द्रव्यानुयोग संबंधी | Dravyanuyog Sambandhi

धर्म अधर्म और काल और आकाश में प्रतिसमय किसका उत्पाद व्यय होता है

आकाश सभी द्रव्यों को स्थान देने में निमित्त है। १ समय में हर जीव और पुद्गल द्रव्य किसी का किसी प्रदेश या प्रदेशों पर स्थित होगा। उस समय आकाश की पर्याय ऐसी होगी जो उन सभी द्रव्यों को उनके respective प्रदेशों पर स्थित होने पर निमित्त होगी। हर समय हर द्रव्य का प्रदेश बदलता रहेगा, उसी प्रकार आकाश की पर्याय भी उन बदलते प्रदेशो के साथ स्वयं बदलती रहेगी। ध्यान रहे आकाश की पर्याय केवल निमित्त है।

इसी प्रकार से बाकी तीन द्रव्यों का भी समझ लीजिये।