पहचानों में कौन हूँ (अपर नाम बताइये)
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पहचानों मैं कौन हूँ (अपर नाम बताइये)
नाम : …
पिता श्री…
- जिनके गिरने से शिला टूट कर चकनाचूर हो गई और ‘श्रीशैल’ नाम विख्यात हुआ…
- शास्त्र सुनते समय गरदन टेड़ी हो जाने से नाम ‘वक्रग्रीवाचार्य’ प्रसिद्ध हुआ…
- भगवान वीर के गणधर हुए और नाम ‘गौतम’ विख्यात हुआ…
- भद्रबाहु के शिष्य थे और मुरा के पुत्र होने से ‘मौर्य’ कहलाये…
- जनक की पुत्री होने के कारण ‘जानकी’ नाम विख्यात हुआ…
- भूत जाति के देवों द्वारा दंतपंक्ति सुन्दर करने के कारण नाम ‘पुष्पदंत’ प्रसिद्ध हुआ…
- तीनों लोकों का मानदण्ड है अतः ‘मेरु’ नाम प्रसिद्ध हुआ…
- गोमट्ट राजा की प्ररेणा द्वारा रचित होने के कारण नाम ‘गोमट्टसार’ विख्यात हुआ…
- जिनके कारण श्रवणबेलगोला स्थित प्रतिमा ‘गोमटेश्वर’ नाम से विख्यात हुई…
- सृष्टि की आदि में उत्पन्न होने से ‘आदिपुरुष’ विख्यात हुए…
- एकान्त मतों के निराकरण और भगवान महावीर में आप्ततत्त्व की सिद्धि के कारण नाम
‘आप्तमीमांसा’ प्रसिद्ध हुआ… - बालि मुनि के अंगुठे के नीचे दबने से रूदन करने के कारण ‘रावण’ नाम प्रसिद्ध हुआ…
- बनारस यात्रा के समय पार्श्वनाथ की जन्मभूमि वाराणासी के नाम पर इनका नाम ‘बनारसीदास’
रखा गया… - प्रथम सूत्र ग्रन्थ रचनाकार जो मयूर पीछी गिरने से गीध पंखो की पीछी लेने से ‘गृधपिच्छाचार्य’
नाम से प्रसिद्ध हुए… - कमल की पंखुडी के समान नेत्र होने के कारण ‘पद्म’ नाम प्रसिद्ध हुआ…
अक्षर पहेली
नोटः- समस्त प्रश्नों के उत्तर उनके आगे लिखे अक्षर से प्रारंभ होगे -
अ. कुन्दकुन्दाचार्य के पंच परमागम में से एक - …
आ. एक संज्ञा का नाम - …
इ. तीर्थंकर बालक को सर्वप्रथम गोद में कौन लेता है - …
ई. मतिज्ञान का एक भेद - …
उ. निर्विचिकित्सा अंग में प्रसिद्ध - …
ऊ. एक सिद्ध क्षेत्र - …
ए. शुक्ल ध्यान का एक भेद - …
ऐ. 16 स्वप्नों में से एक - …
ओ. तीर्थंकर की दिव्यध्वनि होती है - …
औ. भावकर्म के उदय से होने वाला भाव - …
अं. साधु किस पात्र में आहार लेते है - …
क. जिसने जिन प्रतिमा का अनादर किया था - …
ख. चन्द्रनखा के पति का नाम - …
ग. भगवान अजितनाथ के चिन्ह का पर्यायवाची - …
घ. काल का एक प्रमाण - …
च. जो संख्या में 64 होते हैं - …
छ. भगवान का एक प्रातिहार्य - …
ज. जो मथुरा से मोक्ष गये - …
झ. जर, जोरू और जमीन क्या कराते है - …
त. श्रावक का एक आवश्यक - …
थ. तिर्यंच गति के जीव का एक भेद - …
द. रानी मनोवती प्रसिद्ध हुई - …
ध. आचार्य गुणभद्र द्वारा रचित एक चरित्र ग्रंथ - …
न. प्रमाण द्वारा गृहीत वस्तु का एक अंश ग्राही - …
प. जिसका आदि, मध्य और अंत न होने पर भी अस्तित्व है - …
व. पुण्य और पाप दोनों से होता है - …
भ. जिसमें सम्यग्दर्शन प्रकट करने की योग्यता हो - …
म. वर्तमान में जिनका शासन चल रहा है - …
य. साधु का पर्यायवाची - …
र. नन्दीश्वर द्वीप में ये 32 है - …
ल. जो आठवें नारायण थे - …
व. एक संहनन - …
श. तीर्थंकर चक्रवर्ती आदि प्रसिद्ध पुरुष कहलाते है - …
ष. इसकी उत्पत्ति द्वादशांग श्रुतस्कंध से हुई - …
स. पं बनारसीदास की अद्वितीय आध्यात्मिक रचना - …
ह हरि क्षेत्र की एक प्रसिद्ध नदी - …
नाम : …
पिता श्री…
तीर्थंकर ज्ञान प्रतियोगिता
- भगवान आदिनाथ के समवशरण में प्रथम श्रोता कौन थे ? …
- भगवान श्री अजितनाथ के वैराग्य का क्या कारण था ? …
- भगवान श्री सम्भवनाथ के जन्म का स्थान बताइए। …
- श्री अभिनन्दननाथ भगवान ने कितने वर्षों तक तप किया था ? …
- श्री सुमतिनाथ भगवान को केवलज्ञान कौनसी तिथि को हुआ था ? …
- श्री पद्मप्रभु भगवान की माता का नाम बताइए। …
- श्री सुपार्श्वनाथ भगवान ने कौनसे नगर में दीक्षा ली थी ? …
- श्री चन्द्रप्रभ भगवान के शरीर का वर्ण बताइए। …
- श्री पुष्पदन्त भगवान की ऊँचाई कितनी थी ? …
- भगवान शीतलानाथ कौनसे वंश में हुए थे ? …
- भगवान श्रेयांसनाथ की पर्व पर्याय का क्या नाम था ? …
- भगवान वासुपूज्य के पाँचों कल्याणक एक ही स्थान पर कहाँ हुए हैं ? …
- श्री विगलनाथ भगवान के दीक्षावृक्ष का नाम बताइए। …
- भगवान अनन्तनाथ के जन्मस्थान अयोध्या नगरी का दूसरा नाम बताइए। …
- धर्मनाथ भगवान का प्रथम आहार किस नगर में हुआ था ? …
- भगवान शान्तिनाथ कौनसे नम्बर के कामदेव व चक्रवर्ती हुए थे ? …
- श्री कुन्थुनाथ तीर्थकर कहाँ से च्युत होकर माता के गर्भ में आये थे ? …
- स्वयं चक्रवर्ती अरहनाथ भगवान के काल में कौन दूसरे चक्रवर्ती हुए ? …
- श्री मल्लिनाथ भगवान ने सर्वप्रथम किस वस्तु का आहार लिया था ? …
- भगवान मुनिसुव्रत का जन्म किस वंश में हुआ था ? …
- श्री नमिनाथ भगवान के शरीर की ऊँचाई कितनी थी ? …
- श्री नेमिनाथ भगवान के समवशरण के प्रथम श्रोता कौन थे ? …
- भगवान पार्श्वनाथ के कितने गणधर हुए थे ? …
- श्री भगवान महावीर के कितने अनुबद्ध केवली थे ? …
नियम -
- सभी प्रश्नों के उत्तर एक शब्द में ही होने चाहिए।
- प्रश्नों के उत्तर आगे दी हुई जगह में लिखिए।
नाम …
वर्गपहेली प्रतियोगिता
नाम
…
पता
…
निम्नलिखित प्रतियोगिता के प्रथम २२ प्रश्नों के जवाब अक्षरों मे एवं २२ प्रश्नों के जवाव संख्या में लिखिए।
- आठों कों में सबसे दुःखदायी कर्म कौनसा है?
