भगवान बनेंगे
काव्य
भगवान बनेंगे
सम्यग्दर्शन प्राप्त करेंगे।
समभयों से नहीं डरेंगे।।
सम तत्व का ज्ञान करेंगे।
जीव-अजीव पहचान करेंगे।।
स्व-पर भेदविज्ञान करेंगे।
निजानन्द का पान करेंगे।।
पंच प्रभु का ध्यान धरेंगे।
गुरुजन का सम्मान करेंगे।।
जिनवाणी का श्रवण करेंगे।
पठन करेंगे, मनन करेंगे।।
रात्रि भोजन नहीं करेंगे।
बिना छना जल काम न लेंगे।।
निज स्वभाव को प्राप्त करेंगे।
मोह भाव का नाश करेंगे।।
रागद्वेष का त्याग करेंगे।
और अधिक क्या? बोलो बालक!
भक्त नहीं, भगवान बनेंगे।।
मूल दस्तावेज़ (PDF): 3012.pdf
स्रोत: Gyata संग्रह।
प्रूफरीडिंग बाकी है