जिनशासन के रंग
बाल संस्कार अभियान में सहभागी बनें
शिरोमणि परम संरक्षक - 1,00,000/-
परम संरक्षक - 51,000/-
संरक्षक - 31,000/-
परम सहायक - 21,000/-
सहायक - 11,000/-
सहायक सदस्य - 5,000/-
सदस्य - 1,000/-
प्रत्येक सहयोगी को (सदस्य छोड़कर) छहकती चेतना पत्रिका का आजीवन सदस्य बनाया जायेगा। साथ ही संस्था द्वारा निर्मित होने वाली समस्त सीडी एवं साहित्य निःशुल्क भेजा जायेगा। आप अपनी सहयोग अथवा सदस्यता राशि “आचार्य कुन्दकुन्द सर्वोदय फाउन्डेशन जबलपुर” के नाम से ड्राफ्ट अथवा चैक बनाकर प्रेषित करें। आप यह राशि संस्था के पंजाब नेशनल बैंक, जबलपुर के बचत खाता क्रमांक 1937000101026079 में जमा करा सकते हैं। राशि जमा करने की सूचना हमें अवश्य देवें। आप यह राशि “आचार्य कुन्दकुन्द सर्वोदय फाउन्डेशन जबलपुर” के नाम से ड्राफ्ट/चैक के माध्यम से भी भेज सकते हैं।
परिकल्पना - विरंग शास्त्री, जबलपुर
प्रकाशन सहभागी - श्रीमती नीलम जैन, जयपुर
भाषा रूपान्तरण - श्रीमती एकता रिंकेश कोठारा, घाटकोपर, मुम्बई
विशेष सहयोग - श्री सौरभ शास्त्री इंदौर, डॉ. मनोज जैन जबलपुर, श्री नीरस शास्त्री इंदौर, श्रीमती स्वस्ति जैन, जबलपुर
कवर फोटो - कु. मेहर साहिल कामदार, डाबर मुम्बई
सम्पर्क - सर्वोदय, 702, जैन टेलीकॉम, लाल स्कूल के पास, फुटाताल, जबलपुर - 482 002 मध्यप्रदेश
मोबा: 9300642434, ई-मेल: [email protected]
प्रथम आवृत्ति - 5000 (23 अप्रैल 2013)
द्वितीय आवृत्ति - 1000 (14 जून 2013)
तृतीय आवृत्ति - 1500 (1 जनवरी 2015)
चतुर्थ आवृत्ति - 1000 (29 मई 2017) पुन: छपने के अवसर पर
मुद्रक व्यवस्था - स्वरचित कम्प्यूटर्स, जबलपुर मोबा. 8989894932
जिनेंद्र भगवान
LORD JINENDRA
प्रथम नमन अरहंत को, फिर दूजा हो काम।
श्री जिनेंद्र से ही मिले, मुक्तिपुरी वरदान।।
First bow to the perfected human beings,
Later think of any other work,
Jin shows us the path of liberation.
जिन मंदिर
जिनमंदिर प्रतिदिन ही जाना, श्री जिनेंद्र के दर्शन पाना।
यह जैनी की है पहचान, यही हमारा गोरख जान ॥
We should daily go to the
Jinmandir and pray to the Jins,
This identifies a Jain and glorifies us.
पाठशाला जाते बालक
सच्चे सुख के मार्ग को पाने, चलो चलें पाठशाला।
अपना जीवन उज्जवल करने, चलो चलें पाठशाला ॥
To attain the path of real happiness,
Let’s go to pathshala,
To brighten our lifes,
Let’s go to pathshala.
दिन में भोजन
रात्रि भोजन में लगता पाप, दिन में भोजन कर लो आप।
शांत भाव से करना भोजन, पहले कर जिनेंद्र आराधन ॥
Eating after sunset is a great sin, So eat during the day,
Be Calm natured, eat simple food, Always first do Jinendra prayer.
पानी छानना
FILTER WATER
पानी छानकर सदा ही पीना, यह है जिनवाणी का कहना।
जीव दया अपने उर लाना, सच्चे जैनी सब कहलाना ॥
Always drink filtered water,
This is our Jinvanis preaching,
Show kindness towards living beings,
And be a true Jain.
ॐ
OM
पंच परमेष्ठी का इसमें वास, ॐ शब्द की करना जाप।
जो भी इनको वंदन करता, मिटता उसका भव संताप ॥
Om represents Five Supreme Souls,
Keep chanting Om,
Praying Om washes
out the woes of life and death.
स्वास्तिक
SWASTIK
मंगल द्रव्यों में इसका नाम,
चार गति का नाशक जान।
Swastik is a beneficial symbol,
It is the destroyer of
four destinies( states of life).
