आध्यात्मिक शिक्षा — जैन स्वाध्याय सामग्री | Aadhyatmik Siksha

आध्यात्मिक शिक्षा

आध्यात्मिक गिनती

नंबर इज द वन, तू सत्यवादी बन।
नंबर इज द टू, तू आत्मा को छू।
नंबर इज द थ्री, तू पापों से हो जा फ्री।
नंबर इज द फोर, तू मत बन चोर।
नंबर इज द फाइव, मस्त बनाओ लाइफ।

नंबर इज द सिक्स, पाठशाला का टाइम फिक्स।
नंबर इज द सेवन, मुक्ति का मार्ग एवन।
नंबर इज द एट, अब खोलो मोक्ष का गेट।
नंबर इज द नाइन, जिनवर की मुद्रा फाइन।
नंबर इज द टेन, हम बनेंगे सच्चे जैन।

आध्यात्मिक गिनती

01 आत्मा होती है
02 जीव होते हैं - संसारी - मुक्त
03 रत्नत्रय - सम्यग्दर्शन-ज्ञान-चारित्र
04 चतुष्टय - अनंत दर्शन, ज्ञान, सुख, वीर्य
05 पाप - हिंसा, झूठ, चोरी, कुशील, परिग्रह

आध्यात्मिक गिनती

06 द्रव्य - जीव, पुद्गल, धर्म, अधर्म, आकाश, काल
07 तत्व - जीव, अजीव, आस्रव, बन्ध, संवर, निर्जरा, मोक्ष
08 कर्म - ज्ञानावरणी, दर्शनावरणी, मोहनीय, अंतराय, वेदनीय, आयु, नाम, गोत्र
09 पदार्थ - जीव, अजीव, आस्रव, बन्ध, संवर, निर्जरा, मोक्ष, पुण्य, पाप
10 धर्म के लक्षण - उत्तम क्षमा, उत्तम मार्दव, उत्तम आर्जव, उत्तम शौच, उत्तम सत्य,
उत्तम संयम, उत्तम तप, उत्तम त्याग, उत्तम आकिंचन, उत्तम ब्रह्मचर्य

जय जिनेंद्र
अर्हं पाठशाला


:paperclip: मूल दस्तावेज़ (PDF): 2097.pdf

स्रोत: Gyata संग्रह।

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