कलंका पृथ्वी में नित्य निगोद ही हैं अथवा दोनों
इतर निगोद भी है
@Vikas13 जी, जय जिनेन्द्र।
आपका प्रश्न बहुत सूक्ष्म है: “कलंका पृथ्वी” में केवल नित्य निगोद ही हैं, या इतर निगोद भी पाए जाते हैं। यह अब तक अनुत्तरित रहा, इसके लिए खेद है। मैंने इसे JinSwara कंटेंट टीम के विद्वान साथियों तक पहुँचा दिया है, आगम-आधारित उत्तर यहीं आएगा।
तब तक फ़ोरम के साधर्मियों से निवेदन: गोम्मटसार जीवकाण्ड में नित्य निगोद और इतर निगोद का जो लक्षण है, तथा तिलोयपण्णत्ति और त्रिलोकसार में सातवीं पृथ्वी के नीचे के क्षेत्र का जो वर्णन है, उसे ग्रंथ और गाथा के संदर्भ सहित यहाँ रखें। निगोद जीव पूरे लोक में कहाँ कहाँ पाए जाते हैं, इस पर अपने स्वाध्याय से बात रखिए।