जिन खोजा तिन पाइया - जैन स्वाध्याय सामग्री | Jin Khoja Tin Payiya

जिन खोजा तिन पाइया

जिन खोजा तिन पाइया

निदेशक - डॉ. बी.सी. जैन

नियमावली:-

आपको प्रश्न का एक पक्ष एवं उसका उत्तर बताया जाएगा आपको उसका दूसरा पक्ष बताना होगा।

सिद्धों के मूलगुण

?

रत्नत्रय

प्रश्नोत्तरी

इन्द्रिय
×
?

कषाय

जीव
×
?

श्रावक के मूलगुण

स्वर्ग
+
?

तीर्थंकर

ज्ञान
×
?
= णमोकार मंत्र के अक्षर

ध्यान
+
?

धर्म

दान

?

ऋषभदेव की पुत्रियाँ

प्रश्नोत्तरी

लेश्या
x
?

आचार्य परमेष्ठी के मूलगुण

पदार्थ

?

व्यसन

तीर्थंकर

?

तप

चक्रवर्ती
+
?

विदेह क्षेत्र के तीर्थंकर

पाप

?

आत्मा

उत्तरमाला:-

  1. महाव्रत (5)
  2. पाप (5)
  3. कषाय (4)
  4. कर्म (8)
  5. नरक (7)
  6. आवश्यक (6)
  7. गोत्र कर्म (2)
  8. सामान्य गुण (6)
  9. नय (2)
  10. भावना (12)
  11. पूजन के द्रव्य (8)
  12. कषाय (4)

नोट:- इन संख्या से संबंधित अन्य भेद भी ले सकते हैं।

जय जिनेन्द्र
www.jainpathshalajaipur.com
Youtube: Jain Pathshala Jaipur
E-mail: [email protected]
Phone : 0141-3567401, 8619804009, 8955872717
विशेष सहयोग- समकित शास्त्री


:paperclip: मूल दस्तावेज़ (PDF): 1923.pdf

स्रोत: Gyata संग्रह।

प्रूफरीडिंग बाकी है