श्री ज्ञानसूर्योदय नाटक | Gyansuryodaya Natak — मोह-अंधकार पर ज्ञान का उदय (अध्यात्म रूपक)

श्री ज्ञानसूर्योदय नाटक — एक प्राचीन आध्यात्मिक रूपक (allegorical) नाटक, जिसमें मोह, राग-द्वेष आदि विभाव भावों के अंधकार पर सम्यक् ज्ञान रूपी सूर्य के उदय की प्रेरक कथा पात्रों के रूप में मंचित है। ग्रंथ का रहस्य — मोहादिक भाव सब उपाधिरूप हैं, ज्ञानादिक भाव ही आत्मा का स्वभाव; जिनवाणी के अनुसार ध्यान धारण कर आत्मस्वरूप में समा जाने की भावना। स्वाध्याय, पाठशाला व सांस्कृतिक कार्यक्रम हेतु उपयोगी।

Gyansuryodaya Natak — a classic Jain allegorical drama depicting the rise of the ‘sun of true knowledge’ over the darkness of delusion (moha) and passions. Jain adhyatma natak for swadhyay, pathshala and cultural programs.

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नाटक का आरंभिक अंश

श्रीज्ञानसूर्योदय
ग्रन्थका रहस्य ।
मोहादिक भाव सब उपाधिरूप चेतनके,
दुखदाई जान वृथा चित्त न अमाइये ।
ज्ञानादिक भाव ते तो आपहीके खभाव,
तिनको हितकारी जानि चित्तको रमाइये ॥
जिनवानी जोर विना ज्ञानकी न शक्ति कल्लू,
तातें जिनवानी विना घरी ना गमाइये ।
ताके अनुसार ध्यान धारि मोहको विडारि,
केवल खरूप होय आपमें समाइये ॥
[ श्रीभागचन्द्रकवेः ]

नाटकपात्र ।
सूत्रधार-नाटकाचार्य ।
नटी-सूत्रधारकी स्त्री ।
प्रवोध-प्रधाननायक ।
अष्टशती-प्रबोधकी स्त्री (श्रीअरुलकभट्टकृत न्यायग्रन्थ देवा-
गमकी टीका)
विवेक-प्रबोधका भाई ।
मति-विवेककी स्त्री ।
परीक्षा-प्रबोधकी वहिन ।
पुरुप (आत्मा) - प्रबोधादिका पिता ।
उपदेश-प्रबोधका गुप्तचर ।
सम्यक्त्व - प्रबोधका मंत्री ।
न्याय- प्रबोधका दूत ।
दया-प्रबोधकी दूसरी स्त्री ।
क्षमा-दयाकी माता ।
शान्ति-दयाकी छोटी बहिन ।
मैत्री-सर्व जीवोंकी हितकारिणी ।
वाग्देवी-सरस्वती देवी ।
अनुप्रेक्षा- अनित्यादि बारह प्रकार ।
मन-वैराग्यका पिता ।
संकल्प-मनका सहचर ।
वैराग्य-मनका पुत्र ।


मोह- पुरुषके कुमति-
काम - स्त्रीसे उत्पन्न हुए
क्रोध - पुत्र ।
रति-कामकी स्त्री ।
हिंसा- क्रोधकी स्त्री ।
राग द्वेष-लोभके पुत्र ।
कलि-मोहका मंत्री ।
दंभ - मोह राजाके
अहंकार- । सुभट ।
विलास-मोहका दूत ।
बुद्धागम-
याज्ञिक.(मींमासक)
नैयायिक-
ब्रह्माद्वैत (वेदान्त)
श्वेताम्बर-
कापालिक-
वैष्णव-
बुद्धादि धर्मोंके
अनुयायी ।
इनके सिवाय विद्यार्थी, श्राविका, ध्यान, दासियां, द्वारपाल,
सामन्तादि ।


यह केवल आरंभिक अंश है — पूरा नाटक ऊपर दी गई PDF में उपलब्ध है