द्वीप संरचना परिचय - जैन स्वाध्याय सामग्री | Dwip Sanrachna Parichay

द्वीप संरचना परिचय

C/o. ૩૩, ઉધમ, રાણીસતી માર્ગ, મલાડ (ઈ), મુંબઈ - ૪૦૦ ૦૯૭. સંપર્ક સૂત્રઃ પ્રવીણભાઈ - ૯૩૨૦૬ ૮૮૯૧૮, વિનોદભાઈ - ૯૮૩૩૭ ૬૯૯૧૦

શ્રી કહાન દિ. જૈન ઉત્કર્ષ મુમુક્ષુ મંડળ, મલાડ 卐 શ્રી કુંદ કુંદ કહાન દિ. જૈન સ્વાધ્યાયભવન, મલાડ 卐
ज्ञान दर्शन
चारित्र तप
क्षमा संयम

उत्तर
नील पश्चिम → पूर्व नील
पर्वत दक्षिण पर्वत
रुक्मि रुक्मि
पर्वत पर्वत
सुदर्शन मेरु
शिखरी शिखरी
पर्बत पर्बत
अचल मेरु विजय मेरु
विद्युन्माली
मेरु मंदर मेरु
विदेह क्षेत्र विदेह क्षेत्र
निषध निषध पर्वत
पर्वत
महाहिमवन महाहिमवन
पर्वत पर्वत
नाभिगिरि हिमवन नाभिगिरि
हिमवन पर्वत
पर्वत इष्वाकार
पर्वत विजयार्ध
विजयार्ध पर्वत
पर्वत

ढाईद्वीप

संरचना परिचय

~~
द्वीप अढाई जिनायतन आकर्षक अति दिव्य ।
अंदर बाहर से लगे सुंदर व अति भव्य ।।
~
~

પૂ. બહેનશ્રી ચંપાબેન
પરમ પૂ. ગુરૂદેવ શ્રી કાનજીસ્વામી

પૂ. શાંતાબેન
ધર્મરત્ન પં. શ્રી બાબુભાઈ મહેતા

श्री कहान दि. जैन उत्कर्ष मुमुक्षु मंडल, मलाड
श्री कुंद कुंद कहान दिगम्बर जैन स्वाध्याय भवन ट्रस्ट, मलाड
C/o. ३३, उधम, राणीसती मार्ग, मलाड (ई), मुंबई - ४०० ०९७. संपर्क सूत्रः प्रवीणभाई - ९३२०६ ८८९१८, विनोदभाई - ९८३३७ ९६९१०

भुतकाल चौबीसी

१. निर्वाण
२. सागर
३. महासाधु
४. विमलप्रभ
५. शुद्धाभ देव
६. श्रीधर
७. श्रीदत्त
८. सिद्धाभ देव
९. अमलप्रभा
१०. उद्धार देव
११. अग्निदेव
१२. संयम

१३. शिव
१४. पुष्पांजलि
१५. उत्साह
१६. परमेश्वर
१७. ज्ञानेश्वर
१८. विमलेश्वर
१९. यशोधर
२०. कृष्णमति
२१. ज्ञानमति
२२. शुद्धमति
२३. श्रीमद
२४. अनन्तवीर्य

वर्तमान चौबीसी

१. ऋषभनाथ
२. अजितनाथ
३. संभवनाथ
४. अभिनन्दननाथ
५. सुमतिनाथ
६. पद्म प्रभ
७. सुर्पाश्वनाथ
८. चन्द्रप्रभ
९. सुविधिनाथ
१०. शीतलनाथ
११. श्रेयांसनाथ
१२. वासुपुज्य

१३. विमलनाथ
१४. अनन्तनात
१५. धर्मनाथ
१६. शान्तिनाथ
१७. कुन्थुनाथ
१८. अरहनाथ
१९. मल्लिनाथ
२०. मुनिसुव्रतनाथ
२१. नमिनाथ
२२. नेमिनाथ
२३. पार्श्वनाथ
२४. महावीर

भविष्यकाल चौबीसी

१. महापद्म
२. सुरदेव
३. सुपार्श्व
४. स्वयंप्रभ
५. स्वात्मभूत
६. देव पुत्र
७. कुल पुत्र
८. उंदक
९. प्रोष्ठिल
१०. जयकीर्ति
११. मुनिसुव्रत
१२. अरनाथ

१३. निष्पार्पाजिन
१४. निष्कषाय
१५. विपुल
१६. निर्मल
१७. चित्रगुप्त
१८. समाधिगुप्त
१९. स्वयंभू
२०. अनिवर्तक
२१. जयनाथ
२२. विमल
२३. देवपाल
२४. अनन्तवीर्य

विद्यमान बीस तीर्थंकर

१. सीमन्धर
२. युगमंधर
३. बाहू
४. सुबाहु
५. संजातक
६. स्वयं प्रभ
७. ऋषभानन
८. अनन्तवीर्य
९. सुर्यप्रभ
१० विशालकीर्ति

११. बज्रधर
१२. चन्द्रानन
१३. भद्रबाहु
१४. मुंजगंम
१५. ईश्वर
१६. नेमप्रभ
१७. वीरसेन
१८. महाभद
१९. देवयश
२०. अजितवीर्य

卐 श्री चौबीस तीर्थकरों का विवरण 卐

न. तीर्थंकर का नाम चिन्ह जन्म नगरी पिता माता निर्वाण भूमि
०१. श्री आदिनाथजी बैल अयोध्या नाभिराज मरुदेवी श्री कैलाश पर्वत
०२. श्री अजितनाथजी हाथी अयोध्या जितशत्रु विजयसेना श्री सम्मेद शिखरजी
०३. श्री सम्भवनाथजी घोडा अयोध्या दृढ़राज सुषेणा श्री सम्मेद शिखरजी
०४. श्री अभिनन्दननाथजी बन्दर अयोध्या स्वयंवर सिद्धार्था श्री सम्मेद शिखरजी
०५. श्री सुमतिनाथजी चकवा अयोध्या मेघराज सुमंगला श्री सम्मेद शिखरजी
०६. श्री पद्मप्रभुजी लाल कमल कोशाम्बी धरणराज सुसीमा श्री सम्मेद शिखरजी
०७. श्री सुपार्शनाथजी सांथिया बनारस सुप्रतिष्ठ पृथ्वीषेणा श्री सम्मेद शिखरजी
०८. श्री चन्द्रप्रभुजी चन्द्रमा चन्द्रपुरी महासेन लक्ष्मणा श्री सम्मेद शिखरजी
०९. श्री पुष्पदंतजी मगर कान्दी सुग्रीव जयरामा श्री सम्मेद शिखरजी
१०. श्री शीतलनाथजी श्री वृक्ष भद्दिलापुर दृढ़स्थ सुनन्दा श्री सम्मेद शिखरजी
११. श्री श्रेयांसनाथजी गेंडा सिंहपुरी विष्णुराज विपुलानंदा श्री सम्मेद शिखरजी
१२. श्री वासुपूज्यजी भैंसा चम्पापुरी वसुपूज्य जयावती श्री चम्पापुरजी
१३. श्री विमलनाथजी शूकर कम्पिला कृतिवर्य जयश्यामा श्री सम्मेद शिखरजी
१४. श्री अनन्तनाथजी सेही अयोध्या सिहंसेन लक्ष्मीमती श्री सम्मेद शिखरजी
१५. श्री धर्मनाथजी वज्र रतनपुर भानुराज सुप्रभा श्री सम्मेद शिखरजी
१६. श्री शान्तिनाथजी मृग हस्तिनापुर विश्वसेन ऐरादेवी श्री सम्मेद शिखरजी
१७. श्री कुन्थुनाथजी बकरा हस्तिनापुर सूरसेन श्रीकांता श्री सम्मेद शिखरजी
१८. श्री अरहनाथजी मीन हस्तिनापुर सुदर्शन मित्रसेना श्री सम्मेद शिखरजी
१९. श्री मल्लिनाथजी कलश मिथिला कुम्भराज प्रजावती श्री सम्मेद शिखरजी
२०. श्री मुनिसुव्रतनाथजी कछवा राजगृही सुमित्र सीमा श्री सम्मेद शिखरजी
२१. श्री नमिनाथजी नीलकमल मिथिला विजय वर्मिला श्री सम्मेद शिखरजी
२२. श्री नेमीनाथजी शंख शौरीपुर समुद्रविजय शिवादेवी श्री गिरनार पर्वत
२३. श्री पार्श्वनाथजी सर्प बनारस अश्वसेन वामादेवी श्री सम्मेद शिखरजी
२४. श्री महावीरजी सिंह कुण्डलपुर सिद्धार्थ त्रिशला श्री पावापुर

દિવસનાં ચોઘડિઆં

રવિ સોમ મંગળ બુધ ગુરુ શુક્ર શનિ
ઉદ્વેગ અમૃત રોગ લાભ શુભ ચલ કાળ
શુભ ચલ કાળ ઉદ્વેગ અમૃત રોગ લાભ
લાભ શુભ ચલ કાળ ઉદ્વેગ અમૃત રોગ
અમૃત રોગ લાભ શુભ ચલ કાળ ઉદ્વેગ
ચલ કાળ ઉદ્વેગ અમૃત રોગ લાભ શુભ
રોગ લાભ શુભ ચલ કાળ ઉદ્વેગ અમૃત
કાળ ઉદ્વેગ અમૃત રોગ લાભ શુભ ચલ
લાભ શુભ ચલ કાળ ઉદ્વેગ અમૃત રોગ

