोगिता -5

चौंवल ज्ञान सम्यक्त्व दर्शन
अगुरुलघुत्व ज्ञान
ज्ञान सूक्ष्मत्व अगुरुलघुत्व
अगुरुलघुत्व सूक्ष्मत्व दर्शन
अवगाहनत्व दर्शन
सम्यक्त्व दर्शन अव्याबाधत्व
अगुरुलघुत्व अव्याबाधत्व
अवगाहनत्व अव्याबाधत्व वीर्यत्व सूक्ष्मत्व

नियम :- इसमें सिद्धों के आठ गुण लिखने हैं।

  • ४ X ४ के बॉक्सेस बने हुए हैं, उसमें आठों नाम एक ही बार आना चाहिये, पुनः आवृत्ति नहीं होनी चाहिये।
  • तथा खड़ी और आड़ी पंक्ति में किसी भी गुण का नाम पुनः नहीं आना चाहिये।
  • आधा भरा हुआ मान्य नहीं होगा।

अक्षर अन्ताक्षरी? प्रतियोगिता - ६

नोट : प्रश्न के आनेवाले उत्तर के अंत्यक्षर से ही अगले प्रश्न का उत्तर होना चाहिए।

१. एक कुलकर का नाम जो कि तीर्थंकर के १००८ नामों में हों
२. एक शिला का नाम जिस पर जन्माभिषेक होता है?
३. एक आचरणपरक ग्रन्थ का नाम ?
४. एक प्रतिनारायण का नाम एवं पिशाच जातीय व्यंतर देवों का भेद
५. एक मरण का प्रकार?
६. तत्त्वार्थसूत्र की एक टीका
७. पंच अणुव्रतों में से एक अतिचार का नाम
८. एक कषाय का नाम
९. एक तप का प्रभेद
१०. एक ग्रन्थकार एवं चूर्णिसूत्रकार का नाम
११. एक अकृत्रिम वन का नाम
१२. सुन्दर आध्यात्मिक अनेक हिन्दी पदों के रचयिता कवि
१३. कवि पण्डित विक्रमजीत द्वारा रचित एक ग्रंथ
१४. प्रवचनसार के अनुसार मोह का ही चिह्न है ऐसा भाव
१५. जिन पर्वतों पर अकृत्रिम चैत्यालय होते हैं उस पर्वत का नाम

— अंश यहाँ समाप्त; पूर्ण ग्रंथ के लिए नीचे संलग्न PDF देखें —


:paperclip: मूल दस्तावेज़ (PDF): 3259.pdf

स्रोत: Gyata संग्रह।

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