ज्ञानानंद श्रावकाचार के आधार से 'केला अभक्ष्य कैसे है’ की व्याख्या | Gyananand Shravakachar Ke Aadhar Se 'Kela Abhakshay Kaise Hai’ Ki Vyakhya

जय जिनेन्द्र

आगम में जो अभक्ष्य के चिन्ह बताए है उसमें केला का कोई चिन्ह नहीं है मूल में केला भक्ष्य है यहां पर तो अति आसक्ति के साथ लेता है तो कोई भी भक्ष्य वस्तु भी अभक्ष्य कहते है।