રાત્રિનાં ચોઘડિઆં

રવિ સોમ મંગળ બુધ ગુરુ શુક્ર શનિ
શુભ ચલ કાળ ઉદ્વેગ અમૃત રોગ લાભ
અમૃત રોગ લાભ શુભ ચલ કાળ ઉદ્વેગ
ચલ કાળ ઉદ્વેગ અમૃત રોગ લાભ શુભ
રોગ લાભ શુભ ચલ કાળ ઉદ્વેગ અમૃત
કાળ ઉદ્વેગ અમૃત રોગ લાભ શુભ ચલ
લાભ શુભ ચલ કાળ ઉદ્વેગ અમૃત રોગ
ઉદ્વેગ અમૃત રોગ લાભ શુભ ચલ કાળ
શુભ ચલ કાળ ઉદ્વેગ અમૃત રોગ લાભ

अहिंसा परमो धर्म:

C/o. ૩૩, ઉધમ, રાણીસતી માર્ગ, મલાડ (ઈ), મુંબઈ - ૪૦૦ ૦૯૭. સંપર્ક સૂત્રઃ પ્રવીણભાઈ - ૯૩૨૦૬ ૮૮૯૧૮, વિનોદભાઈ - ૯૮૩૩૭ ૬૯૯૧૦

तीन लोक
सिद्ध लोक = ३२१६२२४१३ धनुष
लोक के शिखरवती वातवलय
२०,००० यो.
२०,००० यो.
२०,००० यो.
१ राजू
१ राजू
बस नाली
आरण
आतत
शतार
राजू
कापिस
इम्तोत्तर
तानतकुमार
माहेन्द्र
सौधर्म
ईशान
ज्योतिष लोक
११० यो.
चित्रा पृथ्वी
खर भाग
रत्न प्रभा
शर्करा प्रभा
बालुका प्रभा
पंक प्रभा
बातवलय
लोक के बहुमध्य भाग में लम्वायमान
१४ राजू
लोक सामान्य १४ राजू
७ राजू
१ राजू
इस नाली १३ राजू ३२१६२२४१३ धनुष
अलोकाकाश
लोकाकाश
बातवलय
६०,००० यो.
२०,००० यो.
बातवलय
२०,००० यो.
लोक के तलवती वातवलय
२०,००० यो.

પોષ સુદ-૧૪
શ્રી અભિનંદન ભગવાન
કેવળજ્ઞાન
પોષ સુદ-૧૫
શ્રી ધર્મનાથ ભગવાન
કેવળજ્ઞાન
પોષ વદ-૬
શ્રી પદ્મપ્રભ ભગવાન
ગર્ભ
પોષ વદ-૧૨
શ્રી શીતલનાથ ભગવાન
જન્મ
પોષ વદ-૧૪
શ્રી ઋષભદેવ ભગવાન
પોષ વદ-૩૦
શ્રી શ્રેયાંસનાથ ભગવાન
કેવળજ્ઞાન

મહા સુદ-૨
શ્રી વાસૂપૂજય ભગવાન
કેવળજ્ઞાન
મહા સુદ-૪
શ્રી વિમલનાથ ભગવાન
જન્મ, તપ
મહા સુદ-૬
શ્રી વિમલનાથ ભગવાન
કેવળજ્ઞાન
મહા સુદ-૯
શ્રી અજિતનાથ ભગવાન
તપ
મહા સુદ-૧૦
શ્રી અજિતનાથ ભગવાન
જન્મ
મહા સુદ-૧૨
શ્રી અભિનંદન ભગવાન
જન્મ, તપ
મહા સુદ-૧૩
શ્રી ધર્મનાથ ભગવાન
જન્મ, તપ

શ્રી દશલક્ષણી વ્રત

મહા સુદ-૪ થી મહા સુદ-૧૪
ગુરૂવાર, તા.: ૨૨-૦૧-૨૦૨૬ થી
શનિવાર, તા.: ૩૧-૦૧-૨૦૨૬

મંગળ

દ્રવ્યનો અનુભવ થતાં પર્યાયમાં
રાગનું કર્તા-ભોક્તા પણું છુટી જાય છે.

મકરસંક્રાતિ
14th
પ્રજાસત્તાક દિવસ
26th

પોષ સુદ-૧૩
પોષ સુદ-૧૪
પોષ સુદ-૧૫

પોષ વદ-૧
પોષ વદ-૨/૩
પોષ વદ-૪
પોષ વદ-૫
પોષ વદ-૬
પોષ વદ-૭
પોષ વદ-૮

પોષ વદ-૮
પોષ વદ-૯
પોષ વદ-૧૦
મકરસંક્રાતિ
પોષ વદ-૧૧
પોષ વદ-૧૨
પોષ વદ-૧૩
પોષ વદ-૧૪

પોષ વદ-૩૦
મહા સુદ-૧
મહા સુદ-૨
મહા સુદ-૩
દશલક્ષણી
વ્રત પ્રારંભ
મહા સુદ-૪
મહા સુદ-૫
મહા સુદ-૬

પ્રજાસત્તાક દિવસ
મહા સુદ-૭
મહા સુદ-૮
મહા સુદ-૯
મહા સુદ-૧૦
મહા સુદ-૧૧
મહા સુદ-૧૨/૧૩
દશલક્ષણી
વ્રત પૂર્ણ
મહા સુદ-૧૪

શૌચ બ્રહ્મચર્ય
સૂર્યોદય
સૂર્યાસ્ત
પોષ સુદઃ ૭-૧૭
પોષ સુદઃ ૫-૫૮
પોષ વદઃ ૭-૨૩
પોષ વદઃ ૬-૦૬
મહા સુદઃ ૭-૨૪
મહા સુદઃ ૬-૧૬

શ્રીમતી વીણાબેન જગદીશભાઈ મોદી
હ. શ્રીમતી સંગીતાબેન અવનિશભાઈ મોદી

સ્વ. માણેકચંદ રેવચંદ મહેતા
ફતેપુર

સ્વ. તારાબેન નગીનદાસ શાહ
હ.: બિપીનભાઈ, નિકેતનભાઈ - હિંમતનગર

JANUARY
પોષ/મહા

DECEMBER - 2025
1 2 3 4 5 6
7 8 9 10 11 12 13
14 15 16 17 18 19 20
21 22 23 24 25 26 27
28 29 30 31

FEBRUARY - 2026

C/o. ૩૩, ઉધમ, રાણીસતી માર્ગ, મલાડ (ઈ), મુંબઈ - ૪૦૦ ૦૯૭. સંપર્ક સૂત્રઃ પ્રવીણભાઈ - ૯૩૨૦૬ ૮૮૯૧૮, વિનોદભાઈ - ૯૮૩૩૭ ૬૯૯૧૦

श्री कहान दि. जैन उत्कर्ष मुमुक्षु मंडळ,
श्री कुंद कुंद कहान दिगंबर जैन स्वाध्याय भवन ट्रस्ट, मलाड
शौच ब्रह्मचर्य

ढाईद्वीप

मनुष्यलोक नाम से प्रसिद्ध संरचना ढाईद्वीप कही जाती है। इस ढाईद्वीप में
द्वीप व समुद्र समाहित हैं। ढाईद्वीप में जम्बूद्वीप, लवणसमुद्र, धातकीखण्ड द्वीप,
कालोद समुद्र तथा अर्ध पुष्करवर द्वीप आ जाते हैं। इस ढाईद्वीप/मनुष्यलोक का
विस्तार 45 लाख योजन है।

इसमें जम्बूद्वीप 1 लाख योजन, लवण समुद्र एक दिशा में 2 लाख योजन,
धातकीखण्ड एक दिशा में 4 लाख योजन, कालोद समुद्र एक दिशा में 8 लाख
योजन तथा आधा पुष्करवर द्वीप एक दिशा में 8 लाख योजन विस्तार वाला है।
जम्बूद्वीप के मध्यवर्ती सुमेरुपर्वत से एक दिशा की ओर आधे पुष्करवर द्वीप तक का
विस्तार क्षेत्र 22 लाख, 50 हजार योजन है; इसीतरह उसकी विपरीत दिशा का
विस्तार क्षेत्र भी 22 लाख, 50 हजार योजन होने से ढाईद्वीप का कुल विस्तार क्षेत्र
45 लाख योजन हो जाता है।

महां वद-३
श्री अरहनाथ भगवान्

महां वद-४
श्री पद्मप्रभ भगवान्
मोक्ष

महां वद-६
श्री सुपार्श्वनाथ भगवान्
केवळज्ञान

महां वद-७
श्री सुपार्श्वनाथ भगवान्
मोक्ष

महां वद-७
श्री चंद्रप्रभ भगवान्
केवळज्ञान

महां वद-९
श्री पुष्पदंत भगवान्

महां वद-११
श्री श्रेयांसनाथ भगवान्

महां वद-११
श्री ऋषभदेव भगवान्
के. ज्ञान

महां वद-१२
श्री मुनिसुव्रत भगवान्
मोक्ष

महां वद-१४
श्री वासुपूज्य भगवान्

फागण सुद-५
श्री मल्लिनाथ भगवान्
मोक्ष

फागण सुद-७
श्री चंद्रप्रभ भगवान्
मोक्ष

फागण सुद-८
श्री संभवनाथ भगवान्

फागण सुद-८, मंगलवार,
ता.: २४-०२-२०२६.
नंदीश्वर अष्टान्हिका
प्रारंभ

सूर्योदय

महां सुदः ७-२४
महां वदः ७-२०
फागण सुदः ७-११

सूर्यास्त

महां सुदः ६-१६
महां वदः ६-२६
फागण सुदः ६-३६

स्व. अमरलाल छबालाल
शाह, मलाड

अशोककुमार रमणलाल
कोटडीआ, तलोद

H.M. CLASSES - MALAD
श्री हितेशभाई महेता, Ph.: 28810808

FEBRUARY
महां/फागण

JANUARY 2026
1 2 3
4 5 6 7 8 9 10
11 12 13 14 15 16 17
18 19 20 21 22 23 24
25 26 27 28 29 30 31

MARCH - 2026
29 30 31

महां सुद-१५

महां वद-७

महाशिवरात्री
महां वद-१३

फागण सुद-५/६

पूं. बहेन श्री शांताबेननो
जन्म जयंती दिवस फागण सुद-११,
शुक्रवार, ता.: २७-०२-२०२६.

