अनेकता में एकता, जैन धर्म की शान कौन?
अनुक्रमणिका
| क्र. | विवरण |
|---|---|
| 1 | नियम- |
| 2 | अथवा |
| 3 | प्रश्नोत्तरी |
अनेकता में एकता, जैन धर्म की शान कौन?
-शास्त्री संयम जैन, खनियांधाना
नियम-
1- 4 ग्रुप बनाये जायेंगे।
2- प्रत्येक ग्रुप में प्रत्येक उम्र के लोग शामिल होंगे।
3- वर्ग के लोग होंगे। 10-25, 26-40 40+ तीन पुरुष, तीन महिला।
4- एक राउण्ड में एक व्यक्ति आएगा और वह पुनः नहीं आएगा।
5- इस ग्रुप के कैप्टन 40+ वाले होंगे।
6- ग्रुप का चयन सामान्य पर्ची बांटकर किया जायेगा।
7- निर्णायक का निर्णय अंतिम व सर्व मान्य रहेगा।
उद्देश्य- सभी उम्र के लोगों का एक साथ team work दिखाना।
ग्रुप के नाम- अनंत दर्शन, अनंत ज्ञान, अनंत सुख, अनंत वीर्य
4 राउण्ड का गेम रहेगा
1- जानवर एक मिनिट, खेल समय- 1 मिनिट, दो बार
इसमें प्रत्येक टीम के एक सदस्य को संचालक द्वारा दिया गया कार्य करना होगा।
उदाहरण- 1 मिनिट में अरिहंत बार-बार बोलना। जो सबसे अधिक बोलेगा वह विजेता रहेगा।
2- पौराणिक रिश्ते, खेल समय- 30 सेकंड
इसमें रिश्ते पहचानना है।
उदाहरण- महावीर की माता की बहन का नाम- चेतना रिश्ता- मौसी
3- कहानी सीख सुहानी, खेल समय- 2 मिनिट
टीम के किसी एक सदस्य को 2 मिनिट में एक जैन धर्म की कहानी सुनानी है। दूसरी टीम वाला वह कहानी नहीं दोहरा सकता; व इसका निर्णय जनता द्वारा लिया जायेगा।
4- बताइये क्या?, खेल समय- 30 सेकंड, दो बार
इसमें आपसे एक पहेली पूछी जाएगी उसका उत्तर आपको 30 सेकंड में देना है।
मंत्रों में जो महामंत्र है, सुख पाने का एक यंत्र है।
उसी मंत्र का नाम बताओ, शुद्ध बोलकर हमें सुनाओ।। उत्तर- णमोकार महामंत्र, व इसे सुनाना है।
1- जानवर एक मिनिट-
1- वंदित्तु सव्व सिद्धे
2- पढमामी वड्ढमाणं
3- नमः समयसाराय
4- त्रिभुवन जयी
5- अनेकांत स्याद्वाद
6- दर्शन करने की विधि करना
7- पानी छानने की विधि करना
8- अरिहंत लिखना
2- पौराणिक रिश्ते-
1- भरत की माता की सास के बेटे की दूसरी पत्नी के बेटे का नाम- बाहुबली, रिश्ता- भाई
2- पवनंजय के पिता की पत्नी की बहु के बेटे का नाम- हनुमान्, रिश्ता- बेटे
3- समुद्र विजय की माता के सबसे छोटे बेटे के बेटे का नाम- कृष्ण, रिश्ता- भतीजा
4- दशरथ के पिता की पत्नी के सबसे बड़े पोते के सबसे छोटे भाई का नाम- शत्रुघ्न, रिश्ता- बेटे
5- दुर्योधन की माता के पिता के बेटे का नाम- शकुनी, रिश्ता- मामा
6- माद्री के बेटे की नानी की दूसरी बेटी के तीसरे बेटे का नाम- अर्जुन, रिश्ता- मौसी
7- कुम्भकरण की पत्नी के सबसे बड़े जेठ की पत्नी के बेटे का नाम- इन्द्रजीत, रिश्ता- भतीजा
8- चेटक की सबसे बड़ी बेटी के पति की माँ के पोते का नाम- महावीर, रिश्ता- नाना
अथवा
1- वे कौन थे जिनके पिताजी को केवलज्ञान हुआ और उन्हें स्वयं को चक्र रत्न व पुत्र रत्न की प्राप्ति हुई? उत्तर- आदिनाथ-भरत (पिता-पुत्र)
2- वे कौन थी जिन्होंने अपनी सखी का साथ गर्भावस्था के समय जंगल में भी नहीं छोड़ा था?
