चार कषाय, चार दान प्रकार,
2 x 1 + 2 = 4
चार कषाय, चार दान प्रकार,
चार गति, चार अनुयोग
5 पाप, 5 परमेष्ठी
4 - 8 + 10 x 20 / 10 = ?
4-8+10x20/10 = 24
24 तीर्थंकर, 24 परिग्रह
3 + 2 x 6 = 15
15 प्रमाद,15 कर्मभूमि
Ten minus seven multiply with one = ?
Ten minus seven multiply with one= Three
तीन काल, तीन बल,
तीन योग, तीन मूढ़ता, तीन रतनत्रय
२ + २ – २ × ० = ४
चार अनुयोग, चार मंगल,
चार पुरुषार्थ,चार भावना (मैत्री,प्रमोद, करूणा, माध्यस्थ)
पांच और पांच को जोड़ो, कॉपी में लिखो, पांच और पांच को और जोड़ो,अब इसमें से बारह घटाओ =8
अष्ट कर्म, आठ मद, सम्यक् दर्शन के आठ अंग, सिद्धों के अष्ट मूल गुण
यदि दो का मतलब पांच है और तीन का मतलब चार,
तो 2+3=9
नव पदार्थ, नव निधि, 9 नारायण,
9 प्रतिनारायण, 9 बलभद्र, नव देवता
11 प्रतिमा, भगवान् महावीर के 11 गणधर, 11 अंग,11 रुद्र
दो संसारी जीव, 2 परमात्मा,
2 जीव के भेद, २ संयम,
दो मिथ्यात्व
5 व्रत, 5 शरीर,
5 ज्ञान, 5 लब्धि, 5 भाव
6 लेश्या, छहढाला,
6 द्रव्य, षट कर्म
Two multiply with ten plus five minus fifteen = ?
20 का 50% +
30 का 10% = 13
13 प्रकार का चरित्र,
तेरापंथ के 13 नियम
यदि जोड़(+) का मतलब गुना (×) है
तो 2 + 8 - 2 = ?
यदि जोड़(+) का मतलब गुना(×) है
तो 2 + 8 – 2 = 14
14 गुणस्थान, 14 मार्गना स्थान,
14 जीव समास, 14 कुलकर
22अभक्ष्य, 22 परिषह
6 महीने 8 समय में
608 जीव मोक्ष जाते हैं
12 भावना, 12 तप, बारहमास,
12 चक्रवर्ती, श्रावक के 12 व्रत
32 + 8 – 3 x 8 = ?
32+8–3x8 = 16
सोलह कारण भावनाएं,
16 स्वर्ग
३६००० + ४०० + ५० = ?
३६०००+४००+५० =36450
वैज्ञानिकों के अनुसार बिना छने पानी की एक बूंद में 36450 जीव होते हैं
रक्षाबंधन पर्व इसलिए मनाया जाता है क्योंकि 700 मुनिराजों पर से उपसर्ग दूर हुआ था।
प्रूफरीडिंग बाकी है
खोज: Char Kashay, Char Dan Prakar,