महां वद-१

महां वद-८

महां वद-१४

फागण सुद-७

मंगल
महां वद-२

महां वद-९

महां वद-३०

फागण सुद-८

महां वद-३

महां वद-९

फागण सुद-१

फागण सुद-९

महां वद-४

महां वद-१०

शिवाजी जयंती
फागण सुद-२

फागण सुद-१०

महां वद-५

महां वद-११

फागण सुद-३

फागण सुद-११

मारूं ज्ञान ए ज हूँ छु,
देहादि तथा विकार पर छे.
ज्यां ज्यां जाणपणुं छे, त्यां त्यां ‘हूँ’
ऐवो दृढभाव ते समयक्त्व छे.

महां वद-६

महां वद-१२

फागण सुद-४

फागण सुद-१२

महाशिवरात्री
15th

शिवाजी जयंती
19th

C/o. ૩૩, ઉધમ, રાણીસતી માર્ગ, મલાડ (ઈ), મુંબઈ - ૪૦૦ ૦૯૭. સંપર્ક સૂત્રઃ પ્રવીણભાઈ - ૯૩૨૦૬ ૮૮૯૧૮, વિનોદભાઈ - ૯૮૩૩૭ ૬૯૯૧૦
जम्बूद्वीप

મંગલ કલ્યાણકો

जम्बूद्वीप में 78 अकृत्रिम चैत्यालय
1 सुदर्शन मेरु - 16
6 कुलाचल - 06
4 गजदंत पर्वत - 04
16 वक्षार पर्वत - 16
34 विजयार्ध पर्वत - 34
1 जम्बूवृक्ष - 01
1 शाल्मली वृक्ष - 01
ऐरावत क्षेत्र
हैरण्यवत क्षेत्र
रम्यक क्षेत्र
विदेह क्षेत्र
हरि क्षेत्र
हैमवत क्षेत्र
सीमंधर स्वामी
आर्यखण्ड
रक्ता
रक्तोदा
नदी
नदी विजयार्ध
पर्वत
शिखरी पर्वत
भरत क्षेत्र
विजयार्ध
पर्वत
सिन्धु
नदी
મંગળ
रुक्मि पर्वत
नील पर्वत
निषध पर्वत
हिमवन पर्वत
महाहिमवन
पर्वत
आर्यखण्ड
(वर्तमान विश्व)
गंगा
नदी
બુધ
ગુરુ
ધૂળેટી
ફાગણ વદ-૪
શ્રી અનંતનાથ ભગવાન
ફાગણ વદ-૫
શ્રી ચંદ્રપ્રભ ભગવાન
ગર્ભ
ફાગણ વદ-૮
શ્રી શીતલનાથ ભગવાન
ગર્ભ
ફાગણ વદ-૯
શ્રી ઋષભદેવ ભગવાન
જન્મ, તપ
ફાગણ વદ-૧૦
શ્રી મુનિસુવ્રત ભગવાન
કેવળજ્ઞાન
ફાગણ વદ-૧૩
શ્રી પાર્શ્વનાથ ભગવાન
કેવળજ્ઞાન
ફાગણ વદ-૩૦
શ્રી અનંતનાથ ભગવાન
કેવળજ્ઞાન
ફાગણ વદ-૩૦
શ્રી અરહનાથ ભગવાન
ચૈત્ર સુદ-૧
શ્રી મલ્લિનાથ ભગવાન
ગર્ભ
ચૈત્ર સુદ-૩
શ્રી કુંથુનાથ ભગવાન
કેવળજ્ઞાન
ચૈત્ર સુદ-૫
શ્રી અજિતનાથ ભગવાન
ચૈત્ર સુદ-૬
શ્રી સંભવનાથ ભગવાન
ચૈત્ર સુદ-૧૧
શ્રી સુમતિનાથ ભગવાન
જન્મ, કે. જ્ઞાન, મોક્ષ
ચૈત્ર સુદ-૧૩
શ્રી મહાવીર ભગવાન
જન્મ
ફાગણ સુદ-૧૫, મંગળવાર,
ता.: 03-03-2026.
નંદીશ્વર અષ્ટાન્હિકા-પૂર્ણ
ચૈત્ર સુદ-૧૩, સોમવાર, તા.: ૩૦-૦૩-૨૬
શ્રી મહાવીર ભગવાન
જન્મ કલ્યાણક
શુક્ર
શનિ

સૂર્યોદય

ફાગણ સુદઃ ૭-૧૧
ફાગણ વદઃ ૭-૦૦
ચૈત્ર સુદઃ ૬-૪૫

સૂર્યાસ્ત

ફાગણ સુદઃ ૬-૩૬
ફાગણ વદઃ ૬-૪૨
ચૈત્ર સુદઃ ૬-૪૯
GIRIRAJ GLOBAL
BHAYANDER
મીરા ઋષભ દોશી
સોનગઢ
ચૈતાલી હેમાંગ દોશી
બોરીવલી
MARCH
ફાગણ/ચૈત્ર
FEBRUARY - 2026
ફાગણ સુદ-૧૩ ફાગણ સુદ-૧૪ ફાગણ સુદ-૧૫ ફાગણ વદ-૧ ફાગણ વદ-૨ ફાગણ વદ-૩ ફાગણ વદ-૪
ફાગણ વદ-૪ ફાગણ વદ-૬ ફાગણ વદ-૭ ફાગણ વદ-૮ ફાગણ વદ-૯ ફાગણ વદ-૧૦ ફાગણ વદ-૧૧
ગુડી પડવો
ફાગણ વદ-૧૧ ફાગણ વદ-૧૨ ફાગણ વદ-૧૩/૧૪ ફાગણ વદ-૩૦ ચૈત્ર સુદ-૧ ચૈત્ર સુદ-૨ ચૈત્ર સુદ-૩
રામનવમી
ચૈત્ર સુદ-૪ ચૈત્ર સુદ-૫ ચૈત્ર સુદ-૬ ચૈત્ર સુદ-૭ ચૈત્ર સુદ-૮ ચૈત્ર સુદ-૯/૧૦ ચૈત્ર સુદ-૧૧
મહાવીર ભગવાન
જન્મ કલ્યાણક દિવસ
29 30 31
ચૈત્ર સુદ-૧૨ ચૈત્ર સુદ-૧૩ ચૈત્ર સુદ-૧૪
શ્રી દશલક્ષણી વ્રત
ચૈત્ર સુદ-૪ થી ચૈત્ર સુદ-૧૪
રવિવાર, તા.: ૨૨-૦૩-૨૦૨૬ થી
મંગળવાર, તા.: ૩૧-૦૩-૨૦૨૬
પૂ. સદ્ગુરૂદેવ શ્રી કાનજીસ્વામીના
સંપ્રદાય પરિવર્તનની ૯૨ મી જયંતી
(વિ.સં.-૧૯૯૧).
ચૈત્ર સુદ-૧૩, સોમવાર, તા.: ૩૦-૦૩-૨૬.
APRIL - 2026
19 20 21 22 23 24 25
26 27 28 29 30

C/o. ૩૩, ઉધમ, રાણીસતી માર્ગ, મલાડ (ઈ), મુંબઈ - ૪૦૦ ૦૯૭. સંપર્ક સૂત્રઃ પ્રવીણભાઈ - ૯૩૨૦૬ ૮૮૯૧૮, વિનોદભાઈ - ૯૮૩૩૭ ૬૯૯૧૦

મંગલ કલ્યાણકો

ચૈત્ર સુદ-૧૫
શ્રી પદ્મપ્રભ ભગવાન
કેવળજ્ઞાન
ચૈત્ર વદ-૨
શ્રી પાર્શ્વનાથ ભગવાન
ગર્ભ
ચૈત્ર વદ-૧૦
શ્રી મુનિસુવ્રત ભગવાન
તપ
ચૈત્ર વદ-૧૪
શ્રી નમિનાથ ભગવાન
વૈશાખ સુદ-૧
શ્રી કંથુનાથ ભગવાન
જન્મ, તપ, મોક્ષ
વૈશાખ સુદ-૬
શ્રી અભિનંદન ભગવાન
ગર્ભ, મોક્ષ
વૈશાખ સુદ-૯
શ્રી સુમતિનાથ ભગવાન
તપ
વૈશાખ સુદ-૧૦
શ્રી મહાવીર ભગવાન
કેવળજ્ઞાન
વૈશાખ સુદ-૧૩
શ્રી ધર્મનાથ ભગવાન
ગર્ભ

વૈશાખ સુદ-૨, રવિવાર,
તા.: ૧૯-૦૪-૨૦૨૬.
પૂ. સદ્ગુરૂદેવ શ્રી કાનજીસ્વામીનો
૧૩૭ મો જન્મ જયંતી મહોત્સવ