- किस समुद्र का जल दूध के समान है ?
- नरकगति में कौनसा संस्थान होता है?
- णमोकार मंत्र सर्वप्रथम किस ग्रन्थ में लिखा गया ?
- आठवीं पृथ्वी का नाम क्या है ?
- वर्तमान में सीमन्धर स्वामी कौनसी नगरी में विद्यमान है ?
- उपसर्ग देवली केके रूप में कौनसे तीर्थंकर प्रसिद्ध है ?
- गोम्मटसार ग्रन्थ के सविता का क्या नाम है ?
- एक ऐसे पंडित जिन्होंने अपने घर से सामान ले जानेवाले
चोरों की सहायता की ? - महारानी प्रियकारिणी के पति का नाम क्या था
- श्री जम्बूस्वामी कहाँ से मोक्ष पधारें ?
- दशलक्षण धमों के साथ उत्तम शब्द किसका सूचक है ?
- आचार्य वादीभसिहरचित क्षत्रचूड़ामणि ग्रन्थ में किसका
चरित्र-चित्रण है ? - कुम्हार का ऊँचे-नीच वर्तन बनाना किस कर्म का उदाहरण है ?
- वस्तु के अनेकान्त स्वरूप को बतानेवाली पति को क्या
कहते हैं? - राजा ऋषभदेव की दो सन्तानें जो जुड़वा भाई-बहन थे ?
- जो तीसरे नरक तक लड़ाने का काम करते हैं ?
- आचार्य कुन्दकुकुन्द पूर्वजन्म में क्या थे?
- वह कौनसी नारी है, जिसका श्रीकृष्ण ने हरण किया था ?
- सुमेरू पर्वत की जड़ कौनसी पृथ्वी है ?
- सबसे बड़ी अवगाहन कौनसे जीव की होती है ?
- एक ऐसा अभक्ष्य पदार्थ “जो राजा के राज में नहीं, माली का
वाग में नहीं, खाओ तो स्वाद नहीं, फोड़ो तो गुठली नहीं”. - एनिराज का आहार कितने ग्रासप्रमाण होता है ?
24 मनुष्य गति में सम्यग्दर्शन की पात्रता कितनी उम्र के वाद
आती है ? - जज्ञानवादियों के कितने मत प्रचलित है ?
- भगवान के शरीर में कितने लक्षण चिह्न होते हैं ?
- णमोकार मन्त्र में कितने अक्षर होते हैं?
- पानी के एक वृन्द में कितने जीव होते हैं ?
- कितने परमेष्टी कपड़े पहनते हैं ?
- अ, इ, उ, क्र, लू के उच्चारण बरावर कौनसा गुणस्थान का
काल है ? - सिद्धशिक्षा का विस्तार कितना है ?
- रूद्र कितने होते हैं ?
- पुरुषार्थ कितने प्रकार के होते हैं ?
- अरहंत भगवान कितने दोषों से रहित होते हैं ?
- मध्यलोक में कितने अकृत्रिम जिनालय है ?
- सदार्थसिद्धि के देवों की आयु कितनी होती है ?
- प्रेमठ शलाका पुरुष कौनसे काल में होते हैं ?
- स्वाध्याय के कितने भेद होते हैं ?
- कर्मों की कितनी प्रकृतियाँ होती हैं ?
- संज्ञा कितनी होती हैं ?
- कितने सिद्ध संसार में वापस जन्म लेंगे ?
- सीमन्धर भगवान की आयु कितनी है
- ढाई द्वीप में कितनी कर्मभूमियाँ हैं ?
- निगोदिया जीव का एक श्वास में कितनी बार जन्म-मरण
होता है ?
सभी आत्माओं में ज्ञान है, पर धन्य हैं वे आत्मा जिनके ज्ञान में आत्मा है।
घर-घर चर्चा रहे धर्म की।
अभिवादन में जय जिनेन्त ही बोलिए।
(१)
प्रश्नों के उत्तर नीचे दिये हुए बॉक्स में लिखिए। अक्षर साफ एवं स्पष्ट होने चाहिए।
- …
- …
- …
- …
- …
- …
- …
- …
- …
- …
- …
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- …
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- …
- …
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- …
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- …
- …
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- …
- …
- …
- …
- …
- …
नियम :
प्रतियोगिता में उम्र का बन्धन नहीं है।
एक व्यक्ति अपने नाम से एक ही प्रतियोगिता पत्र भर सकता है।
निर्णायक मण्डल का अन्तिम निर्णय मान्य होगा।
(२)
अक्षर प्रतियोगिता
नाम : …
अ एक आचार्य का नाम
आ सात सत्त्वों में से एक तत्त्व
इ तीर्थंकर बालक को जो गोद में लेती है
ई मतिज्ञान का एक भेद
उ आठ अंग में से एक अंग
ऊ एक सिद्ध क्षेत्र का नाम
ए शुक्लध्यान का एक भेद
ऐ 16 स्वप्नों में से एक सपना
ओ तीर्थंकर परमात्मा की दिव्यध्वनि होती है
औ एक शरीर का प्रकार
अं एक कर्म का नाम
क पार्श्वनाथ पर उपसर्ग किया था वह
ख आकाश का पर्यायवाची शब्द
ग जम्बूद्वीप की एक नदी का नाम
घ एक वात वलय तथा एक समुद्र का नाम
च चार अनुयोगों में से एक
छ 4 से 12 गुणस्थान तक के जीव होते हैं
ज पद्मश्री, कनकश्री, विनयश्री, रूपश्री जिनकी पत्नियाँ थी
