छन्दानुसार भजन - लय — जैन स्वाध्याय सामग्री | Chhandanusar Bhajan - Lay

छन्दानुसार भजन - लय

दोहा छन्द

देव भक्ति

१. करलो जिनवर का गुणगान…
२. रोम-रोम से निकले प्रभुवर…
३. हमको भी बुलवालो स्वामी…
४. आयो-आयो रे हमारो बड़ो भाग्य…
५. निरखो अंग-अंग जिनवर के…

गुरु भक्ति

१. निर्ग्रन्थों का मार्ग…
२. सिद्धों की श्रेणी में आने वाला…
३. म्हारे आंगन में आए मुनिराज…
४. छोटे-छोटे मुनिवर…
५. म्हारा परम दिगम्बर मुनिवर…

शास्त्र भक्ति

१. मीठे रस से भरी जिनवाणी…
२. जिनवाणी जग मैया…
३. जिनवाणी माता दर्शन की बलिहारियां…
४. ओंकारमयी वाणी तेरी…
५. जिनवाणी अमृत रसाल…

अन्य भक्ति

१. आओ रे आओ रे ज्ञानानंद…
२. राजा राणा छत्रपति…
३. कहां गए चक्री जिन जीता…
४. ऊंचे-ऊंचे शिखरों वाला…
५. आओ तुम्हें ध्रुवधाम दिखा दूं…

वीर/ताटांक/मत्त_सवैया छन्द

देव भक्ति

१. जिनवर दरबार तुम्हारा…
२. प्रभुजी अब ना भटकेंगे संसार में…
३. हे प्रभुवर धन्य हो तुम…
४. निरखी-निरखी मनोहर मूरत…
५. हमें वीर बनना है, महावीर बनना है..

गुरु भक्ति

१. निर्ग्रन्थों का मार्ग…
२. मैंने मुनिराज देखे सपने में रात के..
३. सिद्धों की श्रेणी में आने वाला…
४. अपना करना हो कल्याण..
५. जंगल में मुनिराज अहो…

शास्त्र भक्ति

१. जिनवाणी जग मैया…
२. ज्ञायक उसके लक्ष्य में आवे…
३. मां जिनवाणी बसो हृदय में…
४. ओंकारमयी वाणी तेरी…

अन्य भक्ति

१. शुद्धात्मा का श्रद्धान होगा…
२. पंच परम परमेष्ठी भगवन…
३. आया कहां से कहां है जाना…
४. नित जयवन्त प्रभु दर्शाती…

चौपाई/बेसवरी छन्द

देव भक्ति

१. भावे भजों, भावे भजों…
२. मेरे मन मन्दिर में आना…
३. घर-घर आनन्द छायो…
४. देवों के देव श्री जिनदेव…

शास्त्र भक्ति

१. जिनवाणी सुन लो रे…
२. जिनवाणी अमृत रसाल…
३. धन्य-धन्य वीतराग वाणी…
४. ओंकारमयी वाणी तेरी…

गुरु भक्ति

१. होली खेले मुनिराज…
२. मुनिवर आज मेरी कुटिया में…
३. म्हारे आंगणे में आए मुनिराज…
४. छोटे-छोटे मुनिवर…
५. वे मुनिवर कब मिली है…

अन्य भक्ति

१. ये शाश्वत सुख का प्याला…
२. ऊँचे-ऊँचे शिखरों वाला…
३. भावना की चुनर ओढ़ के…
४. ज्ञान की उड़े गुलाल…

रोला/चान्द्रायण/अडिल्ल छन्द

देव भक्ति

१. हे प्रभु चरणों में तेरे…
२. वर्तमान को वर्धमान की…
३. वीरा-वीरा बोल थारो काई बिगड़े…

शास्त्र भक्ति

१. जिनवाणी-जिनवाणी ध्याना सभी…

गुरु भक्ति

१. मुनिराजों का मार्ग प्यारा लगता है…

अन्य भक्ति

१. एक दिन उड़ जाएगा चेतन…
२. शांति सुधा वर्षा गए गुरु…
३. आत्मा हूं, आत्मा हूं, आत्मा…
४. जिनमंदिर-जिनमंदिर आना सभी…