વૈશાખ સુદ-૩,
રવિવાર, તા.: ૧૯-૦૪-૨૦૨૬.
શ્રી ઋષભદેવ ભગવાન
આહારદાન - અક્ષય તૃતિયા

भरत क्षेत्र
वृषभाचल
(चक्रवर्ती अपना नाम लिखता है)
म्लेच्छ खण्ड
म्लेच्छ खण्ड
म्लेच्छ खण्ड
लवण
समुद्र
हिमवन
पर्वत
अकृत्रिम
चैत्यालय
विजयार्ध
पर्वत
म्लेच्छ खण्ड
आर्यखण्ड
(वर्तमान विश्व)
म्लेच्छ खण्ड
गंगा नदी
सिंधु नदी

સૂર્યોદય

ચૈત્ર સુદઃ ૬-૪૫
ચૈત્ર વદઃ ૬-૨૨
વૈશાખ સુદઃ ૬-૧૮

સૂર્યાસ્ત

ચૈત્ર સુદઃ ૬-૪૯
ચૈત્ર વદઃ ૬-૫૪
વૈશાખ સુદઃ ૭-૦૦

સ્વ. ચંદનબેન માધવલાલ
ગાંધી, તલોદ

સ્વ. શાહ શકરાલાલ કેશવલાલ
(ઉજેડીયા) - મલાડ

શ્રી કુંદકુંદ કહાન દિ. જૈન મુમુક્ષુ
સમાજ ટ્રસ્ટ, ભાયંદર (વેસ્ટ)
(પ્રતિષ્ઠા દિન - વૈશાખ સુદ ૫)

APRIL
ચૈત્ર/વૈશાખ

MARCH - 2026
29 30 31

રવિ સોમ મંગળ બુધ ગુરુ શુક્ર શનિ
જીવે અનેક પણામાં
ઍકપણું કર્યું છે,
તેથી અનેક ગતિમાં
પરિભ્રમણ કરે છે.
ગુડફ્રાયડે
3rd
ડૉ. આંબેડકર જયંતિ
14th
ઈયરલી બૅંક
ક્લોસીંગ દિવસ
ચૈત્ર સુદ-૧૫
ચૈત્ર વદ-૧
ચૈત્ર વદ-૨
ગુડફ્રાયડે
ચૈત્ર વદ-૨
ચૈત્ર વદ-૩
ચૈત્ર વદ-૪
ચૈત્ર વદ-૫
ચૈત્ર વદ-૬
ચૈત્ર વદ-૭
ચૈત્ર વદ-૮
ચૈત્ર વદ-૯
ચૈત્ર વદ-૧૦
ચૈત્ર વદ-૧૧
ચૈત્ર વદ-૧૨
ચૈત્ર વદ-૧૩
ચૈત્ર વદ-૧૪
ચૈત્ર વદ-૩૦
વૈશાખ સુદ-૧
વૈશાખ સુદ-૨/૩
વૈશાખ સુદ-૪
વૈશાખ સુદ-૫
વૈશાખ સુદ-૬
વૈશાખ સુદ-૭
વૈશાખ સુદ-૮
વૈશાખ સુદ-૯
વૈશાખ સુદ-૧૦
વૈશાખ સુદ-૧૧
વૈશાખ સુદ-૧૨
વૈશાખ સુદ-૧૩
વૈશાખ સુદ-૧૪
જગતમાં પ્રસિધ્ધિનો
મોહ જગતમાં
પરિભ્રમણ કરાવશે.

MAY - 2026
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C/o. ૩૩, ઉધમ, રાણીસતી માર્ગ, મલાડ (ઈ), મુંબઈ - ૪૦૦ ૦૯૭. સંપર્ક સૂત્રઃ પ્રવીણભાઈ - ૯૩૨૦૬ ૮૮૯૧૮, વિનોદભાઈ - ૯૮૩૩૭ ૬૯૯૧૦
भद्रासन
(सौधर्म इन्द्र)
भद्रासन
(ईशान इन्द्र)
मंगळ कल्याणको
जैन उत्कर्ष मुमुक्षु मंडल,
कहान दि. जैन स्वाध्याय भवन
श्री कुंद कुंद
शौच ब्रह्मचर्य
म
लाड
रक्तकम्बला
(पूर्व विदेह)
जिनेन्द्र
सिंहासन
पाण्डुकशिला
(बाल तीर्थंकर जन्माभिषेक स्थान)
उत्तर
वायव्व
ईशान

  • पूर्व
    आग्नेय
    दक्षिण
    पश्चिम
    नैऋत्य
    पाण्डुकशिला
    (भरत)
    वरुण
    हारिद्र भवन
    कुबर
    D
    यम
    रक्तशिला
    (ऐरावत)
    पंच मेरु
    अ.ज्येष्ठ सुद-१५
    महाराष्ट्र दिवस
    1st
    बुद्ध पूर्णिमा
    1st
    लोहित भवन सोम
    पाण्डुकम्बला
    (पश्चिम विदेह)
    पाण्डुकवन
    प्रत्येक मेरु में 16-16 अकृत्रिम चैत्यालय हैं
    इसतरह 5×16 = 80 चैत्यालय
    मंगल
    હું નિરાવલંબી પદાર્થ છું,
    એવો નિર્ણય આવ્યા વિના
    અભિપ્રાયમાં અવલંબન નહીં છુટે.
    वैशाख वद-६
    श्री श्रेयांसनाथ भगवान्
    वैशाख वद-१०
    श्री विमलनाथ भगवान्
    वैशाख वद-१२
    श्री अनंतनाथ भगवान्
    वैशाख वद-१४
    श्री शांतिनाथ भगवान्
    जन्म, तप, मोक्ष
    वैशाख वद-३०
    श्री अजितनाथ भगवान्
    गुप्त अने प्रगट ए
    अवस्था भेद छे बने
    अवस्थामां स्वरूप
    जेवुंने तेवुं छे आवो
    श्रद्धाभाव
    सुखनुं मूळ छे.
    कोई कहेके आजना
    समयमां निजस्वरूपनी
    प्राप्ति कठिन छे,
    तो तेम कहेनार स्वरूप
    पामवानी चाह
    मटाडनार
    बहिरात्मा छे.
    महाराष्ट्र दिवस
    वैशाख सुद-१५
    वैशाख वद-१
    3 4 5 6 7 8 9
    वैशाख वद-२
    वैशाख वद-३ वैशाख वद-४ वैशाख वद-५ वैशाख वद-५
    वैशाख वद-६ वैशाख वद-७
    सूर्योदय
    वैशाख सुदः ६-१८
    वैशाख वदः ६-०७
    अ.ज्येष्ठ सुदः ६-००
    सूर्यास्त
    वैशाख सुदः ७-००
    वैशाख वदः ७-०६
    अ.ज्येष्ठ सुदः ७-१२
    D. H. & CO. (BHAYANDER)
    ह. दिलीपभाई, हितेशभाई
    अरुणाबेन सनतकुमार नाथालाल
    शाह परिवार, हिम्मतनगर
    स्व. दक्षाबेन बाबुलाल
    गांधी, विलेपार्ला
    MAY
    वैशाख/अ.ज्येष्ठ
    APRIL - 2026
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    वैशाख वद-८
    वैशाख वद-९ वैशाख वद-१० वैशाख वद-११ वैशाख वद-१२ वैशाख वद-१३/१४ वैशाख वद-३०
    17 18 19 20 21 22 23
    अ.ज्येष्ठ सुद-१ अ.ज्येष्ठ सुद-२ अ.ज्येष्ठ सुद-३ अ.ज्येष्ठ सुद-४/५ अ.ज्येष्ठ सुद-६ अ.ज्येष्ठ सुद-७ अ.ज्येष्ठ सुद-८
    24 25 26 27 28 29 30
    अ.ज्येष्ठ सुद-९ अ.ज्येष्ठ सुद-१० अ.ज्येष्ठ सुद-११ अ.ज्येष्ठ सुद-१२ अ.ज्येष्ठ सुद-१३ अ.ज्येष्ठ सुद-१३ अ.ज्येष्ठ सुद-१४
    JUNE - 2026
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C/o. ૩૩, ઉધમ, રાણીસતી માર્ગ, મલાડ (ઈ), મુંબઈ - ૪૦૦ ૦૯૭. સંપર્ક સૂત્રઃ પ્રવીણભાઈ - ૯૩૨૦૬ ૮૮૯૧૮, વિનોદભાઈ - ૯૮૩૩૭ ૬૯૯૧૦
ये चार वक्षार पर्वत हैं
वक्षारगिरि
वक्षारगिरि के 80 चैत्यालय
जम्बूद्वीप में वक्षारगिरि - 16
धातकीखण्ड में वक्षारगिरि - 16×2= 32
पुष्करार्ध में वक्षारगिरि - 16×2=32
इसतरह
16+32+32=80
वक्षारगिरि, प्रत्येक वक्षारगिरि पर एक-एक
चैत्यालय होने से 80×1 = 80 चैत्यालय
ये चार वक्षार पर्वत हैं
:play_button: ढाईद्वीप में जैसे पाँच मेरु पर्वत हैं, उसीतरह वहाँ पाँच विदेह क्षेत्र भी हैं। विदेह
अर्थात् जहाँ पर जीव आत्मसाधना द्वारा तप करके देह अर्थात् शरीर से रहित होकर
सिद्धत्व की प्राप्ति करते हैं, वह स्थान विदेहक्षेत्र कहलाता है।
:play_button: ये विदेहक्षेत्र जम्बूद्वीप, धातकीखण्ड द्वीप तथा पुष्करार्ध द्वीप में स्थित निषध
व नील पर्वत के बीच में हैं। इन विदेहों के मध्य भाग में एक–एक मेरु पर्वत है। प्रत्येक
मेरु पर्वत की पूर्व दिशा में स्थित क्षेत्र को पूर्व विदेह तथा पश्चिम दिशा में स्थित क्षेत्र को
पश्चिम विदेह कहते हैं।
:play_button: ये पूर्व–पश्चिम विदेह चार–चार वक्षार पर्वतों, तीन–तीन विभंगा नदियों व
सीता-सीतोदा नाम की महानदियों द्वारा 16-16 भागों में विभाजित हो जाते हैं।
:play_button: इसतरह पूर्व व पश्चिम के 16+16=32 तथा पाँच महाविदेह के 5×32=160
खण्ड हो जाते हैं। इसतरह एक विदेहक्षेत्र में एक मेरु के पूर्व में 8 व पश्चिम में 8 वक्षार
होने से एक मेरु संबंधी 16 वक्षारगिरि हुए तथा पाँच विदेह के पाँच मेरु संबंधी
5×16=80 वक्षार पर्वत होते हैं।
મંગલ કલ્યાણકો
જ્યેષ્ઠ સુદ-૪
શ્રી ધર્મનાથ ભગવાન
જ્યેષ્ઠ સુદ-૧૨
શ્રી સુપાર્શ્વનાથ ભગવાન
જન્મ, તપ
જ્યેષ્ઠ સુદ-૧૨
શ્રી સુપાર્શ્વનાથ ભગવાન
જન્મ, તપ
જયેષ્ઠ સુદ-૫, શુક્રવાર,
તા.: ૧૯-૦૬-૨૦૨૬
શ્રુતપંચમી
ષખંડાગમ વગેરે શાસ્ત્રરચના
પૂર્ણાહુતિનો પવિત્ર દિવસ
જયેષ્ઠ સુદ-૮, સોમવાર,
તા.: ૨૨-૦૬-૨૦૨૫
આદ્રા નક્ષત્ર પ્રારંભ
બપોરે: ૧૨.૨૭ મીનીટે
મંગળ
બુધ
ગુરુ
શુક્ર
શનિ
અ.જ્યેષ્ઠ વદ-૧
અ.જ્યેષ્ઠ વદ-૨
અ.જ્યેષ્ઠ વદ-૩
અ.જ્યેષ્ઠ વદ-૪
અ.જ્યેષ્ઠ વદ-૫
અ.જ્યેષ્ઠ વદ-૬
અ.જ્યેષ્ઠ વદ-૭
અ.જ્યેષ્ઠ વદ-૮
અ.જ્યેષ્ઠ વદ-૯
અ.જ્યેષ્ઠ વદ-૧૦
અ.જ્યેષ્ઠ વદ-૧૧
અ.જ્યેષ્ઠ વદ-૧૨
અ.જ્યેષ્ઠ વદ-૧૩
અ.જ્યેષ્ઠ વદ
૧૪/૧૫
નિ.જ્યેષ્ઠ સુદ-૧
નિ.જ્યેષ્ઠ સુદ-૨
નિ.જ્યેષ્ઠ સુદ-૩
નિ.જ્યેષ્ઠ સુદ-૪
નિ.જ્યેષ્ઠ સુદ-૫
નિ.જ્યેષ્ઠ સુદ-૬
નિ.જ્યેષ્ઠ સુદ-૭
નિ.જ્યેષ્ઠ સુદ-૮
નિ.જ્યેષ્ઠ સુદ-૯
નિ.જ્યેષ્ઠ સુદ-૧૦
નિ.જ્યેષ્ઠ સુદ-૧૧
નિ.જ્યેષ્ઠ સુદ-૧૨
નિ.જ્યેષ્ઠ સુદ-૧૩
નિ.જ્યેષ્ઠ સુદ-૧૪
નિ.જ્યેષ્ઠ સુદ-૧૫
નિ.જ્યેષ્ઠ વદ-૧
સૂર્યોદય
અ.જ્યેષ્ઠ વદઃ ૫-૫૬
નિ.જ્યેષ્ઠ સુદઃ ૫-૫૫
નિ.જ્યેષ્ઠ વદઃ ૫-૫૯
સૂર્યાસ્ત
અ.જ્યેષ્ઠ વદઃ ૭-૧૯
નિ.જ્યેષ્ઠ સુદઃ ૭-૨૪
નિ.જ્યેષ્ઠ વદઃ ૭-૨૭
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હ. છાયાબેન (ઓરાણ-દહીંસ૨)
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હ. હેમલ, કિંજલ, હિયા (દહીંસર)
JUNE
અ.જ્યેષ્ઠ/નિ.જ્યેષ્ઠ
MAY - 2026
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JULY - 2026
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અરે જીવ!એક ક્ષણ વિચાર તો ક૨,
કે સંચૉગૉ વધવાથી તારામાં શું વધ્યું?
અરે! તેની વૃધ્ધિથી આત્મામાં વૃધ્ધિ માનવી
તે તો મહા વિપરીતતા છે.

