जय जिनेन्द्र बोलना चाहिए?

भोजन करते समय या जलपान के समय या मुंह में कुछ खा पी रहे हों तो जय जिनेन्द्र बोलना चाहिए या नहीं ??

2 Likes

तन्मय जी,

आपके प्रश्न नैतिक दर्शन को बहुत लाभकारी हैं।

वैसे तो जय जिनेन्द्र की भावना तो प्रत्येक जीव (अपने अपने भगवान) प्रतिसमय व्यक्ताव्यक्त रूप से भाता है/भाना चाहिए। तो भोजनादि के समय क्यों नहीं।

रही बात बोलने की तो जैन चरणानुयोग में 7 मौन स्थान कहें हैं। उसके अनुसार खाते समय तो बोलना ही नहीं चाहिए।

मुझे तो रास्ते चलते भी बर्दाश्त नहीं है; क्योंकि चलते हुए या तो मैं किसी जीव की रक्षा के विचार से नीचे देख रहा हूँ या किसी आगम-अध्यात्म के विषय पर विचार कर रहा हूँ - दोनों ही परिस्थितियों में मुझे ऊपर देखकर जय जिनेन्द्र ‘बोलना’ फ़िज़ूल ही लगता है। (हाँ, यदि कोई विकथा में हो और आपके जय जिनेन्द्र बोलने से उसे अपने जिनेन्द्र देव की याद दिलाकर स्थितिकरण करने/करवाने/अनुमोदने का प्रसंग बने तो मुझे कोई आपत्ति नहीं है।)

7 Likes

:pray:t2: जय जिनेंद्र,

हम भोजन करते वक्त मौन का पालन करते है और जिनवाणी नुसार भी सभी ने भोजन करते वक्त मौन रखना चाहिये (मौन के 7 स्थान नुसार) सो भोजन करते वक्त जय जिनेंद्र नहीं बोलना अधिक उचित लगता है।

कुछ खाते वक्त भी मौन से खाना ही विवेकपूर्ण है, खाते-खाते बोलने से अन्न मुँह से बाहर उड़ आना, किसी के शरीर पर गिरना या थूक उड़ना आदि असभ्यता भी हो सकती है साथ ही खाते वक्त बोलने से स्वयं के गले में अन्न अटकना, हिचकी लगना, श्वास-नलिका में अन्न-कण जाकर परेशानी होना यह सब असाता भी हो सकती है सो खाते, पीते वक्त मौन रहना ही विवेक लगता है।

Also, जिनालय जी में भी मौन पूर्वक दर्शन, पूजन, स्वाध्याय आदि करना चाहिये। … कुछ साधर्मी परिक्रमा लगाते वक्त / जिनालय जी में प्रवेश करते समय / जिनालय जी से बाहर जाते समय उनके सामने आनेवाले या आस-पास दर्शन, पूजन आदि कर रहे साधर्मियों को जय जिनेंद्र कहकर उन साधर्मियों के दर्शन आदि धर्म-क्रिया में अंतराय ही डालते है ऐसा हमें लगता है। … AND … जिनालय जी में किसी को जय जिनेंद्र बोलने से बहुतांश बार अपना स्वयं का मन भी धर्म-विचारों/भावों से हटकर अन्यत्र चला जाता है।

जिनालय जी में किसी से जय जिनेंद्र आदि कुछ भी नहीं बोलना ही विवेक लगता है। … जिनालय जी के गेट के बाहर आकर जय-जिनेंद्र आदि करना उचित है। … जिनालय जी में मौन ही रखना चाहिये। :pray:t2:

जय जिनेंद्र! :pray:t2:

1 Like