जैसी करनी वैसी भरनी
जैसी करनी वैसी भरनी
Round 1
करनी क्या
भरनी क्या
वाक्य को सुनकर आपको बताना है वाक्य मे करनी क्या हैं भरनी क्या हैं
Rule :-
1 द्विपायन मुनिराज को तीव्र क्रोध के परिणाम से नरक गति प्राप्त हुई।
उत्तर -
करनी – तीव्र क्रोध भरनी – नरक गति
2 रावण मान कषाय के कारण नरक मे गया।
उत्तर
करनी – बावीस पल
के लिए जिनेन्द्र
प्रतिमा का विरह
भरनी – बावीस वर्ष पति
का वियोग
3 मेंढक का जीव प्रभु दर्शन के भाव से स्वर्ग मे गया।
4 आटे के मुर्गे की बलि के परिणाम स्वरूप राजा यशोधर के जीव को मुर्गा बनना पड़ा।
5 अंजना सती ने पूर्व भव मे बावीस पल के लिए जिनेन्द्र प्रतिमा का विरह किया जिसके कारण उन्हे बावीस वर्ष पति का वियोग हुआ।
Round 2
प्रश्नों
की
वाटिका
कर्म किसे बँधते है ?
1 युवा को
2 समझदार को
3 नासमझ को
4 यथा योग्य भावों के अनुसार सबको
कर्म बँध मे निमित्त कौन ?
1 क्रिया
2 भाव
3 इंद्रिया
4 ज्ञान
शास्त्र अभ्यास का भाव कहलाता है ?
1 शुभ भाव
2 अशुभ भाव
3 शुद्ध भाव
4 इनमे से कोई नहीं
दूसरों की निन्दा एवं स्वयं की प्रशंसा कौनसे कर्म बंध का कारण है ?
1 उच्च गोत्र कर्म 3 आयु कर्म
2 नीच गोत्र कर्म 4 वेदनीय कर्म
हमे घृणा करनी चाहिए ?
1 पाप से
2 पापी से
3 पापा से
4 इन सभी से
चित्र बताए भावों की विचित्रता
Round 3
यह किन भावों की विचित्रता है ?
यह कौनसा भाव कहलाता है ?
इन भावों का क्या फल हुआ ?
यह कौनसा भाव है और इन भावों का क्या फल होगा ?
वीतराग भाव के सन्मुख होने का उपाय क्या है ?
भावों से मुक्ति की ओर …
जय जिनेन्द्र
प्रूफरीडिंग बाकी है