झ परम गुरू बर सत ज्ञान…
त एक नरकभुमि का नाम
थ तिर्यंच गति के जीव का एक भेद
द सोलह कारण भावनाओं में से एक भावना
ध एक आचार्य का नाम
न जो पदार्थ के एक अंग को ग्रहण करता है
प एक ग्रन्थ का नाम
फ नरेन्द्र … सुरेन्द्रं अधिषं
ब सात तत्त्वों में से एक तत्त्व का नाम
भ सभी जीव स्वभाव से
म जम्बूस्वामी जहाँ से मोक्ष पधारे, उस भूमि का नाम
य सम्यक का एक पर्यायवाची
र सम्यग्दर्शन - ज्ञान - चारित्र को एक अक्षर मे कहा जाये तो
ल एक समुद्र का नाम
व मूलाचार ग्रन्थ के रचियता का नाम
श नो कर्म जिसे कहा जाता है वह
ष एक ग्रन्थ का नाम
स निर्जरा का एक प्रकार
ह जिनके गिरने से शिला टूट कर चकनाचूर हो गई
क्ष जो रक्षा करते हैं तथा जिनका दशहरा पर्व होता है -
नोट : सभी के उत्तर आगे दिये गये अक्षर से ही लिखना है।
ज्ञान पहेली
(1) पंचम तीर्थंकर का नाम
(2) मोक्षमार्ग प्रकाशक ग्रंथ के रचनाकार
(3) आ. कुन्दकुन्ददेव द्वारा रचित एक ग्रंथ
(4) सम्यक् दर्शन-ज्ञान-चारित्र का पर्यायवाची
(5) आ. कुन्दकुन्ददेव की एक रचना
(6) एक समुद्र का नाम तथा नमक का पर्यायवाची
(7) वर्तमान काल के प्रथम तीर्थंकर का नाम
(8) जिनके बिना दिव्यध्वनि नहीं खिरती
(9) जैन धर्म का एक भेद
(10) नय का प्रमुख भेद
(11) जो जिन की आज्ञा को माने सो
(12) जिनागम जिसके माध्यम से जाने जाते हैं
(13) जिनके आठ गुण होते हैं
(14) जिसका अन्त सिद्ध तक हो उसे कहते हैं
(15) जैनधर्म का प्रमुख सिद्धांत
(16) डॉ. हुकमचन्दजी द्वारा रचित एक ग्रंथ
(17) उत्तम को कहते हैं
(18) श्रुत का पर्यायवाची शब्द
(19) एक पंडितजी का नाम
(20) अरहंत परमात्मा
(21) — चाह दावानल दह्यो
(22) जन्म का एक प्रकार
(23) ज्ञान का एक भेद
(24) जहाँ 700 मुनिराजों पर उपसर्ग हुआ
(25) चरणानुयोग का एक ग्रंथ
नाम …
पता …
नोट
प्रश्नों के उत्तर दिये हुये बॉक्स में ही लिखें।
(1) श्री
(2) टो
(3) … ड
(4) र
(5) … म
(6) ल
(7) दि
(8) ग
(9) म्ब
(10) … र
(11) जे
(12) न
(13) सि
(14) द्धां
(15) … त
(16) म
(17) हा
(18) वि
(19) द्या
(20) ल
(21) य
(22) ज
(23) य
(24) … प
(25) … र
प्रतियोगिता क्रमांक
आओ करें नवदेवता पूजन
| जिन धर्म | सर्व साधु | जिनागम | जिन चैत्यालय | ||
|---|---|---|---|---|---|
| उपाध्याय | |||||
| उपाध्याय | जिन चैत्य | सिद्ध | |||
| अरहंत | जिन चैत्यालय | सिद्ध | आचार्य | ||
| उपाध्याय | जिन चैत्य | अरहंत | जिन धर्म | ||
| जिन चैत्यालय | आचार्य | जिन चैत्य | |||
| उपाध्याय | |||||
| सर्व साधु | आचार्य | जिन धर्म | सिद्ध |
नोट -1. प्रत्येक पंक्ति में पूरे नौ देवता के नाम भरे जाना आवश्यक है।
2. आड़ी और खड़ी पंक्ति में एक 3 × 3 के वर्ग में किसी भी
नव देवता का नाम दुबारा ना आये।
नाम
…
9
शब्द रचना पहेली
नाम -
(1) आ…पु…ण
(2) प…में…ठी
(3) …यं…र…न
(4) गु…स्था…
(5) चै…ल…
(6) के…ज्ञा…
(7) ष…आ…क
(8) …क्ष…र्ग…का…
(9) टो…म…
(10) गं…ह…म…भा…
(11) त…सू…
(12) पं…ल्या…क
(13) प्र…य…म…र्त…
(14) अ…त…चा…
(15) …न…णी
(16) कु…न्दा…
(17) पु…र्ध…पा…
(18) पं…का…संग्र…
(19) का…या…प्रे…
(20) छ…ढा…
(21) नि…म…र
(22) श्लो…र्ति…
(23) स…सि…
(24) स…क्…र्शन
(25) अ…रा…त
नोट : इसमें आपको रिक्त स्थानों को भरना है।
रिक्त स्थान पहेली!
नाम : …
- तुम को बिन जाने जो … पाये सो तुम जाणत जिनेश।
- … ज्ञान चारित्राणि मोक्षमार्गः।
- … जीव न हणनते, सब विधी दरवहिंसा टरी।
- … महाबल सेनानी उस क्षण को टाल सकेगा क्या।
- हे … भव दुःख मेटो याते मै पुजो प्रभा पाय।
- तुमको पूजे … अहिपति नरपति देव।
- जो … हुँ या, सम्यग्दर्शन बिन दुःख पाय।
- हुँ स्वतंत्र निश्चल निष्काम ज्ञाता दृष्टा …।
- वे … महान जिन विचरे हमारे ध्यान में।
- … सिद्ध भगवान आदर्श तुम्ही मेरे।
- मुनि सकलव्रती …, भव भोगन में वैरागी।
- जजु भावना … रत्नत्रय जा बिना शिव नहीं कदा।
- … जह तरंग उछलत सुखदानी।
- युगपत होते हुँ प्रकाश … ते होई।
- सो जिनवर वाणी … त्रिववनमानी पुज्य भई।
- वीतराग सर्वज्ञ … भविजन की अब पुरो आस!