हरिगीतिका/गीतिका छन्द

देव भक्ति

१. जिनवर दरबार तुम्हारा…
२. प्रभु जी अब ना भटकेंगे…

शास्त्र भक्ति

१. जिनवाणी जग मैया…

गुरु भक्ति

१. निर्ग्रन्थों का मार्ग…
२. हे गुरुवर धन्य हो तुम…

अन्य भक्ति

१. साधना के रास्ते…
२. जिस देश में, जिस वेश में…
३. जहां राग-द्वेष की गंध नहीं…
४. उठे सबके कदम मंदिर की तरफ..

सोरठा छन्द (दोहा के जैसे गा सकते हैं)

देव भक्ति

१. करलो जिनवर का गुणगान…
२. रोम-रोम से निकले प्रभुवर…
३. हमको भी बुलवालो स्वामी…
४. आयो-आयो रे हमारो बड़ो भाग्य…
५. निरखो अंग-अंग जिनवर के…

शास्त्र भक्ति

१. मीठे रस से भरी जिनवाणी…
२. जिनवाणी जग मैया…
३. जिनवाणी माता दर्शन की बलिहारियां…
४. ओंकारमयी वाणी तेरी…
५. जिनवाणी अमृत रसाल…

गुरु भक्ति

१. निर्ग्रन्थों का मार्ग…
२. सिद्धों की श्रेणी में आने वाला…
३. म्हारे आंगन में आए मुनिराज…
४. छोटे-छोटे मुनिवर…
५. म्हारा परम दिगम्बर मुनिवर…

अन्य भक्ति

१. आओ रे आओ रे ज्ञानानंद…
२. राजा राणा छत्रपति…
३. कहां गए चक्री जिन जीता…
४. ऊंचे-ऊंचे शिखरों वाला…
५. आओ तुम्हें ध्रुवधाम दिखा दूं…

विधाता/रेखता/मोतियादाम छन्द

देव भक्ति

१. तिहारे ध्यान की मूरत…
२. तुम्हारे दर्श बिन स्वामी…
३. घड़ी जिनराज दर्शन की…

शास्त्र भक्ति

१. परम उपकारी जिनवाणी…

गुरु भक्ति

१. धन्य मुनिराज हमारे हैं…

अन्य भक्ति

१. अहो चैतन्य आनंदमय, सहज जीवन…
२. जगाया तुमने कितनी बार…

मानव/सखी/पायता छन्द

देव भक्ति

१. रे मन भज ले श्री भगवान…

गुरु भक्ति

१. मोक्ष के प्रेमी हमने…

शास्त्र भक्ति

१. जिनवाणी जग मैया…

अन्य भक्ति

१. तू जाग रे चेतन प्राणी…
२. जिनशासन बड़ा निराला…
३. चाहे अंधियारा हो…

जोगिरासा/सार/नरेंद्र छन्द

देव भक्ति

१. बोलो जय हो जय हो जय…

शास्त्र भक्ति

१. जिनवाणी जग मैया…
२. धन्य-धन्य जिनवाणी माता..

गुरु भक्ति

१. पावन हो गई आज ये धरती…

अन्य लय

वीर छन्द के भजनों की धुन अनुसार भी ले सकते हैं।

अवतार छन्द

भक्ति

१. बाजे कुण्डलपुर में बधाई…
२. माता तू दया करके…

अन्य लय

१. चौबीस तीर्थंकर अर्घ्य…

पद्धरी/त्रोटक छन्द

भक्ति

१. नाथ तुम्हारी पूजा में…
२. जब जन्म हुआ तीर्थंकर का…

चौपाई छन्द के भजनों की धुन अनुसार भी ले सकते हैं।

पंचचामर/कामिनीमोहन/लक्ष्मीधरा/नाराच छन्द

भक्ति

१. वीर जी की सेना चली…
२. जय जिनेंद्र, जय जिनेंद्र, जय जिनेंद्र बोलिए
नीर गंध अक्षतान पुष्प चारु लीजिए।
दीप धूप श्रीफलादि अर्ध तें जजीजिए।।
पार्श्वनाथ देव सेव आपकी करूं सदा।
दीजिये निवास मोक्ष भूलिए नहीं कदा।।

