अनुभव के काल में ज्ञान की कैसी प्रवृत्ति होती है?
तथा उस काल में मतिज्ञान चलता है अथवा श्रुतज्ञान?
खोज: Anubhav Ke Kal Mein Gyan Ki Pravritti
अनुभव के काल में ज्ञान की कैसी प्रवृत्ति होती है?
तथा उस काल में मतिज्ञान चलता है अथवा श्रुतज्ञान?
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समयसार पक्षतिक्रांत वाला प्रकरण देखें।
गाथा 141 से 144.
मुख्यतया आत्मख्याति को आधार बनाएं