जिनम पाठशाला का स्लाइड-खेल ‘रहस्य भेद का 2’ — स्क्रीन पर एक संकेत शब्द आता है (जैसे ‘तिर्यञ्च’, ‘कमण्डल’, ‘पीत’), और खिलाड़ियों को बताना है कि वह जैन सिद्धान्त के किस भेद का सदस्य है और उस भेद के सभी नाम गिनाने हैं — द्रव्य-6, गति-4, लेश्या-6, कर्म-8, नवदेवता-9, शलाका पुरुष-63 आदि। 25 राउंड, हर स्लाइड पर पाठशाला का एक सूत्र-वाक्य। नीचे खेल के नियम और पूरा उत्तर-क्रम (answer key) दिया है; मूल 51-स्लाइड PDF अंत में संलग्न है।
Rahasya Bhed Ka 2 — a Jinam Pathshala slide game: one hint word appears, players name the Jain classification (bhed) it belongs to and list all its members (dravya-6, gati-4, leshya-6, karma-8, navdevta-9, shalaka purush-63 …). 25 rounds; rules and full answer key below, original 51-slide PDF attached beneath.
खेल कैसे खेलें (Rules)
- स्क्रीन पर एक शब्द दिखाया जाता है (जैसे - अधर्म, तिर्यञ्च, कमण्डल, पीत)।
- टीम/बच्चे बताएँ कि यह शब्द जैन सिद्धान्त के किस भेद (वर्गीकरण) का सदस्य है - और उस भेद के सभी नाम गिनाएँ।
- अगली स्लाइड पर पूरा भेद प्रकट होता है (जैसे - अधर्म → द्रव्य-6: जीव, पुद्गल, धर्म, अधर्म, आकाश, काल)।
- पूरा भेद सही गिनाने पर पूरे अंक; केवल भेद का नाम बताने पर आधे अंक। कुल 25 राउंड।
हर स्लाइड पर जिनम पाठशाला का एक सूत्र-वाक्य भी है (जैसे “ज्ञानं परं बलं - ज्ञान ही परम बल है”, “एक दिन तो जाना है मोक्षपुरी में”)।
25 राउंड - संकेत शब्द → भेद (Answer Key)
- अधर्म → द्रव्य-6: जीव, पुद्गल, धर्म, अधर्म, आकाश, काल
- परमात्मा → आत्मा-3: बहिरात्मा, अंतरात्मा, परमात्मा
- तिर्यञ्च → गति-4: देव, नरक, मनुष्य, तिर्यञ्च
- अनुपसेव्य → अभक्ष्य-5: त्रसघात, बहुघात, नशाकारक, अनिष्टकारक, अनुपसेव्य
- वात्सल्य → सम्यग्दर्शन के अंग-8: निशंकित, निःकांक्षित, निर्विचिकित्सा, अमूढदृष्टि, उपगूहन, स्थितिकरण, वात्सल्य, प्रभावना
- आर्त → ध्यान-4: आर्त ध्यान, रौद्र ध्यान, धर्म ध्यान, शुक्ल ध्यान
- घ्राण → इन्द्रिय-5: स्पर्शन, रसना, घ्राण, चक्षु, कर्ण
- राम → बलभद्र-9: विजय, बलराम, अचल, राम, धर्म, नंदीमित्र, सुप्रभ, नंदी, सुदर्शन (जैसा स्लाइड में मुद्रित)
- जिनधर्म → नवदेवता-9: अरहंत, सिद्ध, आचार्य, उपाध्याय, साधु, जिनधर्म, जिनागम, जिनचैत्य, जिनचैत्यालय
- सुदर्शन → मेरु-5: सुदर्शन, विजय, विद्युन्मालि, अचल, मन्दर
- कमण्डल → मुनिराज के उपकरण-3: पिच्छी, कमण्डल, शास्त्र
- पीत → लेश्या-6: कृष्ण, नील, कापोत, पीत, पद्म, शुक्ल
- विसर्जन → पूजन के अंग-5: आह्वानन, स्थापन, सन्निधिकरण, पूजन, विसर्जन
- हितोपदेशी → सच्चे देव के लक्षण-3: वीतरागी, सर्वज्ञ, हितोपदेशी
- अंतराय → कर्म-8: ज्ञानावरण, दर्शनावरण, वेदनीय, मोहनीय, आयु, नाम, गोत्र, अंतराय
- मार्दव → धर्म के लक्षण-10: क्षमा, मार्दव, आर्जव, सत्य, शौच, संयम, तप, त्याग, आकिंचन्य, ब्रह्मचर्य
- संकल्पी → हिंसा-4: संकल्पी, आरम्भी, उद्योगी, विरोधी
- अतिवीर → भगवान महावीर के नाम-5: वीर, महावीर, अतिवीर, सन्मति, वर्धमान
- विदेह → जम्बूद्वीप के क्षेत्र-7: भरत, हैमवत, हरि, विदेह, रम्यक, हैरण्यवत, ऐरावत
- अर्जुन → पाण्डव-5: युधिष्ठिर, भीम, अर्जुन, नकुल, सहदेव
- हास्य → नोकषाय-9: हास्य, रति, अरति, शोक, भय, जुगुप्सा, स्त्रीवेद, पुरुषवेद, नपुंसकवेद
- तीर्थंकर → शलाका पुरुष-63: तीर्थंकर 24, चक्रवर्ती 12, नारायण 9, प्रतिनारायण 9, बलभद्र 9
- अवधिज्ञान → ज्ञान-5: मतिज्ञान, श्रुतज्ञान, अवधिज्ञान, मनःपर्ययज्ञान, केवलज्ञान
- करणानुयोग → अनुयोग-4: प्रथमानुयोग, चरणानुयोग, करणानुयोग, द्रव्यानुयोग
- अहिंसा → अणुव्रत-5: अहिंसा, सत्य, अचौर्य, ब्रह्मचर्य, अपरिग्रह
स्लाइड-क्रम मूल PDF (51 पृष्ठ) के अनुसार - पृष्ठ 2 से 51 तक संकेत/उत्तर की जोड़ियाँ; खेलने के लिए PDF को स्लाइड-शो की तरह चलाएँ।
डाउनलोड / Download PDF: रहस्य भेद का 2 — जिनम पाठशाला (PDF, 51 स्लाइड)