पहेली — जय जिनेन्द्र | Paheli — Jai Jinendra

जय जिनेन्द्र

जय जिनेन्द्र
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आपका आज के कार्यक्रम मे स्वागत है ।


प्रश्नो की वाटिका


Round 1


मैं कहाँ से आई हूँ ?


Rules :-
यहा आपको एक पंक्ति दि जाएगी जिसे पड़कर आपको बताना है की वह पंक्ति किस धर्म के संदर्भ मे है ।
उदाहरण :-
गाली सुनी मन खेद न आनो , गुन को औगुन कहे अयानों
उत्तर – उत्तम क्षमा


सुरग – नरक – पशुगति मे नाहीं ,
आलस – हरन करन सुख ठाँ हीं ।
प्रश्न


उत्तर
उत्तम ब्रह्मचर्य


फाँस तनक – सी तन मे सालै ,
चाह लँगोटी की दुख भालै ।
प्रश्न


मुख करे जैसा लखै तैसा ,
कपट प्रीति अंगार सी ।
प्रश्न


नाशूँ सारी भूल ,
विनय शुद्ध उर मे धरूँ ।
प्रश्न


शुद्धभाव के द्वारा पाता भाव – दुख पर जय ,
हेय जान व्यवहार छोड़ता पाता निश्चय ।
प्रश्न


राग द्वेष मोह पुण्य –
पाप से विहीन हो ।
प्रश्न


पूर्ण अनिच्छुक बनकर ही
वे सुख पाते है
प्रश्न


सेठ सुदर्शन यह व्रत कीनों ,
पुण्य प्रताप सुजश जग लीनो ।
प्रश्न


प्रश्न दो उत्तर एक


दान का एक भेद ?
राजा श्रेणिक के पुत्र ?
प्रश्न


हनुमान की माता का नाम ?
नरक की एक पृथ्वी ?
प्रश्न


वस्तु का स्वभाव ?
एक द्रव्य का नाम ?
प्रश्न


अवधिज्ञान का एक भेद ?
महावीर स्वामी का अन्य नाम ?
प्रश्न


एक कल्पातीत विमान ?
एक ग्रंथ का नाम ?
प्रश्न


एक चक्रवर्ती का नाम ?
एक स्वर्ग का नाम ?
प्रश्न


पर्याप्ति का एक भेद ?
मार्गणा का एक भेद ?
प्रश्न


लब्धि का एक भेद ?
भाव का एक भेद ?
प्रश्न


नेमीनाथ का वर्ण ?
एक लेश्या क भेद ?
प्रश्न

प्रूफरीडिंग बाकी है