केवलज्ञान सहित अशुभ कर्मबंध और उदय | Kevalgyan Sahit Ashubh Karmbandh Aur Uday

जीव को केवलज्ञान होने के पश्चात् 13 वे गुणस्थान में किसी प्रकारसे अशुभ कर्म बंध और उदय हो सकता है ? प्रमाण सहित प्रत्युत्तर की नम्र विनती।

13 वें गुणस्वथानवर्ति केवली को साता वेदनीय का ही बंध होता है।
13 वें गुणस्थान में असाता वेदनीय का उदय रहता है,यह बात एकदम स्पष्ट क्योंकि असाता वेदनीय के सद्भाव के कारण वहाँ 11परिषह का सद्भाव कहा गया है।

क्या असता का बंध होता है ?

असाता का बंध तेरहवें गुणस्थान में नहीं होता,

gommatsaar karmkand ki 104 number ki gatha.