क्या देव अकृत्रिम जिनबिम्बों का प्रक्षाल करते है? | Kya Dev Akrritrima Jinbimbon Ka Prakshal Karte Hai?

क्या देव अकृत्रिम जिनबिम्बों का प्रक्षाल करते हैं? समवशरण में तो प्रक्षाल करने के सन्दर्भ में प्रमाण प्राप्त होते हैं, आदिपुराण में भी इसके सन्दर्भ में वर्णन है, चैत्य वृक्षों के मूलभाग में चारों दिशाओं में जिनेन्द्र देव की 4 प्रतिमाएं थीं ,जिनका अभिषेक इंद्र स्वयं करते हैं।।195। [22वां अधिकार]
किन्तु, क्या देव लोक में अभिषेक आदि का व्यवहार होता है? अथवा वहां पर उसकी कोई उपयोगिता है?

इसी से मिलता जुलता एक और प्रश्न यह है कि पंचमेरु के अभिषेक वाली बात किस ग्रंथ में है?