पण्डित संजीव जैन (उस्मानपुर, दिल्ली) रचित/संकलित आध्यात्मिक भजन संग्रह ‘अन्तर्ध्वनि’ — श्री ज्ञानोदय ग्रन्थमाला का चतुर्थ पुष्प, प्रकाशक श्री कुंदकुंद कहान दि. जैन ट्रस्ट, भोपाल। 44 पृष्ठ का स्कैन PDF नीचे।
Antardhwani — a collection of spiritual Jain bhajans by Pandit Sanjeev Jain, Delhi (Gyanoday Granthmala #4). 44-page scanned PDF attached.
अन्तध्वनि
पण्डित संजीव जैन
उस्मानपुर-दिल्ली
पंचमेरू
श्री १००८ अभिनंदननाथ जी के समवशरण
श्री १००८ तीर्थंकर महाराज की जय
समवशरण
मुख्य वेदी
श्री ज्ञानोदय ग्रन्थमाला अन्तर्गत : चतुर्थ पुष्प
आध्यात्मिक भजन संग्रह
अन्तर्ध्वनि
रचनाकार/संकलनकर्ता
पण्डित संजीव जैन
उस्मानपुर, दिल्ली
प्रकाशक
श्री कुंदकुंद कहान दि. जैन ट्रस्ट
तीर्थधाम ज्ञानोदय, दीवानगंज, भोपाल
(पूरी पुस्तक का पाठ PDF में है; यहाँ केवल प्रारंभिक पृष्ठ / अनुक्रमणिका दी गई है। Full text is in the attached PDF; only the intro/index pages are transcribed here.)
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