तीन लोक
TEEN LOK-UNIVERSE
तीन लोक है इसका नाम, सब जीवों का यह आवास।
अकृत्रिम रचना यह सुन्दर, रंग भरो तुम इसमें मनहर ॥
Three Lok - Universe
Universe is the place where all souls reside,
It is amazing and made naturally,
You colour it beautifully.
सात तत्व
SEVEN ELEMENTS
चित्र में:
जीव
अजीव
आस्रव
बंध
संवर
निर्जरा
मोक्ष
सात तत्व का कर लो ज्ञान, इसमें जीव तत्व पहचान।
जीव सदा है ज्ञान स्वरूप, इसमें नहीं पुद्गल का रूप ॥
Know the seven elements, You are the element soul,
Knowledge is the characteristic of soul,
It does not have the guise of non soul matter.
- Soul
- Non Soul
- Inflow of Karam
- Bondage of Karam
- Stoppage of Karam
- Shedding of Karam
- Liberation of Karam
रत्नत्रय
THREE JEWELS-RATNATRAY
चित्र में:
सम्यग्दर्शन
सम्यग्ज्ञान
सम्यक्चारित्र
रत्नत्रय है मोक्ष का पंथ, कहते हैं श्री मुनि निर्ग्रन्थ।
प्रगट करो रत्नत्रय रूप, पाना मुक्ति सौख्य अनूप ॥
These three jewels of Jainism are the path to
liberation shown by the spiritual practitioners.
achieve these three jewels and attain matchless salvation.
- Right Faith
- Right Knowledge
- Right Conduct
चार कषाय
FOUR ACRID (Kashay)
चार कषाय महादुःखस्वरूप,
अपना आत्म सौख्य स्वरूप।
Anger, Proud, Deception, Greed Acrid
Four acrids are very sorrowful,
My soul is joyful.
पाँच पाप
FIVE SIN
पाँच पाप सब दुःखमय जान,
महापाप मिथ्यात्व को जान।
Violence, Lie, Thieving, Uncourteous
behaviour, Accumulation of possessions
Wrong Belief
Five sin are all sorrowful,
Wrong belief is the greatest sin.
घंटा
BELL
घंटा की मंगल ध्वनि से, मिले सदा संदेश।
जिनमंदिर में आईये, मिटे कर्म का क्लेश॥
The melodious bells give us a message,
Come to the temple and off will go the painful ness of karma.
जैन ध्वज
JAIN FLAG
पांच रंग का सुन्दर झंडा, लहराता है यह पचरंगा।
जिनशासन की शान है ये, हम सबकी पहचान है ये ॥
The five coloured flag aflare,
It is the dignity of Jinshasan,
The flag gives us all recognition.
छह द्रव्य
SIX SUBSTANCES
विश्व
जीव
पुद्गल
काल
आकाश
धर्म
अधर्म
SIX SUBSTANCES
- JEEV
- MATTER
- MEDIUM OF MOTION
- MEDIUM OF REST
- SPACE
- TIME
क्या अपने बच्चे को जिनधर्म के संस्कार देना चाहते हैं …
क्या आप जैन धर्म की रोचक जानकारियों से परिचित होना चाहते हैं … तो
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धार्मिक बाल त्रैमासिक पत्रिका
चहकती चेतना
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संपादक - विराग शास्त्री, जबलपुर
प्रकाशक - सूरज बेन अमृतराय सेठ स्मृति ट्रस्ट, मुम्बई
संस्थापक - आचार्य कुन्दकुन्द सर्वोदय फाउन्डेशन (रजि.) जबलपुर (म.प्र.)
संपर्क
सर्वोदय, 702, जैन टेलीकॉम, लाल स्कूल के पास, फूटाताल, जबलपुर - 482 002 मध्यप्रदेश
मोबा. 9300642434 ई-मेल : [email protected]
अपने बालकों को सुविधायें नहीं संस्कार दीजिये
संस्कार बिना की सुविधायें पतन का कारण है।
अपने बालकों को जिनधर्म के संस्कार देने के लिये उन्हें दीजिये
बाल संस्कार गीत, धार्मिक कम्प्यूटर गेम एवं जैन धर्म की कहानियों के वीडियो
परिवार आयोजनों, जन्मदिवस, पाठशाला में पुरस्कार के लिये सर्वोत्तम उपहार
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- हम होंगे ज्ञानवान
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- हमारी प्यारी पाठशाला (बाल कविता पुस्तक)
प्रस्तुति - आचार्य कुन्द कुन्द सर्वोदय फाउन्डेशन रजि. जबलपुर
निर्देशक, रचनाकार, संकलन - विराग शास्त्री, जबलपुर
स्रोत: Gyata संग्रह।
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