हे जिनवाणी माता! तुमको लाखों | He Jinvani Mata Tumko Lakho

हे जिनवाणी माता! तुमको लाखों प्रणाम,तुमको क्रोड़ों प्रणाम |
शिवसुखदानी माता! तु्मको लाखों प्रणाम, तुमको क्रोड़ों प्रणाम ||

तू वस्तु-स्वरूप बतावे, अरु सकल विरोध मिटावे |
हे स्याद्वाद विख्याता! तुमको लाखों प्रणाम ||तु्मको..||(1)

तू करे ज्ञान का मण्डन, मिथ्यात कुमारग खण्डन |
हे तीन जगत की माता तुमको लाखों प्रणाम ||तुमको..||(2)

तू लोकालोक प्रकाशे, चर-अचर पदार्थ विकाशे |
हे विश्वतत्त्व की ज्ञाता! तुमको लाखों प्रणाम ||तुमको..||(3)

शुद्धातम तत्त्व दिखावे, रत्नत्रय पथ प्रकटावे |
निज आनन्द अमृतदाता! तुमको लाखों प्रणाम ||तुमको..||(4)

हे मात! कृपा अब कीजे, परभाव सकल हर लीजे |
’शिवराम’ सदा गुण गाता तुमको लाखों प्रणाम ||तुमको..||(5)

Artist - शिवरामजी