ग्रहस्त के अवधि ज्ञान | Grahast Ke Avdhi Gyan

तीर्थंकर और चक्रवर्ती के आलावा क्या किसी अन्य को भी ग्रहस्त दशा में अवधि ज्ञान होना सम्भव है ?

ये प्रश्न कुछ दिनों पूर्व मेरा भी था, जिसका उत्तर ‘शान्तिनाथ चरित्र’ पढ़ते में सामने आया। उसमें कई जगह उल्लेख आया है कि राजा को अवधिज्ञान हुआ, जो कि ना तीर्थंकर थे ना ही चक्रवर्ती।

गुण प्रत्यय अवधिज्ञान तिर्यंच तथा मनुष्य दोनों को सम्यक्त्व आदि के निमित्त से हो सकता हैं।

Image - सर्वार्थ सिद्धि टीका by जयचंद जी छाबड़ा