About the द्रव्यानुयोग category


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द्रव्यानुयोग में द्रव्योंका व तत्वोंका निरूपण करके जीवोंको धर्ममें लगाते हैं।
जो जीव जीवादिक द्रव्योंको व तत्वोंको नहीं पहिचानते, आपको-परको भिन्न नहीं जानते, उन्हें हेतु-दृष्टान्त युक्ति द्वारा व प्रमाण-नयादि द्वारा उनका स्वरूप इस प्रकार दिखाया है जिससे उनको प्रतीति हो जाये। उसके अभ्याससे अनादि अज्ञानता दूर होती है। अन्यमत कल्पित तत्वादिक झूठ भासित हो तब जिनमत की प्रतीति हो और उनके भावको पहिचानने का अभ्यास रखें, तो शीघ्रही तत्वज्ञान की प्राप्ति हो जाये।