C/o. ૩૩, ઉધમ, રાણીસતી માર્ગ, મલાડ (ઈ), મુંબઈ - ૪૦૦ ૦૯૭. સંપર્ક સૂત્રઃ પ્રવીણભાઈ - ૯૩૨૦૬ ૮૮૯૧૮, વિનોદભાઈ - ૯૮૩૩૭ ૬૯૯૧૦
શ્રી કુંદ કુંદ કહાન દિ. જૈન ઉત્કર્ષ મુમુક્ષુ મંડળ, મલાડ
દિગમ્બર જૈન સ્વાધ્યાય ભવન ટ્રસ્ટ, મલાડ
શૌચ બ્રહ્મચર્ય

गजदंत पर्वत

गजदंत के 20 चैत्यालय

ढाईद्वीप में प्रत्येक मेरु संबंधी 4-4 गजदंत
पर्वत हैं।
इसतरह पाँच मेरु के 5×4=20 गजदंत
प्रत्येक पर्वत पर एक-एक चैत्यालय होने
से 20×1=20 चैत्यालय हैं।
ज्येष्ठ वद-२
श्री ऋषभदेव भगवान्
ज्येष्ठ वद-६
श्री वासुपूज्य भगवान्
ज्येष्ठ वद-१०
श्री नमिनाथ भगवान्
अषाढ सुद-६
श्री महावीर भगवान्
अषाढ सुद-७
श्री नेमिनाथ भगवान्
मोक्ष
अषाढ सुद-८
श्री विमलनाथ भगवान्
मोक्ष

सूर्योदय

सूर्यास्त

नि.ज्येष्ठ वदः ५-५९
नि.ज्येष्ठ वदः ७-२७
अषाढ सुदः ६-०५
अषाढ सुदः ७-२६
अषाढ वदः ६-११
अषाढ वदः ७-२१

विशेष :-

ढाईद्वीप के पाँचों विदेह क्षेत्रों में स्थित पाँच मेरु पर्वतों में प्रत्येक मेरु से
संबंधित चार–चार गजदंत पर्वत होने से कुल 20 गजदंत होते हैं। ये सभी गज अर्थात्
हाथी और दंत अर्थात् दाँत के समान आकार वाले होने से इन्हें गजदंत यह सार्थक
नाम प्राप्त है। वहाँ जम्बूद्वीप में सुदर्शन मेरु संबंधित चार गजदंत पर्वत हैं, जो
निम्नानुसार हैं -
पर्वत

माल्यवान
सौमनस
विद्युत्प्रभ
गंधमादन
सुमेरु की दिशा में
ईशान
आग्नेय
नैऋत्य
वायव्व
वर्ण
वैडूर्यमणि
रजतमय
तपनीय स्वर्ण
स्वर्णमय
इन चार गजदंतों में दो गजदंत तो एक ओर मेरु को स्पर्श करते हैं तो दूसरी
ओर निषध पर्वत को; इसीतरह दो गजदंत पुनः मेरु को स्पर्श करते हैं तो दूसरी ओर
नील पर्वत को स्पर्श करते हैं। ये जम्बूद्वीप में 4 हैं, धातकीखण्ड में 8 हैं और पुष्करार्ध
में भी 8 ही होने से ढाईद्वीप में पाँच मेरु संबंधी कुल 20 गजदंत पर्वत हैं।
अषाढ वद-२
श्री मुनिसुव्रत भगवान्
अषाढ सुद-१४, मंगलवार,
ता.: २८-०७-२०२६.
चातुर्मास प्रारंभ
अषाढ वद-१, गुरुवार,
ता.: ३०-०७-२०२६.
श्री वीरशासन जयंती,
श्री महावीर भगवाननी
दिव्यध्वनि छूटवानो
प्रथम दिवस

