नो कर्म का ग्रहण ओर उसके खिरने मे अबाधाकाल होता है क्या ?
@utpal5400 जी, जय जिनेन्द्र।
नोकर्म के ग्रहण और उसके खिरने के बीच क्या कर्म की तरह अबाधाकाल होता है, यह प्रश्न अब तक अनुत्तरित रहा, इसके लिए खेद है। मैंने इसे JinSwara कंटेंट टीम के विद्वान साथियों तक पहुँचा दिया है, आगम-आधारित उत्तर यहीं आएगा।
तब तक फ़ोरम के साधर्मियों से निवेदन: गोम्मटसार जीवकाण्ड में आहार मार्गणा और नोकर्म वर्गणा के ग्रहण का जो वर्णन है, तथा गोम्मटसार कर्मकाण्ड में अबाधाकाल और नोकर्म की स्थिति का जो प्रकरण है, उसे ग्रंथ और गाथा के संदर्भ सहित यहाँ रखें। द्रव्यकर्म और नोकर्म के बन्ध और निर्जरा में क्या अन्तर बताया गया है, इस पर अपने स्वाध्याय से बात रखिए।