आत्मा हूँ आत्मा हूँ आत्मा | aatma hun aatma hun aatma

आत्मा हूँ आत्मा हूँ आत्मा।
मैं सदा ज्ञायक-स्वभावी आत्मा… ॥टेक॥

शस्त्र से भी, मैं कभी कटता नहीं।
अग्नि से भी, मैं कभी जलता नहीं ।
जल गलाये तो कभी गलता नहीं। मैं सदा… ॥१॥

चर्म चक्षु से कभी दिखता नहीं।
मूर्ख नर अज्ञान वश जाने नहीं।
ज्ञानियों की साध्य-साधक आत्मा। मैं सदा… ॥२॥

क्रोध माया मान से भी भिन्न हूँ।
लोभ अरु रागादि से भी भिन्न हूँ।
भाव कर्मों से रहित मैं आत्मा। मैं सदा… ॥३॥

गोरा काला जो भी दिखता चाम है।
मोटा पतला होना उसका काम है।
सब शरीरों से रहित मैं आत्मा ॥ मैं सदा… ॥४॥

Singer: @Asmita_Jain

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is there an audio of this bhakti?

@Arun_Jain Ji. Please help us in finding audio of this bhakti

Is there no audio file…

I have the audio but it’s one lengthy file with many bhajans in a single file…Also, I could not see any upload option

@Indira @Ankit_Jain2 @Arun_Jain
The audio has been updated.

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