खेल में सीखें धर्म की बात — जैन स्वाध्याय सामग्री | Khel Mein Sikhen Dharm Ki Baat

खेल में सीखें धर्म की बात

कवर

खेल में सीखें
धर्म की बात

भाग-1

प्रकाशक :
श्री दिगम्बर जैन श्रमण संस्कृति संस्थान
सांगानेर, जयपुर - 302 029

चित्र

(चित्रों में कलर भरते समय केवल पेन्सिल कलर या वैक्स (मोम) कलर का ही उपयोग करें।)

हमें प्रातःकाल जल्दी उठना चाहिए। जिससे हम स्वस्थ रहते हैं।
(इस चित्र को देखकर कोई कहानी तैयार कीजिए एवं अपनी बालसभा में सुनाइये।)

अभ्यास-1

(अभ्यास-1) निम्न शब्दों को बनाना सीखो -
(चित्र में ‘धर्म’ शब्द को बिन्दुओं से बनाया गया है, जिसे बच्चे ट्रेस कर सकते हैं।)

(चित्रों में कलर भरते समय केवल पेन्सिल कलर या वैक्स (मोम) कलर का ही उपयोग करें।)

हमें सर्वप्रथम स्नान करके, शुद्ध वस्त्र पहनकर देवदर्शन करना चाहिए।
(इस चित्र को देखकर कोई कहानी तैयार कीजिए एवं अपनी बालसभा में सुनाइये।)
3

(अभ्यास-2) निम्न शब्दों को बनाना सीखो -
4

(चित्रों में कलर भरते समय केवल पेन्सिल कलर या वैक्स (मोम) कलर का ही उपयोग करें।)

हमें प्रतिदिन स्वाध्याय करना चाहिए।
(इस चित्र को देखकर कोई कहानी तैयार कीजिए एवं अपनी बालसभा में सुनाइये।)
5

अभ्यास-३

निम्न शब्दों को बनाना सीखो -

अभ्यास-४

निम्न शब्दों को बनाना सीखो -

(चित्रों में कलर भरते समय केवल पेन्सिल कलर या वैक्स (मोम) कलर का ही उपयोग करें।)

हमें अपने से बड़ों की विनय करना चाहिए, तथा उनका आशीर्वाद लेना चाहिए।
(इस चित्र को देखकर कोई कहानी तैयार कीजिए एवं अपनी वात्सलमा में सुनाईये।)

(चित्रों में कलर भरते समय केवल पेन्सिल कलर या वैक्स (मोम) कलर का ही उपयोग करें।)
(कृपया मुनि महाराज जी के चित्र में कलर न भरें)

हमें आर्हिका माताजी एवं नवधा भक्ति पूर्वक मुनि महाराज, आदि सुपात्र को आहारदान देना चाहिए।
(इस चित्र को देखकर कोई कहानी तैयार कीजिए एवं अपनी बालसभा में सुनाइये।)
9

(अभ्यास-5) निम्न शब्दों को बनाना सीखो –
10

(चित्रों में कलर भरते समय केवल पेन्सिल कलर या वैक्स (मोम) कलर का ही उपयोग करें।)

हमें शुद्ध सात्विक भोजन करना चाहिए तथा भोजन करने से पूर्व भगवान का स्मरण करना चाहिए।
(इस चित्र को देखकर कोई कहानी तैयार कीजिए एवं अपनी बालसभा में सुनाइये।)
11

अभ्यास-6

निम्न चित्र बनाओ और अभ्यास करो -

अभ्यास-7

(चित्रों में कलर भरते समय केवल पेंसिल कलर या वैक्स (मोम) कलर का ही उपयोग करें।)

इन्हें रात्रि भोजन का त्याग करना चाहिए एवं सूर्यास्त से पूर्व ही भोजन करना चाहिए।
(इस चित्र को देखकर कोई कहानी तैयार कीजिए एवं अपनी बालसभा में सुनाइये।)

अभ्यास-7

5 बार में निम्न चित्र बनाना सीखो -

(चित्रों में कलर भरते समय केवल पेन्सिल कलर या वैक्स (मोम) कलर का ही उपयोग करें।)