- देह जीव को एक गिने … तत्त्व मुधा है।
- सुख विस्तार वे को, यही … है।
- है अजेय … का हर्ता, णमोकार यह मंत्र महा।
- … में जान न लग्यो तरुण समय तरुणीग्न ग्यो।
- ऐसे प्रभु की … को नह्वन जलते करे।
- राजा राणा …, हथियत के असवार।
- … तेरी वाणी शुभनय के झरणे झरते हैं।
- मंगल … यह भवसागर दृढ़पोत।
- … मंगलकरण वीतराग विज्ञान।
नोट : सभी के उत्तर इसी में ही लिखना है।
भेदाभेद पहेली
नाम - …
(1) मिथ्यात्व — — —
(2) लब्धि — — —
(3) मेरु — — —
(4) स्वाध्याय — — —
(5) संवाय — — —
(6) परमागम — — —
(7) समिति — — —
(8) पंचाचार — — —
(9) भाव — — —
(10) बालयति — — —
(11) अभक्ष्य — — —
(12) उदुम्बर — — —
(13) परावर्तन — — —
(14) वर्गणायें — — —
(15) आस्रज — — —
(16) स्थावर — — —
(17) अनर्थदण्ड — — —
(18) अनुत्तर — — —
(19) शरीर — — —
(20) चारित्र — — —
(21) अजीव — — —
(22) अन्तराय — — —
(23) वर्ण — — —
(24) रस — — —
(25) अस्तिकाय — — —
नोट : इसमें आपको अभेद और भेदरूप दोनों शब्दों की पूर्ति करनी है।
वर्ग पहेली
बांये से दायें
- कवि हरिचन्द्र का एक ग्रन्थ
- दश धर्मों में से प्रथम धर्म
- पुदगल द्रव्य का एक गुण
- तालाब, हृद
- द्रव्यकर्मों के आठ भेदों में से एक
- दश धर्मों में से द्वितीय धर्म:
- छह द्रव्यों में से एक द्रव्य, आंकाश
- बाईस परीषह में से एक
- देशव्रत का एक अतिचार
- दो से लेकर पाँच इन्द्रिय पर्यन्त के जीव
- इच्छा, अभिलापा
- सल्लेखना करने वाला साधु
- पाँच ज्ञानों में चौथा ज्ञान,
- एकेन्द्रिय जीद, स्थावर
ऊपर से नीचे
- जिनागम में इनकी संख्या चौदह है, जीवस्थान
- चक्षु इन्द्रिय का विषय
- पाँच इन्द्रियों में से एक
- अन्तिम, श्रेष्ठ
- मान को स्तंभित करने वाला स्तम्भ
- वस्तु का स्वभाव
- पद्मप्रभ और नमिनाथ भगवान का चिन्ह
- तीनों योगों में से एक
- ज्योतिषियों का एक भेद
- अन्तःकरण, अनिन्द्रिय
- सम्यक्त्व के दश भेदों में से एक
- साधु, मुनि
- मूलाचार ग्रन्थ का चौथा अधिकार
- दश धर्मों में से छठा धर्म
- कुकथा, खोटी कथा
- देश धर्मों में से सातयाँ धर्म
- कर्मों का समूल नाश, विनाश
प्रतियोगिता
What is my Full Form
उदाहरण -
प. → अ. सि. आ. उ. सा.
परमेष्ठी → अरिहंत सिद्ध आचार्य उपाध्याय साधु
- ध → क्ष. मा. आ. शौ. स. स. त. त्या. आ. ब्र.
- श. → मा. मि. नि.
- क. → ग. ज. त. ज्ञा. भो.
- नि. → नि. इ.
- पु. → ध. अ. का. मो.
- क्षे. → भ. है. ह. वि. र है. ऐ.
- ध्या. → आ. रौ. ध. शु.
- प्र. → प. प्र.
- चे. → ज्ञा. क. क.
- मं.द्र. → छ. च. झा. क. प. द. स्वा. ध्व.
- क → को. मा. मा. लो.
- प. → व्य. अ. उ.
- र. → ख. मी. क. क. च.
- आ. → सा. वं. रु प्र. रु ध्या.
- दि. → पू. द. प. उ.
- स्था. → त. अ.
- नि. → का. म. पा. मा. श. प. नै. पि. ना.
- नि. → कै. गि. च. पा. स.
- म. → म. मां. म.
- पं. → जी. पु. ध. अ. आ.
नोट - प्रश्न एवं उत्तर दोनों के प्रथम शब्द दिये है आपको उन्हें पूरा लिखना है।
ANSWER- SHEET
- घ
- भ
- क
- नि
- पु
- है
- ध्या
- प्र
- चे
- मद्र
- क
- प
- र
- आ
- दि
- स्वा
- नि
- नि
- म
- प
- स
- स
- त
- त्या
- आ
- ब्र
- मो
- ना
- त
- मो
- का
- ह
- ध
- पु
- क
- द
- स्वा
- ध्या
जैन सुडोकु-1
| आस्रव | पाप | पुण्य | |||||
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| निर्जरा | पुण्य | संवर | जीव | मोक्ष | बंध | ||
| मोक्ष | आस्रव | बंध | अजीव | संवर | पाप | ||
| जीव | अजीव | ||||||
| मोक्ष | पुण्य | बंध | जीव | ||||
| पाप | मोक्ष | अजीव | आस्रव | जीव | निर्जरा | ||
| बंध | मोक्ष | अजीव |
नियम
- वर्ग में 9 पदार्थों के नाम ऐसे भरें कि आड़ी व खड़ी पंक्ति के साथ ही 3X3 के बॉक्स में जीव से पाप तक कोई भी नाम पुनः नहीं आये।
- आधा भरा हुआ स्वीकार नहीं किया जायेगा।
जैन सुडोकु-2
| अजीव | पाप | पुण्य | बंध | |||
|---|---|---|---|---|---|---|
| पाप | अजीव | मोक्ष | संवर | |||
| निर्जरा | संवर | मोक्ष | ||||
| निर्जरा | जीव | संवर | आस्रव | |||
| जीव | संवर | |||||
| मोक्ष | पुण्य | अजीव | निर्जरा | |||
| अजीव | आस्रव | बंध | ||||
| आस्रव | संवर | बंध | मोक्ष | |||
| पाप | निर्जरा | जीव | संवर |
नियम - 1. वर्ग में 9 पदार्थों के नाम ऐसे भरें कि आड़ी व खड़ी पंक्ति के साथ ही
3X3 के बॉक्स में जीव से पाप तक कोई भी नाम पुनः नहीं आये ।
2. आधा भरा हुआ स्वीकार नहीं किया जायेगा।
जैन सुडोकु-3
| दान | … | … | … | … | … | … | … | … |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| उपभोग | दर्शन | … | … | … | … | चारित्र | लाभ | … |
| … | … | … | … | भोग | सम्यक्त्व | … | … | उपभोग |
| ज्ञान | … | … | वीर्य | सम्यक्त्व | … | … | चारित्र | … |
