हम लागे आतमराम सों | Hum laage Aatmram so

हम लागे आतमराम सों |
विनाशीक पुद्गल की छाया, को न रमै धनवान सों || टेक ||

समता सुख घट में परगास्यो, कौन काज है काम सों |
दुविधा - भाव जालंजुली दीनौं, मेल भयो निज आतम सों || १ ||

भेदज्ञान करि निज परि देख्यौ, कौन बिलोकै चाम सों |
उरै परै की बात न भावै, लौ लाई गुणग्राम सों || २ ||

विकलपभाव रंक सब भाजे, झरि चेतन अभिराम सों |
‘घानत’ आतम अनुभव करिके, छूटै भव दुःखधाम सों || ३ ||

Artist- पं. घानतराय जी

Singer: @Asmita_Jain

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