गजराबेन बाबुलाल शाह

महियल-भायंदर

CRYSTAL STEEL

Bharat Shah - BHAYANDER

नीलाबेन भरतभाई गांधी

तलोद - भायंदर
JULY
नि.ज्येष्ठ/अषाढ
JUNE - 2026
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मंगल
अषाढ सुद-८, मंगलवार, ता.: २१-०७-२६.
नंदी श्वर अष्टान्हिका प्रारंभ
अषाढ सुद-१५, बुधवार, ता.: १९-०७-२६.
नंदी श्वर अष्टान्हिका पूर्ण
नि.ज्येष्ठ वद-२ नि.ज्येष्ठ वद-२ नि.ज्येष्ठ वद-३ नि.ज्येष्ठ वद-४
नि.ज्येष्ठ वद-५ नि.ज्येष्ठ वद-६ नि.ज्येष्ठ वद-७ नि.ज्येष्ठ वद-८ नि.ज्येष्ठ वद-९/१० नि.ज्येष्ठ वद-११ नि.ज्येष्ठ वद-१२
नि.ज्येष्ठ वद-१३ नि.ज्येष्ठ वद-१४ नि.ज्येष्ठ वद-३० अषाढ सुद-१ अषाढ सुद-२/३ अषाढ सुद-४ अषाढ सुद-५
19 20 21 22 23 24 25
अषाढ सुद-६ अषाढ सुद-७ अषाढ सुद-८ अषाढ सुद-९ अषाढ सुद-१० अषाढ सुद-१० अषाढ सुद-११
26 27 28 29 30 31
अषाढ सुद-१२ अषाढ सुद-१३ अषाढ सुद-१४ अषाढ सुद-१५ अषाढ वद-१ अषाढ वद-२
AUGUST - 2026
30 31 1
2 3 4 5 6 7 8
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16 17 18 19 20 21 22
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C/o. ૩૩, ઉધમ, રાણીસતી માર્ગ, મલાડ (ઈ), મુંબઈ - ૪૦૦ ૦૯૭. સંપર્ક સૂત્રઃ પ્રવીણભાઈ - ૯૩૨૦૬ ૮૮૯૧૮, વિનોદભાઈ - ૯૮૩૩૭ ૬૯૯૧૦

विजयार्ध पर्वत
ये आठ विजयार्धपर्वत हैं

मंगळ કલ્યાણકો
અષાઢ વદ-૧૦
શ્રી કુંથુનાથ ભગવાન
ગર્ભ

શ્રાવણ સુદ-૨
શ્રી સુમતિનાથ ભગવાન
ગર્ભ

શ્રાવણ સુદ-૬
શ્રી નેમિનાથ ભગવાન
જન્મ, તપ

શ્રાવણ સુદ-૭
શ્રી પાર્શ્વનાથ ભગવાન

શ્રાવણ સુદ-૧૫
શ્રી શ્રેયાંસનાથ ભગવાન

વિજયાર્ધ કે 170 चैत्यालय
ढाईद्वीप के जम्बूद्वीप में 34, धातकीखण्ड में 68 तथा पुष्करार्ध में 68
विजयार्ध पर्वत होने से कुल 170 विजयार्ध पर्वत हैं। प्रत्येक पर्वत पर एक-एक
जिनालय होने से कुल 170 अकृत्रिम चैत्यालय होते हैं।
➤ भरत क्षेत्र के बहुमध्य भाग में रजतमय और नाना प्रकार के उत्तम रत्नों से
रमणीय विजयार्ध नाम का पर्वत है। यह पर्वत 25 योजन ऊँचा, 50 योजन मूल में
विस्तार युक्त तथा सवा छह योजन नींव वाला है। चक्रवर्ती के विजयक्षेत्र की आधी
सीमा इस पर्वत से निर्धारित होती है; अतः इसे विजयार्ध कहते हैं।
:play_button: जम्बूद्वीप के भरत क्षेत्र में 1, ऐरावत क्षेत्र में 1 तथा विदेह क्षेत्र में 32 विजयार्ध
पर्वत होने से 1+1+32= 34 विजयार्थ पर्वत हैं।
:play_button: धातकीखण्ड द्वीप में भरत क्षेत्र दो व ऐरावत क्षेत्र भी दो होने से उन संबंधी 4
विजयार्ध पर्वत हैं तथा वहाँ दो विदेहक्षेत्र होने से वहाँ की 32-32 नगरियों में, उन
संबंधी एक-एक विजयार्ध पर्वत होने से 32+32 = 64 विजयार्ध पर्वत हैं।
:play_button: इसी तरह पुष्करार्ध में भी भरत क्षेत्र दो व ऐरावत क्षेत्र दो होने से उन संबंधी 4
विजयार्ध पर्वत हैं तथा वहाँ दो विदेह क्षेत्र होने से वहाँ की भी 32-32 नगरियों में
प्रत्येक में विजयार्ध पर्वत होने से 32+32 = 64 विजयार्ध पर्वत हैं।
इसतरह कुल 34+68+68 = 170 विजयार्ध पर्वत हैं।

मंगळ

શ્રાવણ વદ-૨

શ્રાવણ વદ-૩/૪

પતેતી
15th

સ્વાતંત્ર્ય દિવસ
15th

રક્ષાબંધન
28th

અષાઢ વદ-૩

અષાઢ વદ-૪

અષાઢ વદ-૫

અષાઢ વદ-૬

અષાઢ વદ-૭

અષાઢ વદ-૮

અષાઢ વદ-૯

અષાઢ વદ-૧૦

અષાઢ વદ-૧૧/૧૨

અષાઢ વદ-૧૩

અષાઢ વદ-૧૪

અષાઢ વદ-૩૦

શ્રાવણ સુદ-૧

શ્રાવણ સુદ-૨

સ્વાતંત્ર્ય દિવસ
પતેતી
શ્રાવણ સુદ-૩

શ્રાવણ સુદ-૪

શ્રાવણ સુદ-૫

શ્રાવણ સુદ-૬

શ્રાવણ સુદ-૭

શ્રાવણ સુદ-૮

શ્રાવણ સુદ-૯

શ્રાવણ સુદ-૧૦

શ્રાવણ સુદ-૧૧

શ્રાવણ સુદ-૧૨

શ્રાવણ સુદ-૧૩

શ્રાવણ સુદ-૧૪

શ્રાવણ સુદ-૧૪

રક્ષાબંધન
શ્રાવણ સુદ-૧૫

શ્રાવણ વદ-૧

શ્રાવણ સુદ-૧૫, શુક્રવાર
તા.: ૨૮-૦૮-૨૦૨૬.
રક્ષાબંધન દિન
વિષ્ણુકુમાર મુનિ દ્વારા
અકંપનાચાર્ય અને ૭૦૦
મુનિવરોનો ઉપસર્ગથી
રક્ષાનો દિવસ

શ્રાવણ વદ-૨, રવિવાર,
તા.: ૩૦-૦૮-૨૦૨૬.
પૂ. બહેનશ્રી ચંપાબેનનો
૧૧૩ મી જન્મ જયંતિ

સૂર્યોદય
અષાઢ વદઃ ૬-૧૧
શ્રાવણ સુદ: ૬-૧૬
શ્રાવણ વદઃ ૬-૨૨

સૂર્યાસ્ત
અષાઢ વદ: ૭-૨૧
શ્રાવણ સુદઃ ૭-૧૨
શ્રાવણ વદઃ ૬-૫૯

સ્વ. રસીકલાલ મંગળદાસ
શાહ (તલોદ) - મલાડ

સ્વ. ડાહયાલાલ મંગળદાસ
શાહ (તલોદ) - મલાડ

દોશી કાંતિલાલ છગનલાલ
મુડેટી

AUGUST
અષાઢ/ શ્રાવણ

JULY - 2026
19 20 22 21 23 24 25
26 27 28 29 30 31

SEPTEMBER - 2026
1 2 3 4 5
6 7 8 9 10 11 12
13 14 15 16 17 18 19
20 21 22 23 24 25 26
27 28 29 30

श्री कहान दि. जैन उत्कर्ष मुमुक्षु मंडल, मलाड
श्री कुंद कुंद कहान दिगम्बर जैन स्वाध्याय भवन ट्रस्ट, मलाड
C/o. ३३, उधम, राणीसती मार्ग, मलाड (ई), मुंबई - ४०० ०९७. संपर्क सूत्रः प्रवीणभाई - ९३२०६ ८८९१८, विनोदभाई - ९८३३७ ९९९१०

कुलाचल पर्वत

निषध पर्वत
महाहिमवन पर्वत
हिमवन पर्वत

कुलाचल के 30 चैत्यालय
जम्बूद्वीप आदि को 7 भागों में विभाजित करने वाले 6 महापर्वत हैं, जिन्हें
कुलाचल भी कहा जाता है। ये सभी पूर्व - पश्चिम फैले हुए हैं।
ये पर्वत जम्बूद्वीप में 6, धातकीखण्ड द्वीप में 12 तथा पुष्करार्ध में 12 होने से
6+12+12=30 हैं।
प्रत्येक पर एक-एक चैत्यालय होने से 30×1 = 30 चैत्यालय होते हैं।

पर्वत ऊँचाई वर्ण

हिमवन 100 योजन हेम (सोना)
महाहिमवन 200 योजन अर्जुन (चाँदी)
निषध 400 योजन तपनीय (तपाया हुआ सोना)
नील 400 योजन वैडूर्य (नील मणि)
रुक्मि 200 योजन रजत (चाँदी)
शिखरी 100 योजन हेम (सोना)

ध्यान देने योग्य बात यह है कि प्रत्येक पर्वत पर जो चोटियाँ दिख रही हैं, वे
कूट कहलाते हैं; उनमें प्रत्येक पर्वत के मात्र एक कूट पर ही एक अकृत्रिम चैत्यालय
होता है, शेष कूटों पर व्यंतर देवों के भवन होते हैं।

श्रावण वद-७ भादरवा सुद-१४
श्री शांतिनाथ भगवान् श्री वासुपूज्य भगवान्
गर्भ मोक्ष
भादरवा सुद-६ भादरवा वद-१
श्री सुपार्श्वनाथ भगवान् श्री नेमिनाथ भगवान्
गर्भ केवळज्ञान
भादरवा सुद-८ भादरवा वद-२
श्री पुष्पवंत भगवान् श्री नमिनाथ भगवान्
मोक्ष गर्भ