दिग्पाल छन्द

भक्ति

१. दिन-रात मेरे स्वामी…
२. चरणों में आ पड़ा हूं…
३. जिनधर्म की डगर पर…

दिग्वधु छन्द

भक्ति

१. अशरीरी सिद्ध भगवान…
२. माता तू दया करके…
३. चाहे अंधियारा हो…

द्रुतविलंबित/सुन्दरी छन्द

भक्ति
१. गर्भ कल्याणक आ गया…

अन्य लय

होय च्युत महाशुक्र विमान से, आये विजया माता गर्भ में।
षाढ़ कृष्णा षष्ठिमी थी सही, धनि हुई चम्पापुर की मही॥

चौपाई आंचलीबद्ध छन्द

१. पंचमेरु पूजन की लय

चौपाई छन्द के भजनों की धुन अनुसार भी ले सकते हैं।

लावणी/राधिका छन्द

भक्ति
१. हे सीमंधर भगवान शरण ली तेरी।
अरनाथ जिनेश्वर, दुर्लभ दर्शन पाया।
हे जगतपूज्य! पूजा का भाव जगाया॥
मदनेश्वर, चक्री, तीर्थंकर पद धारी।
मम हृदय पधारो, भाव रहें अविकारी॥

भुजंगप्रयात छन्द

१. प्रभू आपने एक ज्ञायक…
२. पार्श्वनाथ स्तोत्र की लय…
३. दिन-रात स्वामी तेरे गीत…

इन्द्रवज्रा/उपेन्द्रवज्रा छन्द

१. परमर्षि स्वस्ति मंगल पाठ की
लय
नित्याप्रकंपोद्भूत-केवलौघाः स्फुरन्मनः पर्यय-शुद्धबोधाः।
दिव्यावधिज्ञान-बलप्रबोधाः स्वस्ति क्रियासुः परमर्षयो नः।।

शार्दूलविक्रीडित छन्द

१. मंगलाष्टक की लय
अरिहन्तो भगवन्त इन्द्रमहिताः सिद्धाश्च सिद्धीश्वराः,
आचार्याः जिनशासनोन्नतिकराः पूज्या उपाध्यायाकाः।
श्रीसिद्धान्त-सुपाठकाः मुनिवराः रत्नत्रयाराधकाः,
पंचैते परमेष्ठिनः प्रतिदिनं कुर्वन्तु ते मंगलम्।।

वसन्ततिलका छन्द :speaker_high_volume:

१. भक्तामर स्तोत्र की लय

भक्तामर-प्रणत-मौलि-मणि-प्रभाणा-
मुद्योतकं दलित-पाप-तमो-वितानम् ।
सम्यक्प्रणम्य जिन-पाद-युगं युगादा-
वालम्बनं भव-जले पततां जनानाम् ॥

शिखरिणी छन्द :speaker_high_volume:

१. महावीराष्टक स्तोत्र की लय

यदीये चैतन्ये मुकुर इव भावाश्रिद्धचिताः
समं भान्ति ध्रौव्य व्यय-जनि-लसन्तोनुत्तरहिताः ।
जगत्साक्षी मार्ग-प्रकटन परो भानुरिव यो
महावीर-स्वामी नयन-पथ-गामी भवतु मे ॥

इस pdf में बताई गई धुनों को, इस YouTube channel
पर गाकर बताया गया है।

SAMKIT SHASTRI

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जय जिनेन्द्र

अन्य कोई लय अथवा सुझाव के लिए 9057185893 पर msg कर सकते हैं।


:paperclip: मूल दस्तावेज़ (PDF): 1550.pdf

स्रोत: Gyata संग्रह।

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