बार बार श्री गुरु समझाएं । Bar Bar Shri Guru Samjhayen

बार बार श्री गुरु समझाएं सतगुरु वाणी सार -2
मिलेगा ना ऐसा नर भव बार बार -2

विषयों में ना खोना प्यारे नर भव रत्न अपार -2
खो देगा तो मिलना कठिन मेरे यार -2

क्यों कहता है यार की बंधु है मेरे- 2
इक मात सुता सुत नार ना कोई है तेरे -2
जब शरीर तेरे साथ नहीं …-2
तो ये क्या लागे लार।
मिलेगा ना ऐसा नर भव बार बार -2

पर को अपना मान मस्त क्यों हो रहा-2
मोह नींद में पड़ा क्यों सो रहा- 2
इधर उधर की बातों में …-2
ना कुछ है प्यारे सार।
खो देगा तो मिलना कठिन मेरे यार -2

बार बार श्री गुरु समझाएं सतगुरु वाणी सार -2
मिलेगा ना ऐसा नर भव बार बार -2

निज आत्म धर ध्यान ज्ञान रस पान कर -2
कर्मो का कर नाश मोक्ष रमने जा वर -2
नाम तेरा ले ले कर गाए …-2
फिर सार संसार ।
खो देगा तो मिलना कठिन मेरे यार -2

ज्ञान सहित निर्मोही बन दृढ़ चरित्र धर-2
भेद स्व परिचित धार बसंत निज अनुभव कर -2
चरित्र रथ पर फिर चला जा …-2
बढ़ने शिव पुर नार
मिलेगा ना ऐसा नर भव बार बार -2

बार बार श्री गुरु समझाएं सतगुरु वाणी सार -2
मिलेगा ना ऐसा नर भव बार बार -2
खो देगा तो मिलना कठिन मेरे यार -2

        By Basant ji badjatya

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