भादरवा सुद-५, मंगळवार,
ता.: १५-०९-२०२६.
श्री दशलक्षणी
पर्युषण पर्व प्रारंभ

भादरवा सुद-१०, सोमवार,
ता.: २१-०९-२०२६.
सुगंध दशमी व्रत

भादरवा सुद-१३, गुरुवार,
ता.: २४-०९-२०२६.
रत्नत्रय व्रत प्रारंभ

रवि सोम मंगळ बुध गुरु शुक्र शनि

जन्माष्टमी
भादरवा सुद-१४, शुक्रवार,
ता.: २५-०९-२०२६.
श्री दशलक्षणी
पर्युषण पर्व पूर्ण

1 2 3 4 5
श्रावण वद-५ श्रावण वद-६ श्रावण वद-७ श्रावण वद-८ श्रावण वद-९

6 7 8 9 10 11 12
श्रावण वद-१० श्रावण वद-११ श्रावण वद-१२ श्रावण वद-१३ श्रावण वद-१४ श्रावण वद-३० भादरवा सुद-१ भादरवा सुद-२

गणेश चतुर्थी पर्युषण पर्व प्रारंभ
13 14 15 16 17 18 19
भादरवा सुद-३ भादरवा सुद-४ भादरवा सुद-५ भादरवा सुद-५ भादरवा सुद-६ भादरवा सुद-७ भादरवा सुद-८

पर्युषण पर्व पूर्ण संवत्सरी
20 21 22 23 24 25 26
भादरवा सुद-९ भादरवा सुद-१० भादरवा सुद-११ भादरवा सुद-१२ भादरवा सुद-१३ भादरवा सुद-१४ भादरवा सुद-१५

भादरवा सुद-१५, शनिवार, ता.: २६-०९-२६.
27 28 29 30
भादरवा वद-१ भादरवा वद-२ भादरवा वद-३ भादरवा वद-४
रत्नत्रय व्रत पूर्ण
भादरवा वद-१, रविवार, ता.: २७-०९-२६.
उत्तम क्षमावणी पर्व

सूर्योदय सूर्यास्त
श्रावण वदः ६-२२ श्रावण वद: ६-५९
भादरवो सुदः ६-२६ भादरवो सुदः ६-४६
भादरवो वदः ६-३१ भादरवो वदः ६-३०

मे. गार्डन स्टील
भायंदर - अहमदाबाद

पारस प्रभु मेटल
दिलीपकुमार दाडमचंदजी जैन - कांदिवली
चंद्रेश दिलीपकुमार जैन - वसई

नंदीकाबेन रमेशचंद्र गांधी
ह.: केतनभाई, कृणालभाई (तलोद) भायंदर

SEPTEMBER
श्रावण/भादरवा

AUGUST - 2026
30 31 1
2 3 4 5 6 7 8
9 10 11 12 13 14 15
16 17 18 19 20 21 22
23 24 25 26 27 28 29

OCTOBER - 2026
1 2 3
4 5 6 7 8 9 10
11 12 13 14 15 16 17
18 19 20 21 22 23 24
25 26 27 28 29 30 31

C/o. ૩૩, ઉધમ, રાણીસતી માર્ગ, મલાડ (ઈ), મુંબઈ - ૪૦૦ ૦૯૭. સંપર્ક સૂત્રઃ પ્રવીણભાઈ - ૯૩૨૦૬ ૮૮૯૧૮, વિનોદભાઈ - ૯૮૩૩૭ ૬૯૯૧૦

कुरुक्षेत्र

आसो सुद-८
आसो वद-१
श्री शीतलनाथ भगवान् श्री अनंतनाथ भगवान्
मोक्ष
आसो सुद-१२
आसो वद-४
श्री मुनिसुव्रत भगवान् श्री संभवनाथ भगवान्
केवलज्ञान
जन्म
आत्मानी धूनामां
ज्ञानी एटला मगन
छे के आखी दुनियाने
भुली जाय छे.
ज्यारे पर द्रव्यनी
धुनामां अज्ञानी एटलो
मग्न छे के
आखा आत्माने
भुली जाय छे.
शरीरने कपडा
रहीत नहीं
पण आत्माने
राग-रहित करवो ते
मुनिपणुं छे.

सूर्योदय

सूर्यास्त

भादरवो वदः ६-३१
आसो सुदः ६-३६
आसो वदः ६-४३
भादरवो वदः ६-३०
आसो सुदः ६-१७
आसो वदः ६-०४
स्व. सुशीलाबेन वसंतलाल
महेता (मोढुका) - मलाड
स्व. श्रीमती ज्योत्सनाबेन
महेन्द्रभाई भालाणी - माटुंगा
JAYANT UMBRELLA MFG. CO.
धीमंतकुमार गुलाबचंद झोबालीया
कुरुक्षेत्र के 10 चैत्यालय
जम्बूद्वीप के विदेह क्षेत्र
में उत्तरकुरु में जम्बूवृक्ष व
देवकुरु में शाल्मली वृक्ष – ऐसे 2
वृक्ष, धातकीखंड में धातकी वृक्ष
आदि 4 तथा पुष्करार्ध में पुष्कर
वृक्ष आदि 4 – ऐसे कुल
(2+4+4) = 10 वृक्ष हुए।
प्रत्येक क्षेत्र के प्रत्येक
वृक्ष पर एक-एक चैत्यालय होने
से 10×1 = 10 चैत्यालय हुए।

विशेष :-

:play_button: ढाईद्वीप के विदेह क्षेत्रों में गजदंत पर्वतों से रोका गया भूखण्ड उत्तरकुरु व
देवकुरु कहलाते हैं। उत्तर दिशा में स्थित क्षेत्र उत्तरकुरु है और दक्षिण दिशा में स्थित
क्षेत्र देवकुरु है।
:play_button: जम्बूद्वीप में गजदंत पर्वतों के मध्य जम्बू एवं शाल्मली दो वृक्ष हैं। जम्बूवृक्ष
उत्तरकुरु में तथा शाल्मली वृक्ष देवकुरु में स्थित है। वे दोनों ही शाश्वत पृथ्वीकायिक,
रत्नमय तथा विस्तार आदि में समान हैं।
:play_button: इन वृक्षों की चारों दिशाओं में 2 कोस विस्तार एवं 6 - 6 योजन लंबी तथा
इतने ही अंतराल से स्थित चार महाशाखाएँ हैं।
:play_button: शाल्मली वृक्ष की दक्षिण शाखा पर तथा जम्बूवृक्ष की उत्तर शाखा पर
अकृत्रिम जिनमंदिर है तथा शेष तीन शाखाओं पर जम्बूद्वीप के रक्षक देवों के भवन
हैं।
इसीतरह धातकीखंड के 4 वृक्षों तथा पुष्करार्ध के 4 वृक्षों का वर्णन जानना
चाहिए।

OCTOBER

2026

ભાદરવા/આસો

SEPTEMBER - 2026

1 2 3 4 5
6 7 8 9 10 11 12
13 14 15 16 17 18 19
20 21 22 23 24 25 26
27 28 29 30

NOVEMBER- 2026

29 30
मंगल
गांधी जयंती
02nd
दशेरा
02nd
दुनिया मान आपे ते माटे धर्म करीश नहीं
अने दुनिया अपमान करे तो पण धर्म
छोडीश नहीं, दुनियाथी निरपेक्ष पणे
धर्म आराधना करजे.
गांधी जयंती
1 2 3
भादरवा वद-५ भादरवा वद-६/७ भादरवा वद-८
4 5 6 7 8 9 10
भादरवा वद-९ भादरवा वद-१० भादरवा वद-११ भादरवा वद-१२ भादरवा वद-१३ भादरवा वद-१४ भादरवा वद-३०
11 12 13 14 15 16 17
आसो सुद-१ आसो सुद-२ आसो सुद-३ आसो सुद-४ आसो सुद-५ आसो सुद-६ आसो सुद-७
दशेरा
18 19 20 21 22 23 24
आसो सुद-८ आसो सुद-८ आसो सुद-९ आसो सुद-१० आसो सुद-११ आसो सुद-१२ आसो सुद-१३
25 26 27 28 29 30 31
आसो सुद-१४
आसो सुद-१५
आसो वद-१
आसो वद-२
आसो वद-३ आसो वद-४
आसो वद-५
आसो वद-६

C/o. ૩૩, ઉધમ, રાણીસતી માર્ગ, મલાડ (ઈ), મુંબઈ - ૪૦૦ ૦૯૭. સંપર્ક સૂત્રઃ પ્રવીણભાઈ - ૯૩૨૦૬ ૮૮૯૧૮, વિનોદભાઈ - ૯૮૩૩૭ ૬૯૯૧૦

इष्वाकार पर्वत
इष्वाकार पर्वत
इष्वाकार पर्वत
आसो वद-१३
श्री पद्मप्रभ भगवान्
आसो वद-१४
श्री महावीर भगवान्
मोक्ष
कारतक सुद-२
श्री पुष्पदंत भगवान्
केवळज्ञान
कारतक सुद-६
श्री नेमिनाथ भगवान्
कारतक सुद-१२
श्री अरहनाथ भगवान्
केवळज्ञान
कारतक सुद-१५
श्री संभवनाथ भगवान्
जन्म

इष्वाकार पर्वत के 4 चैत्यालय
धातकीखण्ड में दो व पुष्करार्ध में भी दो ही इष्वाकार पर्वत हैं।
प्रत्येक पर्वत पर एक-एक जिनालय होने से 4×1 = 4 चैत्यालय हैं।

