जैन नर्सरी — जैन स्वाध्याय सामग्री | Jain Narsri

जैन नर्सरी

प्रकाशकीय…

विकासशील भौतिकवादी आज के वैज्ञानिक युग में बालकों में धार्मिक संस्कार देने की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक प्रतीत होने लगी है। गीली मिट्टी जैसे नाजुक बच्चों के कोमल मन में बचपन में जो संस्कार दिये जाते हैं उनकी छाप अमिट होती है। अंग्रेजी माध्यम से पढ़ने वाले हमारे नौनिहाल केक के बहाने अण्डा खाना सीखने तथा Good Food के नाम पर Egg Fish & Meat सीखें उससे पहले ही हमें सजग होकर उनमें शाकाहारी संस्कार घर पर ही देने का प्रयास करना होगा। बच्चों की प्रथम गुरु उनकी माँ द्वारा घर में ही शाकाहारी धार्मिक संस्कार दिये जायें तो सोने में सुहागा होगा। बच्चों में नैतिक संस्कार दृढ़ हों इसी उद्देश्य की पूर्ति हेतु हमारा यह लघु प्रयास है, ‘जैन नर्सरी’ जो आपके हाथों में है।

  • प्रकाशक

कथा / क्या

  1. णमोकार महामंत्र
  2. देव शास्त्र गुरु
  3. आत्मा ही जीव है
  4. शरीर अजीव है
  5. कौन और ला
  6. जीव अजीव
  7. आत्मा और शरीर
  8. आत्मा क्या है?
  9. भगवान क्या नहीं करते?
  10. हम क्या करते हैं?
  11. भगवान
  12. मंदिर में क्या करना चाहिए?
  13. सदाचार
  14. गतियाँ
  15. मैं कौन हूँ?
  16. चेतन राजा

पाठ - 1

णमोकार महामंत्र

णमोकार महामंत्र

णमो अरिहंताणं
णमो सिद्धाणं
णमो आयरियाणं
णमो उवज्झायाणं
णमो लोए सव्व साहूणं
एसो पंच णमोयारो,
सव्व पावप्पणासणो
मंगलाणं च सव्वेसिं
पढमं होइ मंगलम् ॥