(कृपया मुनि महाराज जी के चित्र में कलर न भरें)

हमें महाराज जी एवं माताजी कीैयावृत्ति करना चाहिए।
(इस चित्र को देखकर कोई कहानी तैयार कीजिए एवं अपनी बालसभा में सुनाईये।)

(अभ्यास-8) 5 बार में निम्न चित्र बनाना सीखो-

हमें प्रतिदिन अपने माता-पिता-गुरु की सेवा करना चाहिए।
(इस चित्र को देखकर कोई कहानी तैयार कीजिए एवं अपनी बालसभा में सुनाईये।)

अभ्यास-९

लकीर खींचकर चिन्हों को मिलाइये -

चित्र में विभिन्न जैन धार्मिक प्रतीकों को एक दूसरे से मिलाने के लिए रेखाएँ खींचने का अभ्यास दिखाया गया है।

चित्र वर्णन

(चित्रों में कलर भरते समय केवल पेन्सिल कलर या वैक्स (मोम) कलर का ही उपयोग करें।)

एक चित्र में एक व्यक्ति कुटिया बना रहा है और दूसरे चित्र में एक व्यक्ति कुल्हाड़ी से पेड़ काट रहा है।

हमें पेड़-पौधों को काटना नहीं चाहिए। इससे जीव हिंसा का पाप हमें लगता है।
(इस चित्र को देखकर कोई कहानी तैयार कीजिए एवं अपनी बालसभा में सुनाइये।)

अभ्यास-१०

लकीर खींचकर चिन्हों को मिलाइये -

चित्र में विभिन्न जैन धार्मिक प्रतीकों को एक दूसरे से मिलाने के लिए रेखाएँ खींचने का अभ्यास दिखाया गया है।

(चित्रों में कलर भरते समय केवल पेन्सिल कलर या वैक्स (मोम) कलर का ही उपयोग करें।)

धन्ना कुमार कौन थे ? उनके बारे में अपने शिक्षक से जानकारी लें।
(इस चित्र को देखकर कोई कहानी तैयार कीजिए एवं अपनी बालसभा में सुनाइये।)
21

(अभ्यास-11) लकीर खींचकर चित्रों को मिलाइये -
22

(चित्रों में कलर भरते समय केवल पेन्सिल कलर या वैक्स (मोम) कलर का ही उपयोग करें।)

वाणिज्य कर्म (सद् कर्म) क्या होता है? अपने शिक्षक से जानकारी लें।
इस चित्र को देखकर कोई कहानी तैयार कीजिए एवं अपनी बालसभा में सुनाइये।)
23

अभ्यास-12

लकीर खींचकर चित्रों को मिलाइये -

(चित्रों में कलर भरते समय केवल पेन्सिल कलर या वेक्स (मोम) कलर का ही उपयोग करें।)

शिल्प कर्म (षट् कर्म) क्या होता है? अपने शिक्षक से जानकारी लें।
इस चित्र को देखकर कोई कहानी तैयार कीजिए एवं अपनी बालसभा में सुनाइये।)

अभ्यास-13

समूह में जो सबसे छोटा हो उस पर गोला बनाइए

अभ्यास-14

गहरे चिन्हों को गोला लगाकर अंकित करें -

(चित्रों में कलर भरते समय केवल पेन्सिल कलर या वेक्स (मोम) कलर का ही उपयोग करें।)

इन्द्रियाँ पाँच होती हैं। इनका हमारे जीवन में बहुत महत्वपूर्ण उपयोग है।
(इस चित्र को देखकर कोई कहानी तैयार कीजिए एवं अपनी बालसभा में सुनाइये।)

अभ्यास-16

(अभ्यास-16) समूह में जो सबसे बड़ा माँ जस पर गोला बनाइए

(अभ्यास-16) हल्के चिन्हों को गोला लगाकर अंकित करें -

  1. वली
  2. नमः

हमें एकता के सूत्र में बंधकर तन-मन-धन से धर्म की रक्षा के लिए तत्पर रहना चाहिए।
(इस चित्र को देखकर कोई कहानी तैयार कीजिए एवं अपनी बालसभा में सुनाइये।)

