सिद्धम् Dharmotsav - ग्रंथों का खजाना, अनुयोगों को मिलाना
अनुक्रमणिका
| क्र. | विवरण |
|---|---|
| 1 | नियमावली |
| 2 | पद्म पुराण जी |
| 3 | तत्त्वार्थ सूत्र जी (मोक्षशास्त्र जी) |
| 4 | पुरुषार्थसिद्ध्युपाय |
| 5 | मूलाचार |
| 6 | भक्तामर |
| 7 | रत्नकरण्ड |
| 8 | आदिपुराण |
| 9 | द्रव्यसंग्रह |
| 10 | आत्मानुशासन |
| 11 | छहढाला |
सिद्धम् Dharmotsav
ग्रंथों का खजाना, अनुयोगों को मिलाना
नियमावली
- एक-एक अनुयोग के लिए एक नंबर दिया गया है।
- प्रथमानुयोग-1 करणानुयोग-2 चरणानुयोग-3 द्रव्यानुयोग-4
- ग्रंथ के अधिकारों की संख्या या गाथाओं की संख्या या श्लोक की संख्या लिखी जाएगी।
- ग्रंथकार के शहर का नाम परंपरा का नाम उनके नाम के आगे पीछे का कुछ हिस्सा या कुछ हिंट आपको दी जाएगी।
- आपका आंसर हमारे आंसर से मैच होना चाहिए और निर्णायक का निर्णय ही सर्वमान्य होगा।
- तीन नियमों में से किसी एक प्रकार से भी आपको हिंट देकर प्रश्न पूछा जा सकता है।
(आओ देखें ज़रा, किसमें कितना है दम)
1+(100+)+
पद्म पुराण जी
4+(101+99+73+28+56)+
तत्त्वार्थ सूत्र जी (मोक्षशास्त्र जी)
1+5+आर्या
पुरुषार्थसिद्ध्युपाय
3+[12(2521)]+
मूलाचार
0+(12+55-19)+
भक्तामर
3+5/7/8/(210-10-22-28)+
रत्नकरण्ड
1+(47/12000/6/1/1)+
आदिपुराण
4+{58[3(20/27/11)]}+
द्रव्यसंग्रह
3+15+ +
आत्मानुशासन
0[3{4/2/5/3/5/12(5/5/5/6/7=28)}]+
छहढाला
जय जिनेंद्र
मूल दस्तावेज़ (PDF): 3226.pdf
स्रोत: Gyata संग्रह।
प्रूफरीडिंग बाकी है