म्हारे आंगण आज आई | Mahre Aangan Aaj Aai

janm
kalyanak
manglacharan
#1

म्हारे आंगण आज आई देखो मंगल घड़ी
मंगल घड़ी आई पावन घड़ी…
म्हारे आंगण आज आई देखो मंगल घड़ी…

  1. मरूदेवी माता जी ललना जायो, तीर्थङ्कर सुत नाभि घर आयो।
    दुल्हन सी आज लागे देखो अयोध्यापुरी…
    म्हारे आंगण आज आईं…मंगल घड़ी रे आई पावन घड़ी

  2. अंतिम जन्म लिया प्रभु तुमने, स्वानुभूति रमणी को वरने। फिर नरकों में भी पलभर देखो शांति पड़ी…
    म्हारे आंगण आज आई…मंगल घड़ी रे आई पावन घड़ी

  3. सुरपति ऐरावत ले आये, शची इन्द्राणी मंगल गीत गाये। कलशा सजा ले आये क्षीर नीर भरी ….
    म्हारे आंगण आज आई…मंगल घड़ी रे आई पावन घड़ी

  4. रत्नमयी पलना में झूले, निज वैभव के रतन न भूले तीर्थेश्वर नाथ महिमा तुमरी जग में बड़ी…
    म्हारे आंगण आज आई…मंगल घड़ी रे आई पावन घड़ी

  5. ज्ञानमात्र का अनुभव करते, परज्ञेयों में जो नहीं रमते।
    दृष्टि सदा निज में थिर रहती ज्ञानमयी…
    म्हारे आंगण आज आई…मंगल घड़ी रे आई पावन घड़ी

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