अभ्यास-17

समूह में जो सबसे अलग हो उसे लिखिए -

𑖎𑖿𑖨𑖱 𑖎𑖿𑖨𑖱 𑖎𑖿𑖨𑖱 𑖎𑖿𑖨𑖱 𑖎𑖿𑖨𑖱
𑖎𑖿𑖨𑖱 𑖎𑖿𑖨𑖱 𑖎𑖿𑖨𑖱 𑖎𑖿𑖨𑖱 𑖎𑖿𑖨𑖱
𑖎𑖿𑖨𑖱 𑖎𑖿𑖨𑖱 𑖎𑖿𑖨𑖱 𑖎𑖿𑖨𑖱 𑖎𑖿𑖨𑖱
𑖎𑖿𑖨𑖱 𑖎𑖿𑖨𑖱 𑖎𑖿𑖨𑖱 𑖎𑖿𑖨𑖱 𑖎𑖿𑖨𑖱

अभ्यास-18

आओ गिनती सीखें -

1.
2. 𑖎𑖿𑖨𑖱
3. श्री श्री
4. 𑖎𑖿𑖨𑖱
5. 𑖎𑖿𑖨𑖱
6. 𑖎𑖿𑖨𑖱
7. 𑖎𑖿𑖨𑖱
8. 𑖎𑖿𑖨𑖱
9. 𑖎𑖿𑖨𑖱
10. 𑖎𑖿𑖨𑖱

(चित्रों में कलर भरते समय केवल पेन्सिल कलर या वैक्स (मोम) कलर का ही उपयोग करें।)

हमें अष्ट मंगल के बारे में अपने शिक्षकों से जानकारी लेना चाहिए।
(इस चित्र को देखकर कोई कहानी तैयार कीजिए एवं अपनी बालसभा में सुनाइये।)

अभ्यास-19

समूह में जो सबसे ज्यादा हो उसे लिखिए -

𑖎𑖿𑖨𑖱 𑖎𑖿𑖨𑖱 𑖎𑖿𑖨𑖱 𑖎𑖿𑖨𑖱 𑖎𑖿𑖨𑖱
𑖎𑖿𑖨𑖱 𑖎𑖿𑖨𑖱 𑖎𑖿𑖨𑖱 𑖎𑖿𑖨𑖱 𑖎𑖿𑖨𑖱
𑖎𑖿𑖨𑖱 𑖎𑖿𑖨𑖱 𑖎𑖿𑖨𑖱 𑖎𑖿𑖨𑖱 𑖎𑖿𑖨𑖱
𑖎𑖿𑖨𑖱 𑖎𑖿𑖨𑖱 𑖎𑖿𑖨𑖱 𑖎𑖿𑖨𑖱 𑖎𑖿𑖨𑖱
𑖎𑖿𑖨𑖱 𑖎𑖿𑖨𑖱 𑖎𑖿𑖨𑖱 𑖎𑖿𑖨𑖱 𑖎𑖿𑖨𑖱

अभ्यास-20

निम्न को गिनकर आगे बने खाने में लिखो -

ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ
𑖎𑖿𑖨𑖱 𑖎𑖿𑖨𑖱 𑖎𑖿𑖨𑖱 𑖎𑖿𑖨𑖱
श्री श्री श्री
𑖎𑖿𑖨𑖱 𑖎𑖿𑖨𑖱
𑖎𑖿𑖨𑖱 𑖎𑖿𑖨𑖱
𑖎𑖿𑖨𑖱 𑖎𑖿𑖨𑖱
𑖎𑖿𑖨𑖱 𑖎𑖿𑖨𑖱
𑖎𑖿𑖨𑖱 𑖎𑖿𑖨𑖱
𑖎𑖿𑖨𑖱 𑖎𑖿𑖨𑖱
𑖎𑖿𑖨𑖱 𑖎𑖿𑖨𑖱