पाठ - 2

देव शास्त्र गुरु

जय - जय - जय,
जय - जय - जय।
सच्चे देव की,
जय - जय - जय ॥

जय - जय - जय,
जय - जय - जय।
सच्चे शास्त्र की,
जय - जय - जय।

जय - जय - जय,
जय - जय - जय।
सच्चे गुरु की,
जय - जय - जय ॥

जय - जय - जय,
जय - जय - जय।
वीतराग धर्म की
जय - जय - जय ॥

पाठ - 3

आत्मा ही जीव है

आत्मा जीव है
हाँ, हाँ, हाँ

हमारी आत्मा जीव है
हाँ, हाँ, हाँ

कबूतर की आत्मा जीव है
हाँ, हाँ, हाँ

पेड़ की आत्मा जीव है
हाँ, हाँ, हाँ

हवा की आत्मा जीव है
हाँ, हाँ, हाँ

साँप की आत्मा जीव है
हाँ, हाँ, हाँ

बंदर की आत्मा जीव है
हाँ, हाँ, हाँ

पर्वत की आत्मा जीव है
हाँ, हाँ, हाँ

आग की आत्मा जीव है
हाँ, हाँ, हाँ

मोर की आत्मा जीव है
हाँ, हाँ, हाँ

घोड़े की आत्मा जीव है
हाँ, हाँ, हाँ

तितली की आत्मा जीव है
हाँ, हाँ, हाँ

पाठ - 4

शरीर अजीव है

शरीर अजीव है
हाँ, हाँ, हाँ

हमारा शरीर अजीव है
हाँ, हाँ, हाँ

बैल का शरीर अजीव है
हाँ, हाँ, हाँ

पेड़ का शरीर अजीव है
हाँ, हाँ, हाँ

कान अजीव है
हाँ, हाँ, हाँ

आँख अजीव है
हाँ, हाँ, हाँ

कुर्सी अजीव है
हाँ, हाँ, हाँ

पंख अजीव है
हाँ, हाँ, हाँ

टेलीफोन अजीव है
हाँ, हाँ, हाँ

बॉल अजीव है
हाँ, हाँ, हाँ

रेल अजीव है
हाँ, हाँ, हाँ

बस अजीव है
हाँ, हाँ, हाँ

पाठ - 5 हाँ और ना

तुम जीव हो
तुम्हारे में ज्ञान है
तुम जानते हो
तुम सुख दुःख का अनुभव करते हो

हाँ, हाँ, हाँ
हाँ, हाँ, हाँ
हाँ, हाँ, हाँ
हाँ, हाँ, हाँ

शरीर जीव है
शरीर में ज्ञान है
शरीर जानता है
शरीर सुख दुःख का अनुभव करता है

ना, ना, ना
ना, ना, ना
ना, ना, ना
ना, ना, ना

पाठ - 6 जीव-अजीव

जीव - जीव - जीव
आत्मा - जीव
अजीव - अजीव - अजीव
शरीर - अजीव

जीव - जीव - जीव
सिद्ध भगवान - जीव
अजीव - अजीव - अजीव
टी.वी. - अजीव

पाठ - 7 आत्मा और शरीर

आत्मा जीव है
शरीर जीव है
हमारी आत्मा जीव है
हमारा शरीर जीव है
ऊँट की आत्मा जीव है
ऊँट का शरीर जीव है
पर्वत की आत्मा जीव है
पर्वत का शरीर जीव है

हाँ, हाँ, हाँ
ना, ना, ना
हाँ, हाँ, हाँ
ना, ना, ना
हाँ, हाँ, हाँ
ना, ना, ना
हाँ, हाँ, हाँ
ना, ना, ना

हवा की आत्मा जीव है
हवा का शरीर जीव है
आग की आत्मा जीव है
आग का शरीर जीव है
मछली की आत्मा जीव है
मछली का शरीर जीव है
पानी की आत्मा जीव है
पानी का शरीर जीव है

हाँ, हाँ, हाँ
ना, ना, ना
हाँ, हाँ, हाँ
ना, ना, ना
हाँ, हाँ, हाँ
ना, ना, ना
हाँ, हाँ, हाँ
ना, ना, ना

पाठ - 8 आत्मा क्या है ?

आत्मा क्या है ?
शरीर क्या है ?
हमारी आत्मा क्या है ?
हमारा शरीर क्या है ?
तोते की आत्मा क्या है ?
तोते का शरीर क्या है ?
पेड़ की आत्मा क्या है ?
पेड़ का शरीर क्या है ?

जीव - जीव - जीव
अजीव - अजीव - अजीव
जीव - जीव - जीव
अजीव - अजीव - अजीव
जीव - जीव - जीव
अजीव - अजीव - अजीव
जीव - जीव - जीव
अजीव - अजीव - अजीव

हवा की आत्मा क्या है ?
हवा का शरीर क्या है ?
आग की आत्मा क्या है ?
आग का शरीर क्या है ?
पर्वत की आत्मा क्या है ?
पर्वत का शरीर क्या है ?
उल्लू की आत्मा क्या है ?
उल्लू का शरीर क्या है ?

जीव - जीव - जीव
अजीव - अजीव - अजीव
जीव - जीव - जीव
अजीव - अजीव - अजीव
जीव - जीव - जीव
अजीव - अजीव - अजीव
जीव - जीव - जीव
अजीव - अजीव - अजीव

पाठ - 9 भगवान क्या नहीं करते ?

क्या भगवान खुश होते हैं ?
क्या हम खुश होते हैं ?
क्या भगवान को दर्द होता है ?
क्या हमें दर्द होता है ?
क्या भगवान राग करते हैं ?
क्या हम राग करते हैं ?
क्या भगवान द्वेष करते हैं ?
क्या हम द्वेष करते हैं ?
क्या भगवान में इच्छा होती है ?
क्या हममें इच्छा होती है ?

ना, ना, ना
हाँ, हाँ, हाँ
ना, ना, ना
हाँ, हाँ, हाँ
ना, ना, ना
हाँ, हाँ, हाँ
ना, ना, ना
हाँ, हाँ, हाँ
ना, ना, ना
हाँ, हाँ, हाँ

पाठ - 10 हम क्या करते हैं ?

क्या हम सोते हैं ?
क्या भगवान सोते हैं ?
क्या हम रोते हैं ?
क्या भगवान रोते हैं ?
क्या हम हँसते हैं ?
क्या भगवान हँसते हैं ?
क्या हम डरते हैं ?
क्या भगवान डरते हैं ?
क्या हम बीमार होते हैं ?
क्या भगवान बीमार होते हैं ?

हाँ, हाँ, हाँ
ना, ना, ना
हाँ, हाँ, हाँ
ना, ना, ना
हाँ, हाँ, हाँ
ना, ना, ना
हाँ, हाँ, हाँ
ना, ना, ना
हाँ, हाँ, हाँ
ना, ना, ना

पाठ - 11 भगवान

क्या भगवान पुरुषार्थ से बनते हैं ?
हाँ, हाँ, हाँ

क्या भगवान जन्म लेते हैं ?
ना, ना, ना

क्या भगवान आत्मा में लीन रहते हैं ?
हाँ, हाँ, हाँ

क्या भगवान संसार में रहते हैं ?
ना, ना, ना

क्या भगवान सिद्धशिला में रहते हैं ?
हाँ, हाँ, हाँ

क्या भगवान मारते-बचाते हैं ?
ना, ना, ना

क्या भगवान जानते-देखते हैं ?
हाँ, हाँ, हाँ

क्या भगवान दुःखी होते हैं ?
ना, ना, ना

क्या भगवान सुखी होते हैं ?
हाँ, हाँ, हाँ

पाठ - 12 मंदिर में क्या करना चाहिए ?

