दया, करुणा in the light of Krambaddh paryay

सब कुछ एक निश्चित क्रम से होता है तो फिर जैसे महाराष्ट्र, कर्नाटक, केरला आदि राज्यों में बाढ़ आई है तो क्या हम गृहस्थों को दया, करुणा करनी चाहिए ? बाढ़ तो आनी ही थी अगर ना आती तो इतने सूक्ष्म जीवों का जन्म मरण रुक जाता जो बाढ़ के पानी में जन्म लेते हैं।

अगर हम बाहरी दया करें और मन में सोचे कि जो होना था वही हुआ तो फिर यह तो दिखावा और मायाचारी हुई। यह तो और बड़ा पाप है। हमें फिर कैसे भाव आने चाहिए ?

1 Like

Dya aadi shubh bhav hai unse mand kasht parinam bandhate hai or mitti ke chintan se ati mand kasht rup dhram dhyan hota hai

1 Like