मंगलाचरण - अरहन्त का शरणा जिसको मिले ।

अरहन्त का शरणा जिसको मिले ,
सिद्धों का शरणा जिसको मिले ।
समकित की किरण वो पाता है ।।
सौभाग्य मिला उस चेतन को ।
नरभव को सफल बनाता है ।।

हर गीत सुनाए महिमा तेरी ,
यह विश्व सुने महिमा तेरी ।
मुनियों ने सुनाई गाथा तेरी ,
गुण गान करे कविता मेरी ।।
नतमस्तक जब हम होते हैं -२
चरणों में मन रम जाता है ।।
सौभाग्य मिला उस चेतन को ।
नरभव को सफल बनाता है ।।

पुण्योदय से नर जन्म मिला ,
जिनराज का हरदम साथ मिला ।
ओ सोने वाले जाग जरा ,
तेरी आतम को अवसर ये मिला ।।
जब भेद ज्ञान जीव करता है -२
शिवपुर का सुख पा जाता है ।।
सौभाग्य मिला उस चेतन को ।
नरभव को सफल बनाता है ।।

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