| भोग | दान | लाभ | … | उपभोग | वीर्य | सम्यक्त्व | … | … |
| उपभोग | … | … | … | चारित्र | … | … | … | दान |
| दान | … | … | सम्यक्त्व | उपभोग | … | … | … | … |
| … | वीर्य | चारित्र | … | … | … | … | उपभोग | ज्ञान |
| … | … | … | … | … | … | … | दर्शन | … |
नियम
- वर्ग में 9 लब्धियों के नाम ऐसे भरें कि आड़ी व खड़ी पंक्ति के साथ ही 3X3 के बॉक्स में सम्यक्त्व से वीर्य तक कोई भी नाम पुनः नहीं आये।
- आधा भरा हुआ स्वीकार नहीं किया जायेगा।
जैन सुडोकु-4
| भोग | … | दान | … | … | लाभ | … |
|---|---|---|---|---|---|---|
| उपभोग | … | लाभ | … | … | … | ज्ञान |
| … | … | … | लाभ | दर्शन | … | चारित्र |
| … | दर्शन | … | दान | … | … | सम्यक्त्व |
| ज्ञान | सम्यक्त्व | वीर्य | उपभोग | दर्शन | … | … |
| चारित्र | … | … | दर्शन | … | ज्ञान | … |
| … | दान | … | लाभ | चारित्र | … | … |
| लाभ | … | … | … | … | चारित्र | वीर्य |
| … | उपभोग | … | … | दान | … | ज्ञान |
नियम
- वर्ग में 9 लब्धियों के नाम ऐसे भरें कि आड़ी व खड़ी पंक्ति के साथ ही 3X3 के बॉक्स में सम्यक्त्व से वीर्य तक कोई भी नाम पुनः नहीं आये।
- आधा भरा हुआ स्वीकार नहीं किया जायेगा।
जैन सुडोकु-5
| सुप्रभ | रामचन्द्र | |||||
|---|---|---|---|---|---|---|
| बलराम | रामचन्द्र | सुदर्शन | विजय | सुधर्म | नंदीमित्र | |
| नंदीमित्र | रामचन्द्र | |||||
| अचल | सुदर्शन | सुप्रभ | बलराम | नन्दी | नंदीमित्र | |
| सुप्रभ | बलराम | अचल | सुधर्म | रामचन्द्र | विजय | |
| रामचन्द्र | नन्दी | |||||
| नन्दी | सुधर्म | बलराम | सुदर्शन | विजय | ||
| अचल | नन्दी |
नियम
- वर्ग में 9 बलभद्रों के नाम ऐसे भरें कि आड़ी व खड़ी पंक्ति के साथ ही 3X3 के बॉक्स में नंदीमित्र से बलराम तक कोई भी नाम पुनः नहीं आये।
- आधा भरा हुआ स्वीकार नहीं किया जायेगा।
जैन सुडोकु-6
| सुधर्म | … | सुदर्शन | … | बलराम | नंदीमित्र | … | नन्दी |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| … | अचल | … | … | … | … | … | बलराम |
| … | … | सुप्रभ | विजय | … | … | … | … |
| नन्दी | रामचन्द्र | … | … | सुधर्म | अचल | … | … |
| … | … | … | रामचन्द्र | … | सुप्रभ | … | … |
| … | … | बलराम | विजय | … | … | नंदीमित्र | अचल |
| बलराम | … | … | रामचन्द्र | सुप्रभ | … | … | … |
| अचल | … | … | … | … | … | विजय | … |
| … | … | विजय | सुप्रभ | … | नन्दी | … | रामचन्द्र |
नियम
- वर्ग में 9 बलभद्रों के नाम ऐसे भरें कि आड़ी व खड़ी पंक्ति के साथ ही 3X3 के बॉक्स में नंदीमित्र से बलराम तक कोई भी नाम पुनः नहीं आये।
- आधा भरा हुआ स्वीकार नहीं किया जायेगा।
वर्ग पहेली - 1
| 1 | 2 | 4 | |||||||
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| 3 | |||||||||
| 5 | 6 | ||||||||
| 7 | |||||||||
| 8 | 9 | 10 | |||||||
| 11 | 12 | 13 | |||||||
| 14 | 15 | ||||||||
| 16 |
आड़ी लाइन
- समयसार का एक अधिकार
- एक चरणानुयोग का ग्रंथ
- आ. पद्मनंदी (द्वितीय) द्वारा रचित ग्रंथ
- आ. जिनसेन (द्वितीय) द्वारा रचित ग्रंथ
- ज्ञानार्णव के रचयिता
- आचार्य देवसेन द्वारा रचित ग्रंथ
- जिसने बैल को णमोकार मंत्र सुनाया
14.-15. डॉ. हुकमचंद द्वारा लिखित एक पुस्तक - आ. नेमिचन्द्र सिद्धांत चक्रवर्ती द्वारा रचित ग्रंथ
खड़ी लाइन
- कुत्ते को णमोकार मंत्र सुनाया
- गुरुदेवश्री के प्रवचन पर छपी पुस्तक
- एक ग्रंथ का नाम
- आ. कुन्दकुन्द रचित एक ग्रंथ
- एक दिशा
- 6 खण्डों को जीतने वाला
- आ. देवसेन द्वारा रचित ग्रंथ
नाम - …
वर्ग पहेली - 2
| 1 | 2 | 3 | 4 | ||||
| 6 | |||||||
| 7 | |||||||
| 8 | 9 | ||||||
| 10 | 11 | ||||||
| 12 | |||||||
| 14 | 15 | ||||||
| 16 | 17 |
आड़ी लाइन
- प्रवचनसार के रचयिता
- जिसमें समय का वर्णन है
- नन्दीश्वर द्वीप के पर्वत का नाम
- पद्मपुराण के रचयिता
- जिसमें त्रस जीव रहते हैं
- भरत के भाई
- त्रिलोकसार के टीकाकार
- भूतबली पुष्पदंत के गुरु
खड़ी लाइन
- जयसेनाचार्य ने आ. कुन्दकुन्द को इनका शिष्य बताया
- ये महापुरुष 14 होते हैं
- आद्य स्तुतिकार
- तिलोयपण्णत्ति के रचयिता
- भद्रबाहु चरित्र के रचयिता
8.-11. एक श्रुतकेवली - शुभचन्द्राचार्य कृत ग्रंथ
- आदिपुराण के रचयिता
नाम - …
वर्ग पहेली - 3
| न | न्द | ल्पा | तो | उ | ता | ठ | भो | हिं | मी |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| र | र्म | आ | शि | प | आ | ष | ग | द | स्वा |
| क | र | णा | नु | यो | ग | शु | तृ | म | म्बू |
| झु | ट | शि | ति | ग | अ | स्ति | त्व | झु | ज |
