धर्म की धुरी - जैन स्वाध्याय सामग्री | Dharm Ki Dhuri

धर्म की धुरी

  • यह ग्रंथ का अंश है; पूर्ण ग्रंथ नीचे संलग्न PDF में उपलब्ध है -

धर्म के धुरंधर

प्रस्तुति :- अपूर्व कक्षा

ROUND 1

जोड़ो कड़ी से कड़ी,
बनाओ बड़ी से बड़ी …

ROUND 2

जैन दर्शन गणित

RULES

  • इसमें आपको कुछ शब्दों को जोड़ना-घटाना अथवा गुणा-भाग करना होगा |
  • उत्तर अंकों में न देकर शब्दों में देना है |
  • अंकों में उत्तर देने पर उत्तर सही नहीं माना जायेगा |

उदाहरण:

द्रव्य(6) + तत्व(7) – पदार्थ(9)
= कषाय(4)

(तत्व + मूढ़ता) / पाप = ?

उत्तर

2 (जीव, नय)

(इन्द्रिय x जीव) + गुप्ति -
धर्म के लक्षण

उत्तर

3 (रत्न, आत्मा, उपयोग)

स्वर्ग - नरक + रत्न -
अन्तरंग तप

उत्तर

6 (द्रव्य, अनायतन)

(पदार्थ / नारायण) x
घाति कर्म

उत्तर

4 (कषाय, गति)

(मंगल x उत्तम x शरण) / मंगल द्रव्य

उत्तर

8 (कर्म, मद)

पाप + द्रव्य + प्रतिमा + ज्ञान + लोक

उत्तर

28 (मोहनीय, अष्ट मूलगुण)

(आवश्यक / अनायतन) +
नोकषाय

उत्तर

10 (धर्म के लक्षण, प्राण)

अणुव्रत + गुणव्रत -
शिक्षाव्रत + मेरु

उत्तर

१ (पदार्थ, नारायण)

(नरक - पाप) x द्रव्य

उत्तर

12 (भावना, तप)

तत्व + बलभद्र + पाप -
इन्द्रिय

उत्तर

16 (स्वप्न, भावना)

(उत्तम x गुप्ति) - प्रतिमा

उत्तर

1 (आत्मा)

(बहिरंग ताप x इन्द्रियाँ) -
आवश्यक

उत्तर

24 (तीर्थंकर, कामदेव)

(नारायण x द्रव्य) + पदार्थ

उत्तर

63 (श्राका पुरुष)

भावना

भावना – अणुव्रत + अघाति कर्म

उत्तर

उत्तर
11 (प्रतिमा, रूद्र)

राउंड 3

ROUND 3
देखो, जोड़ो और बताओ

प्रमेय रत्नमाला

समयसार

मोक्षमार्गप्रकाशक

6

ढाल और तलवार की तस्वीर

  • अंश यहाँ समाप्त; पूर्ण ग्रंथ के लिए नीचे संलग्न PDF देखें -

:paperclip: मूल दस्तावेज़ (PDF): 3123.pdf

स्रोत: Gyata संग्रह।

प्रूफरीडिंग बाकी है