आध्यात्मिक नारे
आध्यात्मिक नारे
- त्रिशला नंदन वीर की - जय बोलो महावीर की
- हाए - हेल्लो छोड़िए - जय जिनेन्द्र बोलिए
- घर घर से निकली आवाज - सत्य अहिंसा जिंदाबाद
- महावीर के संदेशों को - जीवन मे अपनाएंगे।
- महावीर का क्या संदेश - जीओ और जीने दो
- हमको प्यारा तुमको प्यारा - जैनधर्म है सबको प्यारा
- मन मे उठता यह संताप - हिंसा करना पहला पाप
- महावीर ने क्या दिया - अहिंसा का संदेश दिया
- दया धर्म की क्या पहचान - अहिंसावादी हो इंसान
- जैनधर्म के मीठे बोल - सत्य अहिंसा हैं अनमोल
- महावीर के पथ पर चलकर - महावीर बन जाएंगे
- एक दो तीन चार - अपनाओ सब शाकाहार
- पांच छः सात आठ - धर्म अहिंसा पहला पाठ
- नौ दस ग्यारह बारा - हर प्राणी है हमको प्यारा
आध्यात्मिक नारे
- त्रिशला नंदन वीर की - जय बोलो महावीर की
- हाए - हेल्लो छोड़िए - जय जिनेन्द्र बोलिए
- घर घर से निकली आवाज - सत्य अहिंसा जिंदाबाद
- महावीर के संदेशों को - जीवन मे अपनाएंगे।
- महावीर का क्या संदेश - जीओ और जीने दो
- हमको प्यारा तुमको प्यारा - जैनधर्म है सबको प्यारा
- मन मे उठता यह संताप - हिंसा करना पहला पाप
- महावीर ने क्या दिया - अहिंसा का संदेश दिया
- दया धर्म की क्या पहचान - अहिंसावादी हो इंसान
- जैनधर्म के मीठे बोल - सत्य अहिंसा हैं अनमोल
- महावीर के पथ पर चलकर - महावीर बन जाएंगे
- एक दो तीन चार - अपनाओ सब शाकाहार
- पांच छः सात आठ - धर्म अहिंसा पहला पाठ
- नौ दस ग्यारह बारा - हर प्राणी है हमको प्यारा
आध्यात्मिक नारे
- त्रिशला नंदन वीर की - जय बोलो महावीर की
- हाए - हेल्लो छोड़िए - जय जिनेन्द्र बोलिए
- घर घर से निकली आवाज - सत्य अहिंसा जिंदाबाद
- महावीर के संदेशों को - जीवन मे अपनाएंगे।
- महावीर का क्या संदेश - जीओ और जीने दो
- हमको प्यारा तुमको प्यारा - जैनधर्म है सबको प्यारा
- मन मे उठता यह संताप - हिंसा करना पहला पाप
- महावीर ने क्या दिया - अहिंसा का संदेश दिया
- दया धर्म की क्या पहचान - अहिंसावादी हो इंसान
- जैनधर्म के मीठे बोल - सत्य अहिंसा हैं अनमोल
- महावीर के पथ पर चलकर - महावीर बन जाएंगे
- एक दो तीन चार - अपनाओ सब शाकाहार
- पांच छः सात आठ - धर्म अहिंसा पहला पाठ
- नौ दस ग्यारह बारा - हर प्राणी है हमको प्यारा
मूल दस्तावेज़ (PDF): 3485.pdf
स्रोत: Gyata संग्रह।
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