| ना | त | चे | श्य | नु | पू | नु | ल्पा | क | र्य |
| गी | हिं | ज्य | यो | ती | र्व | ज्ञ | प्रे | चा | ए |
| सा | वी | ग | न | र्ण | क | धि | आ | क्षा | र |
| र्श | ल | ज्ञा | ना | व | र | ण | र | यि | वी |
| न | ति | हिं | धु | सु | ण | म | त्र | क | हा |
| म | ना | द्य | म | सं | नि | य | म | ल्य | म |
प्रश्न -
- एक गति (3)
- ज्ञान के भेद (2)
- एक अनुयोग (6)
- जीव की अवस्था विशेष (2)
- एक गुणस्थान (4)
- एक सामान्य गुण (3)
- वर्धमान के नाना (3)
- एक पाप (2)
- एक परमेष्ठी (3)
- एक कर्म (5)
- एक राजा (2)
- अनिन्द्रिय (2)
- ज्ञान-दर्शन का व्यापार (4)
- धर्म के लक्षण (2)
- दो बुद्धियाँ (4,3)
- शास्त्र की कथनपद्धति (4)
- बार-बार चिंतन (4)
- श्रावक के लिये दो का त्याग (2,2)
- एक केवली (4)
- जीव का लक्षण (3)
- एक इन्द्रिय (2)
- एक सम्यक्त्व (3)
- पुद्गल का एक लक्षण (2)
- एक ज्ञान (4)
- एक कर्म (2)
- व्रत के प्रकार (3,2)
नोट
अक्षरों को ऊपर, नीचे, दायें, बायें, तिरछा करके उत्तर खोजिये तथा उत्तर निर्देशों के अनुसार चार्ट बनाइये। उदाहरण - 1. एक कर्म - ज्ञानावरण
नाम - …
वे कौन थे…
नाम …
पिता काम नाम …
१. जिनके ऊपर जलती सिगड़ी रखी गई। …
२. जिन्हें जलते हुए गहने पहनाएँ गए। …
३. जिन्होंने मरणासन्न कुत्ते को णमोकार मन्त्र सुनाया। …
४. जिन्होंने आप्तपरीक्षा ग्रन्थ लिखा। …
५. जिन्हें हाथी पर बैठे-बैठे वैराग्य हुआ। …
६. जो णमोकार मंत्र के अपमान से नरक गए। …
७. यशोधर मुनि के गले में मृत सर्प डाला। …
८. जिन्हें भस्मक व्याधि हुई। …
९. नाटक समयसार की रचना की। …
१०. संवर देव ने इन पर उपसर्ग किया था। …
११. जिनका उपसर्ग राम-लक्ष्मण ने दूर किया था। …
१२. इस युग में प्रथम मोक्ष गए। …
१३. जो दीक्षा के अंतर्मुहूर्त बाद केवलज्ञानी हो गए। …
१४. जिन पर सीता के जीव ने उपसर्ग किया। …
१५. जिन्हें ४८ तालों में बंद रखा गया। …
१६. जो मुनि विदेह क्षेत्र गए थे। …
१७. जिन्हें तीन दिन तक श्यालिनी आती रही। …
१८. जिनका बाघिन ने भक्षण किया। …
१९. जिन्हें वन में नगर बसाकर आहार दिया। …
२०. जिनके निमित्त से द्वारिका नगरी जली। …
२१. जिन्होंने निमित्त ज्ञान से बारहवर्षीय अकाल की घोषणा की। …
२२. प्रथम सूत्रात्मक जैन ग्रन्थ लिखा। …
२३. प्रथम जैन ग्रन्थ लिपिबद्ध किया। …
२४. जिनके पांचों कल्याणक एक स्थान पर हुए। …
२५. जिनसे सम्राट चन्द्रगुप्त ने १६ स्वप्नों का फल पूछा। …
अरहंत पहेली
नाम…
पिता का नाम …
नोट : इस प्रतियोगिता के उत्तर आपको ‘अ’ अक्षर से शुरुआत करना है।
१. नंदीश्वर द्वीप में पाया जाने वाला एक पर्वत। …
२. सात सौ मुनिराजों के संघ के नायक एक आचार्य …
३. जिनके आने की कोई तिथि नहीं रहती ऐसे मुनि और आर्यिका को कहते हैं। …
४. राजा श्रेणिक के पुत्र का नाम। …
५. उस विशालकाय जीव का नाम जिसके पीठ पर चार पैर होते हैं। …
६. बहुप्रदेशी द्रव्य को कहते हैं। …
७. आयुकर्म के अभाव से प्रगट होनेवाला आत्मा का गुण। …
८. अनर्थदण्ड व्रत का एक भेद। …
९. कविवर पं. दौलतरामजी ने छहढाला ग्रन्थ की दूसरी ढाल के दूसरे छन्द में जिसका स्वरूप बताया है। …
१०. मुनिराजों को कहते हैं। …
११. दूसरे नं. के जितशत्रु रुद्र किस तीर्थंकर के काल में हुये। …
१२. जिसका कभी क्षय ना हो उसे कहते हैं। …
१३. पाँच अनुव्रतों में से एक व्रत। …
१४. चार शिक्षाव्रतों में से एक व्रत। …
१५. वर्तमान काल के दूसरे तीर्थंकर का नाम। …
१६. जो आत्मा के गुणों का घात करने में निमित्त न हो। …
१७. जो स्थिति हेतुत्व जीव और पुद्गल को गमन में निमित्त है। …
१८. पाँच ज्ञानों में एक ज्ञान का प्रकार। …
१९. आठ प्रातिहार्य में से एक प्रतिहार्य है। …
२०. जो खाने योग्य पदार्थ नहीं उसे कहते हैं। …
२१. जिस तीर्थंकर के काल में १७० तीर्थंकर हुये थे। …
२२. एक रुद्र का नाम। …
२३. एक संख्यात का प्रमाण। …
२४. आ. कुन्दकुन्द विरचित पाहुड़ों का संग्रह। …
२५. पाँच पाण्डवों में धनुर्विद्या का धारक। …
सिद्ध पहेली
नाम…
पिता का नाम …
नोट : इस प्रतियोगिता के उत्तर आपको ‘स’ अक्षर से शुरुआत करना है।
१. छहढाला ग्रन्थ में नरकगति में जाने का कारण बताया है। भाव बताया है। …
२. मूल शरीर को छोड़े बिना आत्मप्रदेशों का बाहर निकलना कहलाता है। …
३. ऊर्ध्वलोक का विमान। …
४. परमात्मा के अनेक भेदों में से एक। …
५. अनन्त के प्रकार में से एक। …
६. मध्यलोक का सर्वोत्तम स्थान जहाँ तीनों लोक के जीव समान रूप से शरण प्राप्त करते हैं। …
७. आ. समंतभद्र ने शिव मूर्ति के समक्ष चन्द्रप्रभ भ. की स्तुति की वह किस नाम से प्रसिद्ध हुई। …
८. सिद्धचक्र महामण्डल विधान के रचियता। …
९. दस कोड़ाकोड़ी अद्धापल्योपम काल का नाम और पानी पिलाने का काम करे। …
