‘पौराणिक रिश्ते’ — प्रथमानुयोग (जैन पुराण) के पात्रों के आपसी रिश्तों पर 15 प्रश्न, हर प्रश्न के उत्तर में नाम और रिश्ता (पिता-पुत्र, सास-बहू, भाई-बहिन, जीजा-साला, माँ-बेटी, मित्र…)। खेल का नियम: जो रिश्ता उत्तर में आए, वही रिश्तेदार आपके साथ मंच पर आए — साधर्मियों का समागम और प्रथमानुयोग का स्वाध्याय, दोनों एक साथ। दशलक्षण / पाठशाला सांस्कृतिक कार्यक्रम के लिए तैयार।
Pauranik Rishte — a 15-question Jain puran relationships quiz (Adinath–Bharat, Anjana–Vasantmala, Sita–Bhamandal, Shrenik–Chelna…) with a family-participation twist, for Daslakshan / pathshala cultural programs. Full Q&A below; original 33-slide PDF attached.
नियम
इस कार्यक्रम में एक प्रश्न पूछा जाएगा - प्रश्न में हमारे पुराण-पुरुषों का रिश्ता व नाम बताना है। जो रिश्ता उत्तर में आया हो, आपका भी वही रिश्तेदार वहाँ उपस्थित होना चाहिए, तभी आप पुरस्कार के पात्र होंगे। उत्तर देने के बाद उस रिश्ते से क्या सीख मिली, यह भी बताना होगा।
उदाहरण: वे कौन थीं जिन्होंने अपने पति को दोष न देकर धर्म में स्थिर रहने की बात कही? - सीता जी ने रामचन्द्र जी से कहा (पति-पत्नी साथ आयेंगे व इनाम लेंगे)।
प्रश्न
प्रश्न 1. वे कौन थे जिनके पिताजी को केवलज्ञान हुआ और उन्हें स्वयं को चक्र रत्न व पुत्र रत्न की प्राप्ति हुई?
उत्तर: आदिनाथ-भरत (पिता-पुत्र)
प्रश्न 2. वे कौन थी जिन्होंने अपनी सखी का साथ गर्भावस्था के समय जंगल में भी नहीं छोड़ा था?
उत्तर: अंजना-वसंतमाला (सहेली)
प्रश्न 3. वे कौन थे जो अपनी ही बहिन पर मोहित हो गये थे और पता चलने पर दीक्षा धारण की?
उत्तर: कुलभूषण-देशभूषण (भाई)
प्रश्न 4. वे कौन थे जिन्होंने अपनी पुत्री का विवाह एक कोढ़ी व्यक्ति से कर दिया था?
उत्तर: मैनासुन्दरी-राजापुहुपाल (पिता-पुत्री)
प्रश्न 5. वे कौन थी जिन्होंने अपनी बहु को निर्दोष होने पर भी गर्भावस्था में घर से बाहर निकाल दिया?
उत्तर: अंजना-केतुमती (सास-बहू)
प्रश्न 6. वे कौन थीं जिन्होंने बाल्यावस्था में ही आजीवन ब्रह्मचर्य व्रत धारण किया व पिता के बहुत कहने पर भी नहीं छोड़ा?
उत्तर: अनंतमती-प्रियदत्त (पिता-पुत्री)
प्रश्न 7. वे कौन थे जिन्होंने धर्म की रक्षा के लिये भाई को बचाकर अपने प्राणों का बलिदान कर दिया?
उत्तर: अंकलंक-निकलंक (भाई)
प्रश्न 8. वे कौन थे जिन्होंने मुनिराज पर उपसर्ग किया और उनकी पत्नी के समझाने पर उपसर्ग दूर किया?
उत्तर: राजा श्रेणिक-रानी चेलना (पति-पत्नी)
प्रश्न 9. वे कौन थी जिन्होंने इस अवसर्पिणी में सर्वप्रथम अंक विद्या व अक्षर विद्या का ज्ञान लिया और जिन्होंने आजीवन विवाह नहीं. किया?
उत्तर: ब्राह्मी-सुन्दरी (बहिन)
प्रश्न 10. वे कौन थी जिन्होंने अपने पुत्र को बाल्यावस्था की लोरी में ही शुद्धोऽसि बुद्धोऽसि निरंजनोऽसि सिखा दिया था?
उत्तर: कुन्दकुन्द देव-शांतला देवी (बेटा-माँ)
प्रश्न 11. वे कौन थे जो तीर्थंकर होते हुये भी अपने पोते को नहीं समझा सके?
उत्तर: भगवान् आदिनाथ-मरिचि (दादा-पोता)
प्रश्न 12. वे कौन जुड़वा भाई-बहिन जिनके भाई को पूर्व भव का बैरी बचपन में ही उठा ले गया था व बड़े होकर वे अपनी बहिन पर ही मोहित हो गये थे?
उत्तर: भामण्डल-सीता (भाई-बहिन)
प्रश्न 13. वे कौन थे जो अपनी पत्नी के पीछे ससुराल जा रहे थे और साले के मज़ाक करने पर दीक्षा ले ली?
उत्तर: बज़्रबाहु-उदयसुंदर (जीजा-साला)
प्रश्न 14. वे कौन थी जिनको सैनिक हरण करके ले जा रहा था तब शील पर उपसर्ग जानकर माँ के आत्मघात करने पर बेटी ने सम्बोधन किया?
उत्तर: चंदनबाला-मृगांगलेखा (माँ-बेटी)
प्रश्न 15. वे कौन थे जो अपने मित्र को दीक्षा लेने के बाद भी पत्नी की याद करने पर १२ वर्ष तक समझाते रहे?
उत्तर: वारिषेण-पुष्पडाल (मित्र)
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