क्या मंदिर में जूते खोलकर जाना चाहिए ? हाँ, हाँ, हाँ
क्या मंदिर में चमड़े की बेल्ट बांधकर जाना चाहिए ? ना, ना, ना
क्या मंदिर में दर्शन करना चाहिए ? हाँ, हाँ, हाँ
क्या मंदिर में कुछ खाना चाहिए ? ना, ना, ना
क्या मंदिर में देवस्तुति बोलना चाहिए ? हाँ, हाँ, हाँ
क्या मंदिर में लड़ना चाहिए ? ना, ना, ना
क्या मंदिर में पूजा करना चाहिए ? हाँ, हाँ, हाँ
क्या मंदिर में खेलना चाहिए ? ना, ना, ना
क्या मंदिर में प्रवचन सुनना चाहिए ? हाँ, हाँ, हाँ

पाठ - 13 सदाचार

क्या पानी छान कर पीना चाहिए ?
हाँ, हाँ, हाँ

क्या आलू खाना चाहिए ?
ना, ना, ना

क्या प्याज खाना चाहिए ?
ना, ना, ना

क्या अंडे वाला केक खाना चाहिए ?
ना, ना, ना

क्या शहद खाना चाहिए ?
ना, ना, ना

क्या माँस खाना चाहिए ?
ना, ना, ना

क्या शराब पीना चाहिए ?
ना, ना, ना

क्या रात में भोजन करना चाहिए ?
ना, ना, ना

क्या दिन में भोजन करना चाहिए ?
हाँ, हाँ, हाँ

क्या शुद्ध शाकाहारी भोजन करना चाहिए ?
हाँ, हाँ, हाँ

पाठ - 14

गतियाँ

  • गतियाँ कितनी होती हैं ?
  • चारों गति के जीवों को क्या कहते हैं ?
  • चारों गति के जीव कैसे हैं ?
  • सुखी जीव कौन हैं ?
  • जीव कितने प्रकार के होते हैं ?

चार
संसारी जीव
दुःखी
मुक्त जीव
दो (मुक्त और संसारी)

1 देवगति
2 मनुष्य-गति
3 तिर्यंच-गति
4 नरक-गति

पाठ - 15

मैं कौन हूँ ?

छोटा नहीं मैं,
बड़ा नहीं मैं।
मोटा नहीं मैं,
पतला नहीं मैं ।।
तो बतलाओ
कौन हूँ मैं ?
आत्मा, आत्मा, आत्मा

गोरा नहीं मैं,
काला नहीं मैं।
बच्चा नहीं मैं,
बुढ़ा नहीं मैं ।।
तो बतलाओ
कौन हूँ मैं ?
आत्मा, आत्मा, आत्मा

पाठ - 16

चेतन राजा

चेतन राजा कहाँ गए ?
देह में छिपकर सो रहे,
चारों गति में घूम रहे,
सुख की चाह में भटक रहे।

चेतन राजा अब क्या करोगे ?
समकित लेंगे क्षण में हम,
चेतन में जाऊँ रम - रम,
भगवान बननें जन्में हम,
अब सिद्धों को नम - नम - नम।

चौबीस तीर्थंकर

  1. ऋषभदेव
    बैल

  2. अजितनाथ
    हाथी

  3. संभवनाथ
    घोड़ा

  4. अभिनंदन
    बंदर

  5. सुमतिनाथ
    चक्रवाक

  6. पद्मप्रभ
    पद्म

  7. सुपार्श्वनाथ
    स्वस्तिक

  8. चंद्रप्रभ
    चन्द्रमा

  9. पुष्पदंत
    मगर

  10. शीतलनाथ
    कल्पवृक्ष

  11. श्रेयांसनाथ
    गैंडा

  12. वासुपूज्य
    भैंसा

  13. विमलनाथ
    सूअर

  14. अनंतनाथ
    सेही

  15. धर्मनाथ
    वज्र

  16. शांतिनाथ
    हिरण

  17. कुंथुनाथ
    बकरा

  18. अरनाथ
    मछली

  19. मल्लिनाथ
    कलश

  20. मुनिसुव्रत
    कछुआ

  21. नमिनाथ
    कमल

  22. नेमिनाथ
    शंख

  23. पार्श्वनाथ
    सर्प

  24. महावीर
    सिंह

डिजाईन - मंगललोक प्रकाशन, २, कल्याण कोठी, इंदौर-४५२००४

स्रोत: Gyata संग्रह।

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