१०. जीव के यथाख्यात चरित्र के प्रगट न होने में निमित्त भूत कषाय। …
११. प्रत्यक्ष का एक प्रकार। …
१२. शरण का पर्यायवाची शब्दों में से एक शब्द। …
१३. निर्जरा का एक प्रकार। …
१४. मन सहित जीव को कहते हैं। …
१५. दो जीव के प्रकार में से एक। …
१६. वनस्पति का एक प्रकार। …
१७. आठ अंग में से ६वें अंग का नाम। …
१८. मुनिराज हमेशा जो भाव धारण करते हैं। …
१९. ऐसा क्या है जिसमें ३ लोक समाया है। …
२०. पाँच इन्द्रियों में एक इन्द्रिय का नाम। …
२१. भवनवासी देवों का एक प्रकार। …
२२. पूज्यपाद विरचित एक ग्रन्थ। …
२३. अमृतचन्द्राचार्य विरचित पंचास्तिकाय की टीका। …
२४. स्तुतिविद्या अपर नाम जिनशतक के रचनाकार। …
२५. आचार्य कुन्दकुन्द विरचित एक ग्रन्थ। …
आचार्य पहेली
नाम …
पिता का नाम …
नोट : इस प्रतियोगिता के उत्तर आपको ‘आ’ अक्षर से शुरुआत करना है।
१. अभिलाषा का एक पयार्यवाची। …
२. अवगाहना हेतुत्व जिसका लक्षण है। …
३. शिकार करना कहलाता है। …
४. दक्षिण-पूर्व में जो उपदिशा है उसका नाम। …
५. माया के अभाव में प्रगट होने वाला एक धर्म। …
६. आचार्य समंतभद्र द्वारा रचित एक ग्रन्थ। …
७. धर्मध्यान का एक भेद। …
८. स्वाध्याय का एक भेद। …
९. ज्ञान स्वभावी जीव तत्त्व को कहते हैं। …
१०. जिस माह में स्वर्ग के असंख्यात देव नन्दीश्वर द्वीप में पूजन करने जाते हैं। …
११. पाँच समितियों में से एक समिति। …
१२. श्रावक के जो ६ क्रियायें होती हैं उन्हें कहते हैं। …
१३. जिनके ३६ मूलगुण होते हैं उन्हें कहते हैं। …
१४. समुद्घात के सात प्रकारों में से एक प्रकार। …
१५. सात तत्त्वों में एक तत्त्व। …
१६. आचार्य जिनसेन द्वारा रचित एक ग्रन्थ का नाम। …
१७. आचार्य देवसेन द्वारा रचित एक ग्रन्थ का नाम। …
१८. वर्तमान के एक तीर्थंकर जिनका चिन्ह बैल है। …
१९. १४ मार्गणास्थान में से एक का नाम। …
२०. द्वादशांग का एक अंग। …
२१. ध्यान का एक भेद। …
२२. अमृतचन्द्राचार्य विरचित एक टीका। …
२३. विद्यानन्दी द्वारा विरचित एक ग्रन्थ। …
२४. गुणभद्राचार्य विरचित एक ग्रन्थ। …
२५. सिद्धान्त ग्रन्थ को कहते हैं। …
उपाध्याय पहेली
नाम…
पिता काम नाम …
नोट : इस प्रतियोगिता के उत्तर आपको ‘उ’ अक्षर से शुरुआत करना है।
१. सती राजुल के पिताश्री का नाम । …
२. विदेहक्षेत्र स्थित एक उत्तम भोगमुनि । …
३. बड़, पीपल आदि फल को कहते हैं। …
४. पूजन के अष्टद्रव्य में से एक द्रव्य । …
५. मुनिराज भव्य जीवों को मात्र देते हैं। …
६. देव और नारकियों का जन्म होता है। …
७. जो सामग्री बार-बार भोगने में आती है। …
८. सिद्धान्त में जिसे जीव का एकमात्र लक्षण कहते हैं। …
९. विनय धर्म का एक भेद। …
१०. वह कारण जो स्वयं कार्यरूप परिणमित हो। …
११. जो लोक में सबसे महान हो उसे कहते हैं। …
१२. समवसरण की एक भूमि का नाम। …
१३. एक दिशा का नाम। …
१४. ११वीं प्रतिमा का नाम। …
१५. विनय के चार प्रकार में से एक प्रकार। …
१६. ३ अंगुल के प्रकार में से एक प्रकार। …
१७. दूसरों के दोष को तथा अपने गुणों को ढांकना कहलाता है। …
१८. आचार्य गुणभद्र द्वारा रचित एक ग्रन्थ का नाम। …
१९. जिनके २५ मूलगुण होते हैं वे कहलाते हैं। …
२०. कम से कम लिखकर अधिक से अधिक प्रसिद्धि पाने वाले …
२१. जब कर्म फल देते हैं तो उस अवस्था को क्या कहते हैं। …
२२. अकालपाक को क्या कहते हैं? …
२३. कर्म के स्थिति अनुभाग के बढ़ने को क्या कहते हैं? …
२४. जो कर्म उदय में नहीं आ सके सत्ता में रहे वह अवस्था कहलाती है। …
२५. सम्यक्त्व अष्ट अंगों में प्रसिद्ध एक राजा का नाम। …
मुनिराज पहेली
नाम…
पिता काम नाम…
नोट : इस प्रतियोगिता के उत्तर आपको ‘म’ अक्षर से शुरुआत करना है।
१. जिसके निमित्त से मतिज्ञान होता है। …
२. ढाईद्वीप के बाद में आने वाला पर्वत (मनुष्यसिमा) …
३. आयुकर्म का पूर्ण होना कहलाता है। …
४. वह जीव जिसने प्रथम तीर्थंकर के शासन में ३६३ मत चलाये थे। …
५. वालुका प्रभा का दूसरा नाम। …
६. भरत चक्रवर्ती के भाई की माताश्री की सासु माँ का नाम। …
७. सुमेरु पर्वत का दूसरा नाम । …
८. मोह राग-द्वेषरूपी पापों को नष्ट करें और सुख उत्पन्न
करें उसे कहते हैं। …
९. उस स्तोत्र के रचियता का नाम बताओ जिस स्तोत्र पर दिगम्बर
और श्वेताम्बर दोनों संप्रदाय की अटूट श्रद्धा है। …
१०. मुनिराज का एक पर्यायवाची शब्द । …
११. रत्नत्रय की एकता को कहते हैं। …
१२. मद्य, मांस, मधु का संयुक्त नाम । …
१३. भविष्य काल के प्रथम तीर्थंकर का नाम। …
१४. सबसे बड़ा पाप कहलाता है। …
१५. जिसे मोक्ष की इच्छा है उसे कहते हैं। …
१६. ज्यों कल्पवृक्ष १६ हजार भेदरूप पुष्पों की माला देते हैं। …
१७. ७वें नरक भूमि का नाम । …
१८. भगवान राम जहाँ से मोक्ष गये। …
