जिनभ पाठशाला द्वारा आयोजित जैन अंताक्षरी
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जिनम् पाठशाला
द्वारा आयोजित
जैन अंताक्षरी
बैठे बैठे क्या करें, करना है कुछ काम
आओ करें अंताक्षरी, ले के प्रभु का नाम।
Picture Round
JINAM PATHSHALA
राग द्वेष तो कर्म है, वीतराग धर्म है
होली खेले मुनिराज शिखर वन में
– 1 –
माँ…
सर पर जो हाथ फेरे
तो हिम्मत मिल जाये…
माँ एक बार मुस्कुरा दे
तो जन्नत मिल जाये..!
SHAYARI LOVERS.IN
माँ जिनवाणी ज्ञायक बताए दियो रे, आनंद भयो भारी आनंद भयो रे
सही जवाब…
JINAM PATHSHALA
राग द्वेष तो कमी है, वीतराग धर्म है
7
– 2 –
JINAM PATHSHALA
राग द्वेष तो कर्म है, वीतराग धर्म है
पंच परमेश्ठी देखें हृदय हर्षित होता है, आनंद उल्लसित होता है
सही जवाब…
– 3 –
भावना की चुनर ओढ़ कर जिन मंदिर में आवजो रे
सही जवाब…
JINAM PATHSHALA
राग द्वेष तो कमी है, वीतराग धर्म है
– 4 –
JINAM PATHSHALA
राग द्वेष तो कर्म है, वीतराग धर्म है
शिखर पे कलश चढ़ाओ मारा साथी
सही जवाब…
– 5 –
JINAM PATHSHALA
राग द्वेष तो कर्म है, वीतराग धर्म है
मंदिर जी में घंटा बाजे टन टन टन
सही जवाब…
Jumble words (शब्द राउंड)
न
न
व्या
DEMO
ध्यान - तिहारे ध्यान की मूरत…
सही जवाब…
18
हा
पु
म
य
ण्
– 1 –
19
महापुण्य - मैं महापुण्य उदय से जिनधर्म पा गया।
सही जवाब…
ग
द
र्शा
द्वा
– 2 –
- अंश यहाँ समाप्त; पूर्ण ग्रंथ के लिए नीचे संलग्न PDF देखें -
मूल दस्तावेज़ (PDF): 2580.pdf
स्रोत: Gyata संग्रह।
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