कुछ मैं कहूँ, बहुत कुछ तुम कहो
कुछ मैं कहूँ, बहुत कुछ तुम कहो
संयोजक :- स्वाति जैन
संचालक :- सचिन जी सागर
नियम
- प्रतियोगिता भक्ति, भजन, पूजन, स्तुति, ग्रंथों के मुख्य कथन और मूल बेसिक जैन नॉलेज पर आधारित रहेगी।
- जैन विषयों के भेद-प्रभेद पर आधारित रहेगी।
- प्रश्न का उत्तर देने के बाद उसके अंदर के या उसके अंतर्गत एक दो प्रश्नों के उत्तर पूछे जा सकते हैं
- उत्तर देने में सुविधा के लिए जिनेंद्र अर्चना लेकर बैठ सकते हैं।
ROUND 1
भक्ति & भजन राउंड
चैतन्य गुफा में मुनिवर वसते…
होली खेले मुनिराज अकेले वन में
अनंत गुणों में केली करते
जीवन के चौराहे पर…
माता तू दया करके कर्मों से छुड़ा लेना
मैं सोच रहा कबसे जाऊँ तो किधर जाऊँ
सोच समझ ले स्वार्थ का संसार…
मीठा मीठा बोल तेरा क्या बिगड़े
लाख यतन कर छूटे न घर बार
ROUND 2
पूजन राउंड
बहुमूल्य जगत का वैभव यह…
शीर्षक
श्री देव-शास्त्र-गुरु पूजन
क्या हमको सुखी बना सकता
शीर्षक
परिग्रह 24 भेद…
शीर्षक
दसलक्षण पर्व पूजन
त्याग करें मुनिराज जी
काव्य
इंद्रिय के भोग मधुर विष सम…
देव शास्त्र गुरु पूजन
लावण्यामयी कंचन काया।
ROUND 3
स्तुति काव्य राउंड
काव्य
पल रुधिर राधमल थैली…
बारह भावना
मुनि सकल वृति कीकस वसादि तै मैली।
प्रश्नोत्तरी
मैं कौन हूं आया कहां से…
अमूल्य तत्व विचार- बहु पुण्य पुंज
और मेरा रूप क्या?
संसार का बढ़ना अरे!..
अमूल्य तत्व विचार- बहु पुण्य पुंज
नर देह की यह हार हैं
ROUND 4
प्रमुख कथन राउंड
यदि जिन मंदिर दूर लगे…
तो समझो नरक पास हैं।
व्यवस्थापक नहीं…
व्यवस्थापक नहीं ज्ञायक बनो
हूं परमात्मा छू…
ऍम् नक्की कर
ROUND 5
मूल जैन बेसिक राउंड
हिंसा, झूठ —
पाँच पाप
हिंसा, झूठ, चोरी, कुशील, परिग्रह
ध्यान के भेद
आर्त्तध्यान, रौद्रध्यान, धर्मध्यान, शुक्लध्यान
देव पूजा, गुरु उपासना…
श्रावक के 6 आवश्यक
देव पूजा, गुरु उपासना, स्वाध्याय,
संयम, तप, दान
जय जिनेंद्र
मूल दस्तावेज़ (PDF): 3229.pdf
स्रोत: Gyata संग्रह।
प्रूफरीडिंग बाकी है