१९. २४ कामदेव में से एक कामदेव । …
२०. रावण की पटरानी का नाम। …
२१. आचार्य वट्टकेर द्वारा रचित ग्रन्थ। …
२२. सात तत्त्वों में से एक तत्त्व का नाम। …
२३. आचार्यकल्प पं. टोडरमलजी द्वारा रचित ग्रन्थ। …
२४. समयसार के दशवें अध्याय में वर्णन है। …
२५. दौलतरामजी ओसवाल द्वारा रचित एक चरित्र ग्रन्थ। …
जैनधर्म का सामान्य ज्ञान
प्रतियोगी का नाम —
प्रश्न -
- वर्तमान के प्रथम कुलकर का नाम —
- वर्तमान के प्रथम तीर्थंकर का नाम —
- वर्तमान के प्रथम चक्रवर्ती का नाम —
- वर्तमान के प्रथम नारायण का नाम —
- वर्तमान के प्रथम प्रतिनारायण का नाम —
- वर्तमान के प्रथम बलभद्र का नाम —
- वर्तमान के प्रथम नारद का नाम —
- वर्तमान के प्रथम रूद्र का नाम —
- वर्तमान के प्रथम कामदेव का नाम —
- प्रथम तीर्थंकर के प्रथम गणधर —
- प्रथम तीर्थंकर के प्रथम आहारदाता —
- प्रथम बालयति तीर्थंकर —
- मोक्षमहल की प्रथम सीढी —
- सर्वप्रथम नाश होने वाला कर्म —
- सर्वप्रथम द्वीप का नाम —
- सर्वप्रथम समुद्र का नाम —
- प्रथम स्वर्ग का नाम —
- प्रथम नरक का नाम —
- समयसार पर प्राप्त प्रथम टीका —
- तत्त्वार्थसूत्र पर प्राप्त प्रथम टीका —
- व्यंतर देव का प्रथम भेद —
- प्रथम तीर्थंकर के माता-पिता का नाम —
- स्वाध्याय का प्रथम भेद —
- भूतकाल के प्रथम चक्रवर्ती का नाम —
- वर्तमान में सर्वप्रथम मोक्ष जाने वाले का नाम —
जैनधर्म का सामान्य ज्ञान
प्रतियोगी का नाम - …
प्रश्न -
- वर्तमान के अन्तिम तीर्थंकर का नाम …
- भविष्य के अन्तिम तीर्थंकर का नाम …
- भूतकाल के अन्तिम तीर्थंकर का नाम …
- वर्तमान के अंतिम चक्रवर्ती का नाम …
- वर्तमान के अंतिम नारायण का नाम …
- वर्तमान के अंतिम प्रतिनारायण का नाम …
- वर्तमान के अंतिम रूद्र का नाम …
- वर्तमान के अंतिम नारद का नाम …
- वर्तमान के अंतिम श्रुतकेवली का नाम …
- वर्तमान के अंतिम केवली का नाम …
- वर्तमान के अंतिम बलभद्र का नाम …
- वर्तमान के अंतिम कामदेव का नाम …
- वर्तमान के अंतिम कुलकर का नाम …
- अन्तिम द्वीप का नाम …
- अन्तिम समुद्र का नाम …
- अन्तिम अनुत्तर का नाम …
- अन्तिम ग्रैवेयक का नाम …
- अन्तिम स्वर्ग का नाम …
- अन्तिम गुणस्थान का नाम …
- उपशम श्रेणी का अन्तिम गुणस्थान …
- कषायोदय का अन्तिम गुणस्थान …
- मोहोदय का अन्तिम गुणस्थान …
- मिथ्यात्व का अन्तिम गुणस्थान …
- अन्तिम कल्याणक का नाम …
- द्वादशांग के अन्तिम अंग का नाम …
- जीव की अन्तिम दशा का नाम …
चौरासी (84) की समानता
प्रतियोगी का नाम - …
प्रश्न -
- योनियाँ …
- नरक के बिलों की संख्या …
- ऋषभदेव की आयु …
- मानव शरीर में रोम की संख्या …
- आचार्य कुन्दकुन्द द्वारा रचित पाहुडों की संख्या …
- चक्रवर्ती के पास हाथी होते हैं …
- चक्रवर्ती के पास रथ होते हैं …
- एक पूर्वांग में वर्ष होते हैं …
- श्रेयांसनाथ की आयु …
- अरनाथ की आयु …
- भरत चक्रवर्ती की आयु …
- ऋषभदेव की गणधरों की संख्या …
- चक्रवर्ती की सेना में प्यादों की संख्या …
- प्रथम नारायण (त्रिपृष्ठ) की आयु …
- पांचवें रूद्र सुप्रतिष्ठित की आयु …
- ऋषभदेव के गणों की संख्या …
- श्रेयांसनाथ के गणों की संख्या …
- पुष्पदंत के समवशरण में अवधिज्ञानधारकों की संख्या …
- चक्रवर्ती के उत्तम वीरों की संख्या …
- प्रथम प्रतिनारायण अश्वग्रीव की आयु …
शुरु करे अन्ताक्षरी ले कर महावीर का नाम
नोट :- प्रथम प्रश्न के उत्तर के अंतिम अक्षर से दूसरे प्रश्न का उत्तर प्रारंभ होगा -
नाम : …
पिता श्री…
- कषाय का एक नाम बताइये - …
- रविवार के दिन त्याग किया जाता है - …
- एक अनुयोग का नाम - …
- उन मुनिराज का नाम जिनके सिर पर जलती हुई सिगड़ी रखी गई थी - …
- पूजा का एक द्रव्य - …
- एक नारायण का नाम बताइये - …
- हमारा महामंत्र - …
- एक इन्द्रिय का नाम - …
- भगवान की दृष्टि कैसी होती है - …
- एक गुणस्थान का नाम बताइये - …
- 21 वे तीर्थंकर का नाम बताइये - …
- तिर्यंचगति का एक भेद - …
- नरक की एक पृथ्वी का नाम - …
- भरत के नाम से हमारा देश कहलाया - …
- षट् आवश्यक में से एक नाम बताइये - …
- एक लेश्या का नाम - …
- जंबूस्वामी यहाँ से मोक्ष गये - …
- जिन्होंने अपने होने वाले पति का अनुसरण किया - …
- एक द्वीप जहाँ रावण राज्य करता था - …
- जिनके साथ आ. मानतुंग का शास्त्रार्थ हुआ - …
- द्वितीय चक्रवर्ती - …
- आ. कुंदकुंद कृत आचरण विषयक 167’गाथाओं में निबद्ध ग्रन्थ - …
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— अंश यहाँ समाप्त; पूर्ण ग्रंथ के लिए नीचे संलग्न PDF देखें —
मूल दस्तावेज़ (PDF): 1849.pdf
स्रोत: Gyata संग्रह।
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