अभ्यास-21

आगे बनी संख्या से लाइन खींचकर मिलाओ -

10
7
4
6
9
1
8
2
5
3

चित्र में संख्याएँ और उनसे जुड़ी आकृतियाँ हैं।

अभ्यास-22

निम्न खाली स्थानों को भरो -

चित्र में आकृतियाँ हैं जिनमें संख्याएँ भरनी हैं।

अभ्यास-23

निम्नली अनुसर निम्न चिन्हों को बनाकर -

चित्र में एक तालिका है जिसमें चिन्ह बनाने हैं।

अभ्यास-24

निम्न खाली स्थानों को भरो -

चित्र में आकृतियाँ हैं जिनमें संख्याएँ भरनी हैं।

संस्थान द्वारा संचालित प्रमुख गतिविधियाँ

  • महाकवि आचार्य ज्ञानसागर छात्रावास - जिसमें अंग्रेजी सहित कक्षा दशवीं के उत्तीर्ण छात्रों को प्रवेश देकर उन्हें धार्मिक एवं नैतिक संस्कारों से सुशोभित करते हुये जैनदर्शन एवं इच्छुक छात्रों को कम्प्यूटर शिक्षा, वास्तुशिल्प विज्ञान, ज्योतिष के अध्ययन के साथ ही संस्कृत, अंग्रेजी भाषा की प्रवीणता के लिये प्रशिक्षित शिक्षकों की व्यवस्था एवं प्रतियोगी परीक्षाओं के लिये विशेष दिशा निर्देश की भी सुविधा उपलब्ध है। धार्मिक अध्ययन सहित कुल पाँच वर्ष के पाठ्यक्रम में दोवर्षीय उपाध्याय परीक्षा (सीनियर हायर सैकेण्डरी के समकक्ष) माध्यमिक शिक्षा बोर्ड अजमेर से, तीनवर्षीय शास्त्री परीक्षा (बी. ए. के समकक्ष) राजस्थान संस्कृत विश्वविद्यालय से सम्बद्ध है। जो सरकार द्वारा आई. ए. एस. और आर.ए.एस. जैसी किसी भी सर्वमान्य प्रतियोगी परीक्षाओं में सम्मिलित होने के लिये मान्य है।
  • आचार्य ज्ञानसागर ग्रन्थमाला - श्रेष्ठ आगम ग्रन्य तथा अन्य शोध पूर्ण कृतियों को प्रकाशित कर उन्हें अर्द्ध मूल्य में स्वाध्याय हेतु उपलब्ध कराना।
  • भारतवर्षीय श्रमण संस्कृति परीक्षाबोर्ड -इसकी स्थापना का मुख्य उद्देश्य श्री दिगम्बर जैन श्रमण संस्कृति संस्थान, सांगानेर द्वारा पंजीकृत पाठशालाओं एवं विभिन्न धार्मिक व लौकिक शिक्षण संस्थाओं में अध्ययन करने वाले छात्र-छात्राओं, प्रौढ़वर्ग (महिला-पुरुष) के लिये धार्मिक परीक्षा आयोजित करना और उन्हें उपाधियाँ प्रदान करना एवं आर्षमार्गीय सिद्धान्तों का प्रचार-प्रसार करना है।
  • धार्मिक शिक्षण शिविर- जैन संस्कृति के संरक्षण, सम्वर्द्धन तथा धार्मिक ग्रन्थों एवं सिद्धान्तों की जानकारी के लिये बालक, युवाओं एवं प्रौढ़ श्रावकों को धर्म में सम्यक् श्रद्धा जागृत करने हेतु आध्यात्मिक शिक्षण एवं प्रशिक्षण शिविरों का आयोजन करना।
  • प्रवचन व्यवस्था- दशलक्षणपर्व, अष्टाह्निका पर्व एवं अन्य धार्मिक पर्वों पर देश-विदेश के लिये विद्वानों की व्यवस्था करना।
  • अनुष्ठान व्यवस्था- पंचकल्याणक, वेदीप्रतिष्ठा, वेदीशिलान्यास एवं समस्त विधि विधानों एवं धार्मिक आयोजनों के लिये श्रेष्ठ प्रतिष्ठाचार्यों एवं विद्वानों की व्यवस्था करना।

स्रोत: Gyata संग्रह।

प्रूफरीडिंग बाकी है