उत्तर- अंजना-वसंतमाला (सहेली)
3- वे कौन थे जो अपनी ही बहिन पर मोहित हो गये थे और पता चलने पर दीक्षा धारण की?
उत्तर- कुलभूषण-देशभूषण (भाई)
4- वे कौन थे जिन्होंने अपनी पुत्री का विवाह एक कोढ़ी व्यक्ति से कर दिया था? उत्तर-
मैनासुंदरी-राजा पुष्पपाल (पुत्री-पिता)
5- वे कौन थी जिन्होंने अपनी बहु को निर्दोष होने पर भी गर्भावस्था में घर से बाहर निकाल दिया? उत्तर- अंजना-केतुमती (सास-बहु)
6- वे कौन थे जिन्होंने धर्म की रक्षा के लिये भाई को बचाकर अपने प्राणों का बलिदान कर दिया? उत्तर- अकलंक-निकलंक (भाई)
7- वे कौन थे जिन्होंने मुनिराज पर उपसर्ग किया और उनकी पत्नी के समझाने पर उपसर्ग दूर किया? उत्तर- श्रेणिक-चेतना (पति-पत्नी)
3- बतलाइए क्या?
1- कलिकाल सर्वज्ञ कहाते, सुर भी जिनकी महिमा गाते।
उन गुरुवर का नाम बताओ, शीश नवाकर पुण्य कमाओ।।
उत्तर- आचार्य कुन्दकुन्द स्वामी।
2- पाँच अक्षर का मेरा नाम, चारों गति में मेरा धाम।
उल्टी श्रद्धा मेरा काम, संसारी मुझसे परेशान।। - मिथ्यात्व
3- मानतुंग मुनिवर ने गाया, भक्तिभाव से बंध छुड़ाया।
उस रचना का नाम बताओ, तथा छन्द की गणना गाओ।।
उत्तर- रचना का नाम- भक्तामर स्तोत्र छन्द संख्या - ४८
4- दो अक्षर का मेरा नाम, आता हूँ मुक्ति के काम।
प्रथम कटे तो रम बन जाऊँ।। उत्तर- धर्म
5- मुझे चाहिये रुपया पैसा बोलो मेरा रूप है कैसा
तृष्णादेवी माता मेरी, तीन लोक संपत्ति जैसा। उत्तर- परिग्रह
प्रश्नोत्तरी
6- मुझमें लोकालोक झलकते तीन अक्षर का मेरा नाम।
अंत कटे तो सर्व बचे मैं हूँ अनंत गुणों का धाम।। उत्तर- सर्वज्ञ
7- चार अक्षर का मेरा नाम, छः खण्डों में मेरा धाम।
जीव अवस्था में बतलाता, मुझको रचते दौलत राम ।। उत्तर- छहढाला
8- चार अक्षर का मेरा नाम, मेरा नाम है बड़ा महान्।
प्रथम ग्रन्थ कर्ता को मैंने ही बस दिया है ज्ञान ।। - धरसेन आचार्य
9- छह अक्षर का मेरा नाम, बाह्य विभूति मेरा काम।
बारह सभायें मुझमें लगती, भाई बताओ मेरा नाम।। उत्तर- समवशरण
10- पाँच अक्षर का मेरा नाम, सबको जानना मेरा काम।
मैं रहता हूँ अपने अन्दर, फिर भी दुनिया मेरे अन्दर ॥ उत्तर- केवलज्ञान
मूल दस्तावेज़ (PDF): 1920.pdf
स्रोत: Gyata संग्रह।
प्रूफरीडिंग बाकी है