:play_button: ढाईद्वीप में धातकीखण्ड द्वीप को पूर्व व पश्चिम - इन दो भागों में विभाजित
करने वाले दो इष्वाकार पर्वत हैं। इन पर्वतों के कारण यह द्वीप पूर्व व पश्चिम दो भागों में
विभक्त हो जाता है। ये दोनों पर्वत एक ओर लवण समुद्र तो दूसरी ओर कालोद समुद्र
की वेदियों को स्पर्श करते हैं।
:play_button: इसीतरह पुष्करार्ध द्वीप को भी पूर्व व पश्चिम - ऐसे दो भागों में विभाजित करने
वाले दो इष्वाकार पर्वत हैं। जिनके कारण पुष्करार्ध द्वीप पूर्व व पश्चिम दो भागों में
विभक्त हो जाता है।
:play_button: ये पर्वत 4 लाख योजन लंबे, 1 हजार योजन चौड़े, 400 योजन ऊँचे तथा
100 योजन गहरे हैं।
:play_button: प्रत्येक पर्वत पर 4-4 कूट हैं; जिनमें पहले-पहले कूट पर जिनालय है तथा
शेष कूटों पर व्यंतर देवों के निवास स्थान हैं।

आसो वद-१४, रविवार
ता.: ०८-११-२०२६.
पाछली रात्रे श्री महावीर
भगवान् निर्वाण पाम्या,
श्री महावीर भगवान्
मोक्ष कल्याणक दिन

आसो वद-३०, सोमवार,
ता.: ०९-११-२०२६.
प्रातःकाळमां महावीरस्वामी
भगवान् निर्वाण पूजा
तथा सांजे: गौतमस्वामी
केवळज्ञान कल्याणक

सूर्योदय

आसो वदः ६-४३
कारतक सुदः ६-४०
कारतक वदः ६-४८

सूर्यास्त

आसो वदः ६-०४
कारतक सुदः ६-०७
कारतक वदः ५-५८

SHREE BALAJI METAL
INDUSTRIES (PALGHAR)

मे. शाह फाईल्स - मुंबई
श्री नितीनभाई चीमनलाल शाह

JAINAM GOLD TEA
VITRAG MARKETING
KAMLESH JAIN - 9819408241

वीर सं. २५५२ / २५५३
विक्रम सं. २०८२ / २०८३
NOVEMBER
आसो/कारतक

SUN | MON | TUE | WED | THU | FRI | SAT
रवि | सोम | मंगळ | बुध | गुरु | शुक्र | शनि
1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 | 7
आसो वद-७ | आसो वद-८ | आसो वद-९ | आसो वद-१० | आसो वद-११ | आसो वद-१२ | आसो वद-१३
दिवाळी | नूतन वर्ष | भाई बीज
8 | 9 | 10 | 11 | 12 | 13 | 14
आसो वद-१४ | आसो वद-३० | कारतक सुद-१ | कारतक सुद-२ | कारतक सुद-३ | कारतक सुद-४ | कारतक सुद-५
15 | 16 | 17 | 18 | 19 | 20 | 21
कारतक सुद-६ | कारतक सुद-७ | कारतक सुद-८ | कारतक सुद-९ | कारतक सुद-१० | कारतक सुद-११ | कारतक सुद-१२
गुरुनानक जयंती
देव दिवाळी
22 | 23 | 24 | 25 | 26 | 27 | 28
कारतक सुद-१३ | कारतक सुद-१४ | कारतक सुद-१५ | कारतक वद-१ | कारतक वद-२ | कारतक वद-३/४ | कारतक वद-५
29 | 30
कारतक वद-६ | कारतक वद-७
नंदीश्वर अष्टान्हिका - प्रारंभ
कारतक सुद-८, मंगलवार, ता.: १७-११-२०२६.
नंदीश्वर अष्टान्हिका - पूर्ण
कारतक सुद-१५, मंगलवार, ता.: २४-११-२०२६.
श्रीमद राजचंद्र
जन्म जयंती
24th
गुरुनानक जयंती
देव दिवाळी
24th

OCTOBER - 2026
| | | | 1 | 2 | 3
4 | 5 | 6 | 7 | 8 | 9 | 10
11 | 12 | 13 | 14 | 15 | 16 | 17
18 | 19 | 20 | 21 | 22 | 23 | 24
25 | 26 | 27 | 28 | 29 | 30 | 31

DECEMBER - 2026
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5
6 | 7 | 8 | 9 | 10 | 11 | 12
13 | 14 | 15 | 16 | 17 | 18 | 19
20 | 21 | 22 | 23 | 24 | 25 | 26
27 | 28 | 29 | 30 | 31

C/o. ૩૩, ઉધમ, રાણીસતી માર્ગ, મલાડ (ઈ), મુંબઈ - ૪૦૦ ૦૯૭. સંપર્ક સૂત્રઃ પ્રવીણભાઈ - ૯૩૨૦૬ ૮૮૯૧૮, વિનોદભાઈ - ૯૮૩૩૭ ૬૯૯૧૦

मानुषोत्तर पर्वत

मानुषोत्तर पर्वत
मानुषोत्तर पर्वत के 4 चैत्यालय
ढाईद्वीप में तीसरे पुष्करवर द्वीप के ठीक मध्य में चूड़ी के समान गोल
मानुषोत्तर नाम का पर्वत है। इस पर्वत के कारण पुष्करवर द्वीप दो भागों में विभक्त हो
जाता है।
पर्वत का विस्तारादि-
इस पर्वत की ऊँचाई 1721 योजन तथा अवगाह/गहराई 430 योजन व एक
कोस है।
इसकी चारों दिशाओं में एक-एक अकृत्रिम चैत्यालय होने से 1+1+1+1 =
4 चैत्यालय होते हैं।
:play_button: मनुष्य क्षेत्र की सीमा निर्धारित करने वाला होने से इसे मानुषोत्तर पर्वत कहा
जाता है और इसी के कारण ढाईद्वीप के क्षेत्र को मनुष्य क्षेत्र या मनुष्य लोक कहा
जाता है।
:play_button: अभ्यन्तर पुष्करार्ध में पर्वत, क्षेत्र आदि की व्यवस्थाएं हैं; किंतु बाह्य
पुष्करार्ध में तिर्यन्चों की जघन्य भोगभूमि है।
:play_button: पुष्करवर द्वीप को घेरे हुए पुष्करवर समुद्र है।
:play_button: उपपाद व समुद्धात – इन दो अपवादों को छोड़कर ढाईद्वीप के बाहर कोई
मनुष्य नहीं हैं और न ही जा सकते हैं।

कारतर्क वद-१०
श्री महावीर भगवान्
तप
कारतर्क वद-१२
श्री शीतलनाथ भगवान्
तप
मागासर सुद-१
श्री पुष्पदंत भगवान्
जन्म
मागासर सुद-१
श्री पुष्पदंत भगवान्
तप
मागासर सुद-१०
श्री अरहनाथ भगवान्
तप

मागासर सुद-११
श्री मल्लिनाथ भगवान्
मागासर सुद-११
श्री नमिनाथ भगवान्
केवळज्ञान
मागासर सुद-११
श्री मल्लिनाथ भगवान्
केवळज्ञान
मागासर सुद-१४
श्री अरहनाथ भगवान्
जन्म
मागासर सुद-१५
श्री संभवननाथ भगवान्
तप

श्री कंद
कहान दि. जैन उत्कर्ष मुमुक्षु मं
न दि जैन स्वाध्यायभव
लाड
मादेव
शोभ ब्रह्मचली
सૂર્યોદય
कारतर्क वद: ६-४८
मागासर सुदः ६-५८
मागासर वद: ७-०८

सૂર્યાસ્ત
कारतर्क वदः ५-५८
मागासर सुदः ५-५३
मागासर वदः ५-५२

RENA IMMITATION
Fatehlal Shantilal Jain

श्री मती पूर्णिमा उल्लासभाई
झोबालीया - मुंबई

स्व. पुष्पाबेन धीरजलाल शेठ
ह. विभूति जिनेश शेठ, बोरीवली

वीर सं. २५५३ / विक्रम सं. २०८३
DECEMBER
कारतर्क/मागासर

“चैतन्य धाम”

रानी चेतना ने चेतनवंतु राखवानु धाम

“चैतन्य धाम”

प्रतिष्ठा दिन
०३-१२-२००८

NOVEMBER- 2026

29 30

JANUARY 2027

1 2
3 4 5 6 7 8 9
10 11 12 13 14 15 16
17 18 19 20 21 22 23
24 25 26 27 28 29 30

नाताळ
25th

मंगळ

“चैतन्य धाम”
प्रतिष्ठा दिन

1 2 3 4 5
कारतर्क वद-८ कारतर्क वद-९ कारतर्क वद-१० कारतर्क वद-११ कारतर्क वद-१२

6 7 8 9 10 11 12
कारतर्क वद-१३ कारतर्क वद-१४ कारतर्क वद-३० मागासर सुद-१ मागासर सुद-२ मागासर सुद-२ मागासर सुद-३

13 14 15 16 17 18 19
मागासर सुद-४ मागासर सुद-५ मागासर सुद-६ मागासर सुद-७ मागासर सुद-८ मागासर सुद-९ मागासर सुद-१०

नाताळ
20 21 22 23 24 25 26
मागासर सुद-११ मागासर सुद-१२ मागासर सुद-१३ मागासर सुद-१४/१५ मागासर वद-१ मागासर वद-२ मागासर वद-३

27 28 29 30 31
मागासर वद-४ मागासर वद-५ मागासर वद-६ मागासर वद-७ मागासर वद-८

मागासर वद-८, गुरुवार,
ता.: ३१-१२-२०२६.
कंद-कंदाचार्य देव नो
आचार्य पदवी दिवस


:paperclip: मूल दस्तावेज़ (PDF): 3374.pdf

स्रोत: Gyata संग्रह।

प्रूफरीडिंग बाकी है