भवि देखि छवि भगवान की | Bhavi dekhi chavvi bhagwan ki

भवि देखि छवि भगवान की।
सुन्दर सहज सोम आनन्दमय, दाता परम कल्याण की, भवि… ॥ टेक॥

नासादृष्टि मुदित मुखवारिज, सीमा सब उपमान की।
अंग अडोल अचल आसन दिढ़, वही दशा निज ध्यान की ॥१॥भवि. ।।

इस जोगासन जोगरीतिसौं, सिद्धि भई शिवथान की।
ऐसे प्रगट दिखावै मारग, मुद्रा धात पखान की ॥२ ॥भवि. ।।

जिस देखें देखन अभिलाषा, रहत न रंचक आनकी।
तृप्त होत ‘भूधर’ जो अब ये, अंजुलि अमृतपान की ॥३॥भवि.॥

Artist : कविवर पं. भूधरदास जी

Singer: @Samay

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