उत्तम क्षमा धर्म-नाटक (10 dharm natak) - जैन स्वाध्याय सामग्री | Uttam Kshama Dharm-Natak (10 dharm natak)

उत्तम क्षमा धर्म-नाटक (10 dharm natak)

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अनुक्रमणिका

दशलक्षण पर्व के संदर्भ में प्रस्तुत विभिन्न नाटक

“इन नाटकों का मंचन करके ज्ञानसामान्य को धर्म का महत्व बताएँ”

विशेष नोट - इन अंक में दिये गये समस्त नाटक-नाटिकाओं में पति-पत्नी का रोल करते हेतु या तो वास्तविक पति-पत्नी लें अथवा स्त्री-पुरुष का पुरुष-पुरुष से यह रोल करवायें, किन्हीं भी पुरुष-स्त्री को पति-पत्नी का रोल न दें। इसके अतिरिक्त किन्हीं को भी दिगम्बर मुनि-आर्यिका न बनायें, न स्थान पर फोटो का प्रयोग करें एवं पीछे से संवाद बुलवायें।

(1) उत्तम क्षमा धर्म - नाटक

लेखक-ब्रह्मचारिणी आर्यिका चन्दनामती

क्षमा (क्रोध आरम्भ की वैयक्तिक परिणति है और आत्मा आत्मा का स्वाभाविक गुण है। यह प्राणी आत्मा है कि क्रोध स्वभाव का त्याग करने से ही क्षमा गुण प्रकट होता है। क्रोध कषायों में मापी अधिक देर नहीं रह सकता, जबकि क्षमा के साथ दीर्घकाल तक शान्तिपूर्वक जीवन यापन कर सकता है।
अनुकूल परिस्थितियों में क्षमा धर्म का पालन सरल होता है किन्तु प्रतिकूल परिस्थितियों में क्षमा धारण करना बड़ा कठिन होता है। इन्हीं दोनों पर आधारित प्रस्तुत है। (पर्दा उठ गया)
(मंच पर पर्दा खुलता है)
(क्रोध नामक एक व्यक्ति अपने घर में प्रवेश करता है, उसके बच्चे और पत्नी सभी भय से काँपते हुए अपने-अपने काम में लग जाते हैं)
क्रोध – (गुस्से में बड़बड़ाता हुआ) खाना बना मिलेगा या नहीं?
महिला – हाँ, हाँ, अभी लाई भोजन की थाली, सब तैयार है। आप हाथ-मुँह धोकर आसन ग्रहण करें, बस खाना लाती हूँ।
क्रोध – (जोर से) क्या मेरे हाथों में मैल लगा है जो हाथ धोने की आज्ञा दे रही हो, मुझे नहीं धोना हाथ-वौथ।
महिला – जैसी आपकी मर्जी, लीजिए भोजन शुरू करिये (थाली सामने रख देती है)। दाल में नमक बहुत कम है।
क्रोध – (क्रोध में) यह क्या है? दाल में नमक कम है।
महिला – (प्राण सूख रहे हैं) स्वामी! दाल में नमक कम है।
क्रोध – (क्रोध में) यह क्या है? दाल में नमक कम है।
महिला – (प्राण सूख रहे हैं) स्वामी! दाल में नमक कम है।
क्रोध – (प्राण सूख रहे हैं) स्वामी! दाल में नमक कम है।
महिला – (प्राण सूख रहे हैं) स्वामी! दाल में नमक कम है।
क्रोध – (प्राण सूख रहे हैं) स्वामी! दाल में नमक कम है।
क्रोध – (प्राण सूख रहे हैं) स्वामी! दाल में नमक कम है।
क्रोध – (प्राण सूख रहे हैं) स्वामी! दाल में नमक कम है।
क्रोध – (प्राण सूख रहे हैं) स्वामी!

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:paperclip: मूल दस्तावेज़ (PDF): 143.pdf

स्रोत: Gyata संग्रह।

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